350 मरीजों की जांच, 36 को मिला मधुमेह

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : सिविल अस्पताल में राष्ट्रीय मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में कैंप लगाया गया है। उसमें मरीजों से मधुमेह की बीमारी और बचाव की जानकारी दी गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने कहा कि मुंह का खुश्क रहना, अत्याधिक प्यास लगना, भूख अधिक लगना, अधिक भोजन करने पर भी दुर्बल होते जाना, मूत्र बार-बार एवं अधिक मात्रा में होना तथा मूत्र त्यागने के स्थान पर चीटियां लगना, चोट लग जाने पर घाव जल्दी न भरना, नेत्र ज्योति बिना किसी कारण के कम होना मधुमेह के सामान्य लक्षण है। इससे बचाव के लिए मधुमेह रोगियों को अपने शरीर के वजन और रक्तचाप पर ध्यान रखना चाहिए। मधुमेह के रोगी को अपने शरीर में कोलस्ट्रोल और चर्बी को बढ़ने नहीं देना चाहिए। यदि रोगी सही आहार ले, तो भी 30 प्रतिशत तक मधुमेह नियंत्रण हो सकता है। खाने में कम तेल में सब्जियों को पकाना चाहिए। हरी तथा पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना अधिक लाभदायक है।

कैंप के दौरान 350 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया। संभावित 85 लोगों की जांच की गई। इनमें 36 को मधुमेह मिला। इस वर्ष में सिविल अस्पताल में 95548 की जांच की गई। इसमें 4550 संदिग्ध मरीज मिले। इस मौके पर डॉ. अनुज कांबोज, डॉ. मीनू कम्बोज, बोबेश पंजेटा, शिल्पा पुनयानी, दीप्ती, मितलेश, रजनी, हरपाल सिंह, मितरपाल आदि भी मौजूद रहे।

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