शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु, जगह-जगह हुआ स्वागत

महर्षि वाल्मीकी जयंती के उपलक्ष्य में वाल्मीकि सभा बिलासपुर की ओर से भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ युवा समाज सेवी कुलदीप जोनी सिगला ने रिबन काट कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान विकास बाबू ने की। शोभा यात्रा में महर्षि वाल्मीकि लव कुशभगवान राम दरबार व भगवान शिव की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।

JagranWed, 20 Oct 2021 08:05 AM (IST)
शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु, जगह-जगह हुआ स्वागत

संवाद सहयोगी, बिलासपुर : महर्षि वाल्मीकी जयंती के उपलक्ष्य में वाल्मीकि सभा बिलासपुर की ओर से भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ युवा समाज सेवी कुलदीप जोनी सिगला ने रिबन काट कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान विकास बाबू ने की। शोभा यात्रा में महर्षि वाल्मीकि, लव कुश,भगवान राम दरबार व भगवान शिव की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।

सिगला ने कहा कि वास्तव में महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें बुरे मार्ग से सही मार्ग पर आने की प्रेरणा देता है। यदि हम अपने जीवन को बदलने की ठान लें तो फिर हमें अपने जीवन को सफल बनाने से कोई बुराई नहीं रोक सकती। महर्षि वाल्मीकि प्रथम कवि थे जिसने प्रथम श्लोक की खोज की। महर्षि वाल्मीकी भारत के प्राचीन काल के महानतम कवियों में से एक थे। महर्षि वाल्मीकी ने समाज में संदेश दिया कि मानव सच्चाई के रास्ते पर चलकर ही महापुरुष बन सकता है। सच्चाई सत्कर्म को प्रेरित करती है। शोभा यात्रा मंदिर प्रांगण से आरंभ होकर मुख्य बाजार ,अग्रसैन चौक, शिव चौक, कपाल मोचन मार्ग ,छोटा बस स्टैंड से होते हुए मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। विकास ने बताया कि बुधवार को मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मौके पर नरेंद्र बिल्लू, साहिल गुज्जर, अभिषेक, कंवर पाल, दर्शन लाल, विक्की, विक्रम, विशाल, हन्नी,आर्यन उपस्थित थे। जागरण संवाददाता, जगाधरी : सेंट लारेंस इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को मां सरस्वती के मंदिर स्थापना दिवस पर संकीर्तन व भंडारा आयोजित किया गया। मुख्य यजमान प्रबंधक निदेशक डा. एमके सहगल, चेयरपर्सन डा. रजनी सहगल व स्वरांजलि ने मंत्रोच्चारण किया व पुष्पांजलि मां सरस्वती के चरणों में भेंट की। पूज्य देवियों की अराधना करते हुए भजन व गीत सुनाए गए। शब्द झंकार व वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से कूल का प्रांगण मनोहरम हो गया। विद्यार्थी, शिक्षक व पदाधिकारी मंत्रमुग्ध हो गए। डा. एमके सहगल ने कहा कि मां सरस्वती विद्या व संगीत की देवी है। प्रकृति के कण-कण में संगीत विद्यमान है। डा. रजनी सहगल ने कहा कि मंदिर के स्थापना दिवस पर हर वर्ष हवन, संकीर्तन व भंडारे का आयोजन विद्यालय के लिए सौभाग्य की बात है। मौके पर नमन सहगल, स्वप्राणश अरोड़ा, रमन खन्ना, प्रिसिपल रविद्र सिंह, गगन बजाज व विद्यार्थी थे।

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