पांच साल में 105 करोड़ रुपये से हुआ बिलासपुर का विकास

व्यासपुर से बिलासपुर के नाम से पहचान रखने वाले बिलासपुर को जब से उपमंडल का दर्जा मिला है तब से अब तक यहां करोड़ों रुपये के काम हुए हैं। यहां पर एसडीएम डीएसपी मिनी न्यायाल रेस्ट हाउस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस स्टैंड पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस राजकीय कालेज पुलिस थाना डीएसपी पावर हाउस डाकघर तहसील की सुविधा है। मिनी न्यायालय व मिनी सचिवालय का नया भवन जगाधरी मार्ग पर बन चुका है।

JagranWed, 22 Sep 2021 05:45 AM (IST)
पांच साल में 105 करोड़ रुपये से हुआ बिलासपुर का विकास

फोटो : 27 28 29 30 31 गांव की स्थायी आबादी : 13515 वोट : 7910 साक्षरता दर : 72.5 फीसद सरकारी नौकरी में करीब : 117 से अधिक जागरण संवाददाता, यमुनानगर : व्यासपुर से बिलासपुर के नाम से पहचान रखने वाले बिलासपुर को जब से उपमंडल का दर्जा मिला है तब से अब तक यहां करोड़ों रुपये के काम हुए हैं। यहां पर एसडीएम, डीएसपी, मिनी न्यायाल, रेस्ट हाउस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बस स्टैंड, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, राजकीय कालेज, पुलिस थाना, डीएसपी, पावर हाउस, डाकघर, तहसील की सुविधा है। मिनी न्यायालय व मिनी सचिवालय का नया भवन जगाधरी मार्ग पर बन चुका है। उद्घाटन होते ही यह जनता को समर्पित होंगे। कस्बा में एक-दो नहीं बल्कि तीन राजकीय स्कूल है। राजकीय आदर्श संस्कृति सीसे स्कूल को हाल ही में प्रदेश सरकार ने सीबीएसई से मान्यता दी है। गांव का इतिहास व खासियत : बिलासपुर गुरुओं व महापुरुषों की धरती रहा है। गांव में ही महर्षि वेदव्यास ने वेदों की रचना की थी। इसलिए इसका नाम पहले व्यासपुर था। वक्त बीतने के साथ ही लोग व्यासपुर को बिलासपुर कहने लगे। गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर कपालमोचन भी बिलासपुर का ही हिस्सा है। कपालमोचन में हर साल गुरु नानक देव जयंती के उपलक्ष्य में राज्यस्तरीय मेला लगता है। जिसमें लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। गुरु गोबिद सिंह ने भी यहां 51 दिनों तक विश्राम किया था। इतना ही नहीं भगवान शिव को जब ब्रह्म हत्या का दोष लगा था तो उन्होंने इससे मुक्तिपाल पाने के लिए कपालमोचन सरोवर में स्नान किया था। वहीं सरस्वती नदी भी बिलासपुर से ही बहकर आगे निकलती है। सरकार ने कराए 100 करोड़ से अधिक के काम : ग्राम पंचायत बिलासपुर के निवर्तमान सरपंच चंद्रमोहन कटारिया ने अपने पांच साल के कार्यकाल में साढ़े चार करोड़ रुपये से अधिक के काम गांव में कराए हैं। जबकि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के काम मनोहर लाल की सरकार करवा चुकी है। पंचायत ने पांच साल में करीब 225 गलियों का निर्माण कराया। जो कालोनियां कई सालों से सुविधाओं को तरस रही थी उनमें लगभग सभी गलियां पक्की करवाई। पानी की पाइप लाइन डलवाई गई। छोटा बस स्टैंड पर आंबेडकर भवन का निर्माण कराया। इसे पूरा कराने के लिए सरकार से ओर ग्रांट मांगी गई है। इसी तरह खेड़ा मंदिर में लंगर हाल, रघुनाथ मंदिर हॉल, वैश्य धर्मशाला, सरस्वती नदी के तट पर स्थित अजात आश्रम, कपाल मोचन में लाखों रुपये से काम कराए। फोटो : पंचायत ने बहुत काम कराया : राजू बिद्रा कस्बा निवासी राजू बिद्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत ने कस्बा में करोड़ों रुपये से बहुत विकास कार्य कराए हैं। आज लगभग सभी गलियां पक्की बन चुकी हैं। सीवरेज लाइन भी मंजूर हो चुकी है। जिसका काम जल्द शुरू हो जाएगा। सरपंच चंद्रमोहन कटारिया की छवि बेदाग रही। उनके द्वारा कराए गए कार्यों से सभी खुश हैं। फोटो : मिनी सचिवालय से होगा फायदा : राकेश बेदी कस्बा के राकेश बेदी का कहना है कि ग्राम पंचायत ने जितने काम पांच साल में करवाए हैं उतने पहले कभी नहीं हुए। परंतु अभी यहां पार्क व खेल स्टेडियम की बहुत जरूरत है। जब मिनी सचिवालय शुरू हो जाएगा तो लोगों को सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलने लगेंगी। फोटो : एक समान कार्य कराए : चंद्रमोहन बिलासपुर के निवर्तमान सरपंच चंद्रमोहन कटारिया का कहना है कि अपनी तरफ से जितना हो सका पूरी पंचायत के सहयोग से कस्बा में ज्यादा से ज्यादा काम करवाए। बहुत से कार्यों के प्रस्ताव भी पास किए हुए हैं। जो आगामी पंचायत में पूरे हो जाएंगे। कस्बा में हादसों में कमी आए इसके लिए शिव चौक से तहसील भवन तक सड़क के बीच में डिवाइडर बनवाने, स्टेडियम निर्माण व सीसीटीवी लगवाने की सरकार से मांग की गई है।

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