मौसम : अप्रैल में दिसंबर जैसा अहसास

मौसम : अप्रैल में दिसंबर जैसा अहसास

दो दिन से पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व मैदानों में बारिश से अप्रैल में दिसंबर जैसा अहसास होने लगा है।

JagranThu, 22 Apr 2021 04:54 AM (IST)

संवाद सहयोगी, चंबा : दो दिन से पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व मैदानों में बारिश से अप्रैल में दिसंबर जैसा अहसास होने लगा है। ऊंचाई के साथ मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक बर्फबारी पहुंच गई है, साथ ही दो दिन से हो रही बारिश से खेत खलिहान भी पूरी तरह से तर हो गए हैं। किसानों-बागवानों की चिता बढ़ गई है। उधर बारिश व बर्फबारी से एक बार फिर से ठंड लौट आई है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपडे़ निकाल लिए हैं। चंबा के चुवाड़ी व सिहुंता क्षेत्र के किसान काफी परेशान हैं। यहां गेहूं की फसल काटी जा रही है। अगर बारिश होती रही तो फसल खराब हो जाएगी। इसके अलावा जिला के भरमौर पांगी, सलूणी, चुराह, खजियार डलहौजी व हिमगिरि जैसे माध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसान व बागवान भी खासे चिंतित हैं। बुधवार को दिन में भी इन क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने लगी थी, अगर इन क्षेत्रों में दो से तीन इंच तक बर्फबारी भी हो जाती है तो फलों व फसलों को काफी नुकसान होगा।

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19 हजार हेक्टेयर में होती है गेहूं की फसल

कृषि विभाग के अनुसार चंबा में 19 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की जाती है जिसमें 35 से 37 टन गेहूं का उत्पादन होता है। पिछले वर्ष की बात करें तो चंबा में 36 हजार टन गेहूं का उत्पादन हुआ था। कृषि विशेषज्ञों ने इस बार भी चंबा में 36 हजार टन तक गेहूं उत्पादन की उम्मीद जताई है लेकिन पहले सूखे की मार और पकने के समय हो रही लगातार बारिश उत्पादन में गिरावट ला सकती है।

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चंबा में 11 हजार हेक्टेयर में सेब की फसल होती है, जिसमें हर वर्ष 31 हजार से अधिक टन उत्पादन संभावित होता है। इस बार सर्दी के दिनों में बारिश व बर्फबारी कम होने से पुरानी किस्म के सेब के चिलिग ऑवर पूरे नहीं हो पाए हैं और अब अप्रैल के अंत में हो रही बर्फबारी इसके लिए नुकसानदायक बन सकती है।

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बारिश से फलों को अधिक नुकसान नहीं होता है लेकिन बर्फबारी व ओलावृष्टि होने पर अधिक नुकसान की संभावना है। अप्रैल माह में माध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंची बर्फबारी सेब सहित अन्य फलों को नुकसान दे सकती है।

-सुशील अवस्थी, उपनिदेशक बागवानी विभाग

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जिन क्षेत्रों में गेहूं की फसल पक चुकी है, वहां पर बारिश से नुकसान होगा। जिन क्षेत्रों में फसल अभी हरी है, वहां बारिश से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वहीं आलू, प्याज, लहसुन व सब्जियों के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी।

-कुलदीप धीमान, उपनिदेशक कृषि विभाग चंबा

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