कलानौर-पंचकूला बाईपास का दो साल में ही निकला दम

कलानौर-पंचकूला बाईपास का दो साल में ही निकला दम

कलानौर-पंचकूला बाईपास को बने दो साल ही हुए हैं परंतु अभी से इसका दम निकल गया है। बाईपास कई जगहों से टूट कर बिखर गया है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी की तरफ से डैमेज सड़क को मशीन से उखाड़ा गया था। परंतु कई दिन बीतने के बाद भी सड़क को अभी तक ठीक नहीं किया गया।

JagranWed, 21 Apr 2021 05:25 AM (IST)

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : कलानौर-पंचकूला बाईपास को बने दो साल ही हुए हैं, परंतु अभी से इसका दम निकल गया है। बाईपास कई जगहों से टूट कर बिखर गया है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी की तरफ से डैमेज सड़क को मशीन से उखाड़ा गया था। परंतु कई दिन बीतने के बाद भी सड़क को अभी तक ठीक नहीं किया गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालकों का इससे गुजरना मुश्किल हो गया है। क्षतिग्रस्त हिस्से से बचने के लिए वाहन चालक दूसरी लेन में चलते हैं। एक ही लेन में वाहनों की संख्या अधिक होने से हर समय हादसा होने का खतरा रहता है। परंतु अधिकारियों का ध्यान इस तरफ बिल्कुल भी नहीं है। न तो क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराने को लेकर कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही इतनी जल्दी हाईवे के क्षतिग्रस्त होने बारे कुछ किया गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात को

टूटे बाईपास पर चलने में सबसे ज्यादा दिक्कत रात के समय होती है। क्योंकि सारे बाईपास पर रात को अंधेरा रहता है। क्षतिग्रस्त हिस्से को मशीन की मदद से उखाड़ दिया गया है। जैसे ही कोई वाहन अचानक टूटे हिस्से पर चलता है तो ऐसा लगता है जैसे टायरों में पंक्चर हो गया हो। जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाता है। बड़ी मुश्किल से खुद को संभालते हुए चालक वाहन को सड़क के दूसरी तरफ ले जाता है। बाईपास पर पहले ही वाहन तेज गति से चलते हैं। ऐसे में जब वाहन दूसरी लेन में जाता है तो आपस में भिड़ने से वाहन बाल-बाल बचते हैं। करीब 100 जगह से क्षतिग्रस्त है हाईवे

वर्ष 2012-13 में कलानौर से लेकर पंचकूला तक हाईवे निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों को 600 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया था। कलानौर से लेकर पंचकूला तक हाईवे की लंबाई करीब 105 किलोमीटर है। एनएच-73 कलानौर से पंचकूला तक हाईवे हरियाणा ही नहीं, बल्कि कई पड़ोसी राज्यों की भी लाइफलाइन है। कई राज्यों को बाईपास पवित्र नगरी हरिद्वार से भी जोड़ता है। करीब दो साल पहले यह शुरू हुआ था। यमुनानगर से लेकर अंबाला के दोसड़कां तक करीब 100 जगहों से यह क्षतिग्रस्त हो गया है। दो दिन में काम शुरू हो जाएगा : हरमीश सिंह

एनएचएआइ के कंसलटेंट हरमीश सिंह ने बताया कि जिस कंपनी ने इसे बनाया था, अभी उसे ही इसे ठीक करने की जिम्मेदारी है। बाईपास में कई जगहों पर डिफेक्ट आ गया था। जिस पर अब नए सिरे से मिक्सचर डाल कर इसे ठीक किया जाना है। इस बारे में कंपनी को कई बार पत्र लिख चुके हैं। मंगलवार को भी पत्र जारी किया गया। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मरम्मत के लिए मिक्सचर नहीं मिल रहा था। दो दिन में इसका काम शुरू हो जाएगा।

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