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व्यापारियों के विरोध पर टली माल रोड की प्रस्तावना

कुलदीप राणा, पालमपुर

उपमंडल प्रशासन की पालमपुर बाजार के कुछ हिस्से को माल रोड घोषित करने की प्रस्तावना को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा है। इसके बाद प्रशासन ने इस बेहतर सुविधा को निरस्त करने का निर्णय लिया है। हालांकि शिमला व सोलन की तर्ज पर पालमपुर में माल रोड बनाने की प्रशासन की कवायद जारी रहेगी। इसके लिए प्रशासन इंतजार करो की योजना पर कार्य कर रहा है।

रविवार से शुरू होने वाली माल रोड की व्यवस्था से पहले ही व्यापारियों ने इसका विरोध किया है। इसे लेकर शनिवार को पालमपुर के सभी व्यावसायिक संस्थान 11 बजे तक बंद रखे गए। उपमंडल प्रशासन ने क्षेत्रवासियों की सुविधा, बुजुर्गाें व बच्चों की बाजार में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अप्पर बाजार को माल रोड घोषित करने की प्रस्तावना तैयार की थी व इसे रविवार से प्रयोग के तौर पर शुरू करने का निर्णय लिया था। हालांकि प्रशासन ने इसे दो दिन पहले शुक्रवार को ही लागू करने का प्रयास किया। इसमें सायं पांच से आठ बजे तक बाजार में किसी भी तरह के वाहनों के प्रवेश पर रोक होनी थी लेकिन शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापारियों की बैठक में एकमत से व्यापारियों ने इस प्रस्तावना को पूरी तरह निरस्त कर दिया। दुकानदारों का तर्क है कि लॉकडाउन से प्रभावित व्यवसाय में इस रोक से अधिक आर्थिक हानि होने का अंदेशा है। इसके साथ ही दुकानों में सामान लाने और ले जाने में यह सुविधा बाधा बनेगी। ऐसे में अब प्रशासन ने माल रोड बनाने के प्रयास फिलहाल स्थगित कर दिए हैं।

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क्या था मामला

उपमंडल प्रशासन ने पालमपुर बाजार में शहरवासियों की सुविधा एवं वाहन रहित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए माल रोड बनाने की योजना दो वर्ष पहले बनाई थी। इसमें वर्तमान एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने रुचि लेते हुए योजना को सिरे चढ़ाने की कवायद शुरू की। यहां तक कि उपमंडल प्रशासन ने स्थानीय दानियों के सहयोग से बाजार में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की योजना को भी अंतिम रूप दे दिया था। इस योजना में बाजार में मात्र पांच से आठ बजे तक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगनी थी, ताकि खरीदारी करने वाले बुजुर्ग व बच्चे भी खौफ रहित खरीदारी कर सकें और बाजार में प्रदूषण भी रुक सके। इस सुविधा के लिए बाहरी ग्राहकों को पार्किंग सुविधा मुहैया करवाने की योजना भी प्रशासन बना चुका था।

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