खालसा शिक्षण संस्थाओं के संरक्षक व समाजसेवी भूपेंद्र सिंह का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

गुरु नानक खालसा शिक्षण संस्थानों के संरक्षक जमना आटो के संचालक एवं समाज सेवी सरदार भूपेंद्र सिंह जौहर का शनिवार को मेंदाता अस्पताल गुरुग्राम में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। सिने में दर्द के चलते चार दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से न केवल खालसा शिक्षण संस्थाओं बल्कि जो शहरवासी उनसे जुड़े थे उनमें भी शोक की लहर दौड़ पड़ी।

JagranSun, 01 Aug 2021 07:07 AM (IST)
खालसा शिक्षण संस्थाओं के संरक्षक व समाजसेवी भूपेंद्र सिंह का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : गुरु नानक खालसा शिक्षण संस्थानों के संरक्षक, जमना आटो के संचालक एवं समाज सेवी सरदार भूपेंद्र सिंह जौहर का शनिवार को मेंदाता अस्पताल गुरुग्राम में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। सिने में दर्द के चलते चार दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से न केवल खालसा शिक्षण संस्थाओं बल्कि जो शहरवासी उनसे जुड़े थे उनमें भी शोक की लहर दौड़ पड़ी। शनिवार देर शाम उनका पार्थिव शरीर शहर के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जमना आटो के पास स्थित उनके घर पर पहुंचा। पारिवार के सदस्यों का कहना है कि उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह किया जाएगा। हिसार के मंगाली में हुआ था जन्म :

भूपेंद्र सिंह जौहर का जन्म 13 फरवरी 1933 में जिला हिसार के गांव मंगाली में हुआ था। उनके पिता का नाम सरदार शमशेर सिंह जौहर व मां का नाम देवकी सरदारनी देवकी कौर था। उनके परिवार में पत्नी सरदारनी खेम कौर जौहर, बेटी किरण कौर, गुरुप्रीत कौर, बेटा रणदीप सिंह जौहर व प्रदीप सिंह जौहर हैं। उनके पिता भारतीय सेना में थे। उनकी ट्रांसफर के दौरान ही भूपेंद्र सिंह जौहर परिवार के साथ यमुनानगर में आ गए थे। इन्हीं की इंडस्ट्री से बना था कमानी चौक :

शहर का सबसे प्रसिद्ध कमानी चौक जो अब महाराणा प्रताप चौक के नाम से जाना जाता है वह भूपेंद जौहर की जमुना आटो इंडस्ट्री की वजह से ही अस्तित्व में आया था। दरअसल

यमुनानगर आने के बाद भूपेंद्र सिंह जौहर ने जमना आटो की बहुत छोटे स्तर पर शुरुआत की थी। उन्होंने अपनी परिश्रम व दूरदर्शिता से जमना आटो इंडस्ट्रीज ने विश्व में अपना महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। जमना आटो में बनी कमानी विश्व स्तरीय गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। इसलिए यमुनानगर के कमानी चौक का नामकरण भी जमना आटो इंडस्ट्री के उत्कृष्ट उत्पाद कमानी के कारण ही रखा गया था। चौक पर कमानियां लगाई गई थी। बाद में नगर निगम ने इस चौक का प्रस्ताव पास कर महाराणा प्रताप चौक रख दिया। खालसा कालेज को बुलंदियों पर पहुंचाया :

वर्ष 1968 में स्थापित गुरु नानक खालसा कालेज जब 1973 में संकट के दौर से गुजर रहा था। उस समय सरदार भूपेंद्र सिंह जौहर ने इसकी कमान संभाल कर न केवल कालेज को बुलंदियों तक पहुंचाया बल्कि तीन और खालसा संस्थानों की स्थापना की। इसके अलावा जौहर समाज की अनेक शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व अन्य संस्थाओं से भी जुड़े हुए थे। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने लोगों की बहुत मदद की। जरूरतमंद लोगों को राशन, भोजन, सैनिटाइजर भेंट किए। सरदार भूपेंद्र सिंह जौहर के निधन पर विभिन्न संगठनों ने शोक व्यक्त किया।

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