कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई, ड्यूटी एयरपोर्ट में लगाई

जागरण संवाददाता धर्मशाला ऑनलाइन पढ़ाई के कारण पहले ही शिक्षा विभाग पर कई सवाल खड़

By JagranEdited By: Publish:Thu, 16 Jul 2020 05:00 AM (IST) Updated:Thu, 16 Jul 2020 06:22 AM (IST)
कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई, ड्यूटी एयरपोर्ट में लगाई
कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई, ड्यूटी एयरपोर्ट में लगाई

जागरण संवाददाता, धर्मशाला : ऑनलाइन पढ़ाई के कारण पहले ही शिक्षा विभाग पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब एक बार फिर से विभाग के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। सरकार ऑनलाइन पढ़ाई के लिए दावे कर रही है लेकिन शिक्षकों को नाकों और एयरपोर्ट में तैनात किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि शिक्षकों को ड्यूटी के बाद विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई भी करवानी होगी।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ऑनलाइन पढ़ाई के लिए निरंतर दावे कर रहे हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। 13 जुलाई से प्रदेश में हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने का कार्य शुरू किया गया है, जबकि दूसरी ओर शिक्षा विभाग अध्यापकों को गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट और नाकों पर प्रदेश से बाहर से आने वाले लोगों के प्रवेश की एंट्री करने के लिए नियुक्त कर रहा है। ऐसी स्थिति में अध्यापक ऑनलाइन पढ़ाई कैसे करवाएंगे, यह समझ से परे है। एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की जगह शिक्षकों की तैनाती क्यों की जा रही है। एयरपोर्ट अति संवेदनशील क्षेत्र है जहां देशभर से यहां तक कि विदेशों से भी यात्री पहुंच रहे हैं। ऐसे स्थान पर प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए न कि अन्य कर्मचारियों की।

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तीन शिफ्ट में होगी ड्यूटी

अध्यापकों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। सुबह का सत्र आठ से दोपहर दो बजे तक। इसके बाद दोपहर दो से सायं आठ बजे तक और रात आठ से सुबह आठ बजे तक अध्यापक ड्यूटी देंगे। छह घंटे डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में सेवाएं देने के बाद अध्यापन कार्य के बारे में सोचना भी उनके लिए मुश्किल हो जाएगा।

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कोरोना काल में सभी को सहयोग देना चाहिए, लेकिन अध्यापकों की ड्यूटी लगाना सही नहीं है। पहले ही ऑनलाइन पढ़ाई सही नहीं चल रही है और अब ड्यूटी लगने से पढ़ाई और अधिक प्रभावित होगी।

-नरेश शर्मा, जिला अध्यक्ष राजकीय अध्यापक संघ कांगड़ा।

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अध्यापकों की एयरपोर्ट व बैरियरों में ड्यूटी लगाना तर्कसंगत नहीं है। अगर ड्यूटी लगानी बहुत जरूरी है तो उनसे अध्यापन कार्य बंद करवाया जाए। यह संभव नहीं है, क्योंकि इसका असर विद्यार्थियों के भविष्य एवं पाठ्यक्रम पर पड़ेगा।

चमन लाल, प्रदेशाध्यक्ष सीएंडवी शिक्षक संघ।

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शिक्षकों की एयरपोर्ट व बैरियरों में ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन उन्हें अभी तक अध्यापन कार्य भी करवाना होगा। उच्चाधिकारियों व प्रशासन के समक्ष बात रखी गई है कि ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों से एक समय में एक ही काम करवाया जाए।

-राजकुमार, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग, कांगड़ा

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