इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित किए जाने की मांग, व्यापारियों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

जगाधरी शहर को इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित किए जाने की मांग को लेकर व्यापारियों ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। साथ ही व्यापारियों को आ रही दिक्कतों से भी रूबरू करवाया। व्यापारियों ने कहा कि जगाधरी शहर को इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित करने को लेकर बहुत लंबे समय से सभी व्यापारी मांग करते रहे हैं।

JagranWed, 01 Dec 2021 09:25 PM (IST)
इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित किए जाने की मांग, व्यापारियों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

जगाधरी शहर को इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित किए जाने की मांग को लेकर व्यापारियों ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। साथ ही व्यापारियों को आ रही दिक्कतों से भी रूबरू करवाया। व्यापारियों ने कहा कि जगाधरी शहर को इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित करने को लेकर बहुत लंबे समय से सभी व्यापारी मांग करते रहे हैं।

इसी कड़ी में उद्योग एवं कामर्स विभाग हरियाणा के महानिदेशक साकेत कुमार भी शहर का जायजा ले चुके हैं। बता दें कि जगाधरी में 853 छोटी-बड़ी औद्योगिक ईकाइयां हैं, जो धातु नगरी जगाधरी में काफी समय से चल रही है।

महानिदेशक कर चुके व्यापारियों से चर्चा

उद्योग एवं कामर्स विभाग हरियाणा के महानिदेशक साकेत कुमार ने गत दिनों औद्योगिक ईकाइयों के संचालकों, उद्योगों से जुड़ी एसोसिएशनों के पदाधिकारियों व उद्योग केंद्रों के अधिकारियों की बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने उद्योग-व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर गहनता से विचार विमर्श किया। औद्योगिक संचालकों से उनकी समस्याएं हल करने पर भी चर्चा की। संचालकों ने उनका अवगत कराया कि जगाधरी की इंडस्ट्री को शिफ्ट करना मुमकिन नहीं है। इसका एक मात्र हल है कि जगाधरी को इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित कर दिया जाए। इंडस्ट्री को यहां से शिफ्ट किया गया तो व्यापार खत्म हो जाएगा

यमुनानगर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रधान रमन सलूजा, प्रधान ईश आनंद, सचिव विभोर पाहुजा, हरियाणा चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रधान राज चावला, महासचिव सुमीत गुप्ता, कोषाध्यक्ष अदित्य चावला, सचिव चिराग विनायक,कापर एंड ब्रास एसोशिएशन के प्रधान अश्वनी गोयल, इंवायरमैंट एंड मैटल मैल्टिग सोसाइटी के प्रधान एपीएस भट्टी, लघु उद्योग भारतीय के प्रधान जीएस चावला, मानकपुर मैन्युफैक्चर्र एसोशिएसन के प्रधान पवन सोनी, जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चर्र से सजल जैन बताते है कि 150 साल पहले बूड़िया के राजा रतन अनमोल ने जगाधरी में हाथ से बर्तन बनाने का काम शुरू करवाया था। व्यापारियों ने खूब मेहनत की। जिस कारण व्यापार बुलंद होने लगा। दूसरे राज्यों के लोग यहां पर काम करने के लिए आने लगे। धीरे- धीरे यह बड़ी इंडस्ट्री स्थापित हो गई। अब जगाधरी को मेटल नगरी के नाम से जाना जाने लगा है। इतिहास में मेटल नगरी जगाधरी की कहानी है। पुराना जगाधरी 392 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें हनुमान गेट, कल्याण नगर, शांति कालोनी, मुखर्जी पार्क, प्रकाश चौक, जडौदा, दुर्गा गार्डन गौरी शंकर मंदिर का क्षेत्र आता है। व्यापारियों के मुताबिक इस क्षेत्र में 70 फीसदी से भी ज्यादा में मेटल ईकाइयां है। अधिकतर लोग अपने घरों में काम करते हैं। शहर के अंदर ज्यादा इस व्यापार से जुडुे लोग रहते हैं। छोटी बड़ी इकाइयों से पांच हजार टन माल बनता है। देश के अलग अगल हिस्सों में जाता है। यदि इंडस्ट्री को यहां से शिफ्ट किया गया तो व्यापार खत्म हो जाएगा। इससे जगाधरी की पहचान खत्म हो जाएगी। इस इंडस्ट्री से दो लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए है। इस व्यापार को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए इस व्यापार को यहीं पर बढ़ावा दिया जाए। डीसी ने उनको समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

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