श्रद्धालुओं ने नाच गाकर मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

श्रीलाल द्वारा मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।श्रद्धालुओं ने नाच गाकर इसे उत्सव के रूप में मनाया। गुरु महोत्सव को लेकर मंदिर को खूब सजाया संवारा गया।

JagranSun, 25 Jul 2021 08:11 AM (IST)
श्रद्धालुओं ने नाच गाकर मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : श्रीलाल द्वारा मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।श्रद्धालुओं ने नाच गाकर इसे उत्सव के रूप में मनाया। गुरु महोत्सव को लेकर मंदिर को खूब सजाया संवारा गया। सुबह हवन यज्ञ का आयोजन हुआ जिसमें पंडित गोपाल ने मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ में आहुतियां डलवाई। यज्ञ में मुख्य यजमान के तौर पर निर्देश एवं राजकुमार वर्मा तथा जनक रानी एवं विजय शर्मा शामिल हुए। इसके बाद झंडे की रस्म अदा की गई। श्रद्धालुओं हो महिला मंडलियों के साथ- साथ कई भजनिकों ने अपने भजनों से निहाल किया।इस दौरान श्रद्धालु भजनों पर इतने मग्न हुए की झूमने पर मजबूर हो गए। श्रद्धालुओं ने नाच गाकर गुरु महोत्सव को उत्सव के रूप में मनाया।

श्रीलाल द्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सतपाल अरोड़ा व महासचिव सुरजीत मेहता ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जिसकी गुरु पर श्रद्धा है, उसका बेड़ा पार सुनिश्चित है। गुरु के बिना कोई गति नहीं। क्योंकि गुरु ही शिष्य के अहंकार को समाप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि संत तो प्रहरी की तरह लोगों को जगाकर अंधकार को दूर भगाते हैं। मौके पर सतपाल अरोड़ा, रमेश मेहता, केवल लूथड़ा, सुदर्शन एरी, देवेंद्र मेहता, आरके वोहरा, सोनू मेहता, देवेंद्र मल्होत्रा, सुरेंद्र लूथड़ा, अशोक भाटिया, प्रदीप चड्डा, संदीप वधवा, दीपक अरोड़ा मुख्य रूप से उपस्थित थे। जगाधरी (वि.) : गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कविता वाचन, कार्ड बनाना, दोहा वाचन और विभिन्न आकृतियां बनाना आदि प्रतियोगिताएं हुई। विद्यार्थियों ने कार्ड बनाकर ,कविता वाचन दोहा वाचन और विभिन्न चित्र बनाकर अपने गुरुजनों के प्रति आदर और सम्मान प्रकट किया। कक्षा छठी व आठवीं के विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर कविता वाचन, भाषण तथा प्रार्थना आदि का भी आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य सुमित जिदल बताया कि वर्तमान समय में बच्चे अपनी सभ्यता व संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। बच्चे अपनी सभ्यता व संस्कृति से जुड़े रहें, इसी उद्देश्य को लेकर विद्यालय में विभिन्न सामाजिक , सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन समय-समय पर विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है।

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