मोरठू पंचायत के भाटी गांव में पेयजल संकट

मोरठू पंचायत के भाटी गांव में पेयजल संकट

एक ओर सरकार गांवों को सुविधाओं से जोड़ने का दावा करती है वहीं जमीन पर यह दावा फेल होता दिखाई देता है।

JagranSun, 18 Apr 2021 04:19 AM (IST)

संवाद सहयोगी, चुवाड़ी : एक ओर सरकार गांवों को सुविधाओं से जोड़ने का दावा करती है वहीं जमीन पर यह दावा फेल होता दिखाई देता है। सच्चाई यह कि आजादी के 74 साल गुजर जाने के बाद भी दूरदराज के गांवों के लोगों को पीने का पानी तक नहीं रहा है।

भटियात उपमंडल की मोरठू पंचायत का भाटी गांव आज भी पेयजल किल्लत झेल रहा है। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी भटियात विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोरठू के भाटी गांव में कुछ परिवार आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। भाटी के साथ लगते कुछ गांवों में भी पानी की दिक्कत देखने को मिलती है।

भाटी गांव के लोग आज भी कोई समारोह होने पर पीने का पानी सिर पर या घोड़ों के माध्यम से ढोने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक किलोमीटर दूर से पानी लाने के लिए घोड़ों के उन्हें 150 रुपये तक देने पड़ते हैं।

यहां की अधिकांश आबादी रोजी-रोटी के लिए मजदूरी या कृषि पर निर्भर हैं। जब भी गांव में कोई समारोह होता है तो पानी की पर्याप्त आपूर्ति की गुहार लगाई जाती है लेकिन इसके बावजूद भी पानी की आपूर्ति सही ढंग से नहीं होती है। ऐसे ही एक स्थानीय निवासी को अपने घर में खच्चरों के माध्यम से पानी ढुलवाना पड़ा।

लोगों का कहना है कि आज भले ही सरकारों की ओर से लोगों को सुविधाएं प्रदान किए जाने की बात कही जा रही हो लेकिन इसके विपरीत उनके गांव की पानी की किल्लत का समाधान आज दिन तक नहीं किया गया है।

इस संदर्भ में जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता राजेश्वर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वह सोमवार को स्वयं मौके पर जाकर मामले की जांच करके आगामी कार्रवाई अमल में लाएंगे। लोगों को पानी से संबंधित समस्या पेश आती है तो सीधे विभागीय अधिकारियों के साथ संपर्क करें।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.