नहर में डूबे सतविद्र व गोताखोर सुरेंद्र के शव इंद्री के पास मिले

हमीदा हेड पर पश्चिमी यमुना नहर में डूबे आदर्शनगर कैंप निवासी 38 वर्षीय सतविद्र सिंह व गोताखोर 38 वर्षीय सुरेंद्र के शव मंगलवार को नहर से मिल गए। दोनों के शव बहकर करनाल के इंद्री में चले गए थे। जहां एक का शव करनाल के बरसोवा गांव के पास से मिला तो दूसरे का शव नीलोखेड़ी के पास से मिला। गोताखोरों ने दोनों के शवों को बाहर निकाला। हमीदा चौकी इंचार्ज सतपाल ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

JagranWed, 22 Sep 2021 07:05 AM (IST)
नहर में डूबे सतविद्र व गोताखोर सुरेंद्र के शव इंद्री के पास मिले

जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

हमीदा हेड पर पश्चिमी यमुना नहर में डूबे आदर्शनगर कैंप निवासी 38 वर्षीय सतविद्र सिंह व गोताखोर 38 वर्षीय सुरेंद्र के शव मंगलवार को नहर से मिल गए। दोनों के शव बहकर करनाल के इंद्री में चले गए थे। जहां एक का शव करनाल के बरसोवा गांव के पास से मिला, तो दूसरे का शव नीलोखेड़ी के पास से मिला। गोताखोरों ने दोनों के शवों को बाहर निकाला। हमीदा चौकी इंचार्ज सतपाल ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

बता दें कि रविवार को हमीदा हेड पर पश्चिमी यमुना नहर में मामा की अस्थियां विसर्जित करने आए आदर्शनगर कैंप निवासी 38 वर्षीय सतविद्र सिंह का पैर फिसल गया था। जिससे वह नहर में डूब गया था। इस दौरान गणपति विसर्जन की ड्यूटी में लगी टीम उसे तलाशने के लिए किस्ती लेकर नहर में लगी। किस्ती में गोताखोर सुरेंद्र, पटवारी धर्मेंद्र सिंह, विक्की, अनिल, फायर ब्रिगेड से संजय व पंकज थे। इस दौरान वह किस्ती लेकर हेड के बिल्कुल सामने पानी के तेज बहाव की ओर चले गए थे। जहां पर पानी का बहाव किश्ती नहीं झेल पाई और पलट गई। किस्ती के पलटने से उसमें सवार गोताखोर, पटवारी व अन्य डूबने लगे। किसी तरह से संजय, पंकज, अनिल व पटवारी धर्मेंद्र को बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन गोताखोर सुरेंद्र व विक्की डूब गए थे। इसके बाद से गोताखोर तीनों की तलाश में लगे थे। सोमवार को विक्की का शव हमीदा हेड के पास पश्चिमी यमुना नहर से बरामद हो गया। जबकि सुरेंद्र व सतविद्र की तलाश की जा रही थी। अब उनके शव मिले हैं।

गोताखोर की मौत पर क्रीडा भारती ने जताया शोक :

गोताखोर सुरेंद्र की मौत पर क्रीड़ा भारती ने भी शोक जताया है। क्रीड़ा भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. उमेश प्रताप वत्स ने कहा कि सुरेंद्र ने जिला स्तर पर प्रतिवर्ष कुश्ती प्रतियोगिताओं में रेफरी की भी भूमिका निभाई थी। उनकी मौत पर क्रीड़ा भारती के सदस्य शोक व्यक्त कर रहे हैं। वह बेहद विनम्र स्वभाव का व्यक्तित्व था।

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