भरमौर की सांस्कृति व चंबा के नृत्य से मोहा मन

हिमालयन मोनाल नेशनल एयरो फेस्ट प्रतियोगिता के दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम में भरमौर व चंबा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति देकर लोगों का मनोरंजन किया गया।

JagranPublish:Sat, 27 Nov 2021 06:08 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 06:08 PM (IST)
भरमौर की सांस्कृति व चंबा के नृत्य से मोहा मन
भरमौर की सांस्कृति व चंबा के नृत्य से मोहा मन

जागरण संवाददाता, चंबा : हिमालयन मोनाल नेशनल एयरो फेस्ट प्रतियोगिता के दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम में भरमौर व चंबा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति देकर लोगों का मनोरंजन किया गया। भरमौर के कलाकारों द्वारा ऐंचली की प्रस्तुति देकर पंडाल को शिव रस से सराबोर किया। ऐंचली की प्रस्तुति के बाद लियूल संगम सांस्कृतिक दल लाहुल के कलाकारों ने दर्शकों को लाहुली संस्कृति से रूबरू करवाते हुए मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। चंबा के कलाकारों ने गोजरी नृत्य की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने लाठी के सहारे नृत्य किया। इसके बाद साहो की टीम ने हणातर की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोहा।

जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा ने बताया कि हिमालयन मोनाल नेशनल एयरोफेस्ट 2021 का तीसरा सांस्कृतिक कार्यक्रम रविवार को होगा। इसकी शुरुआत पारंपरिक मुसादा गायन से होगी। इसके बाद भरमौर का डंडारस, गदियाली नृत्य और हरणातर की प्रस्तुतियां प्रमुख रहेंगी।

एसडीएम चंबा नवीन तंवर ने बताया कि प्रतियोगिता में पैराग्लाइडिग, एक्रोबैटिक पैराग्लाइडिग शो, आरसी पैरामोटर शो और आरसी ड्रोन शो भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतिस्पर्धाओं में 15 राज्यों से लगभग 100 के करीब प्रतिभागियों संग भारतीय थल सेना और भारतीय वायु सेना के दल भी शामिल हैं। राष्ट्रस्तरीय पैराग्लाइडिग प्रतियोगिता के आयोजन से न केवल अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों को यहां के नैसर्गिक सौंदर्य और कला संस्कृति के दीदार का अवसर उपलब्ध होगा, साथ ही स्थानीय युवाओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैराग्लाइडिग में अपनी पहचान बना चुके पायलटों से सीधे संवाद का मौका मिलेगा।