गांव में भाजपा से टक्कर, किस्मत का फैसला शहरी मतदाताओं के हाथ

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं ने प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद कर दिया है। किसके सिर ताज सजेगा, यह तो 24 अक्टूबर को ही तय होगी, लेकिन पोलिग बूथों और चुनावी माहौल को देखकर बहुत कुछ तय हो गया है। चारों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा से ही टक्कर है। हालांकि ग्रामीण एरिया में इनेलो, कांग्रेस व बसपा के पक्ष में भी चल रही है। शहर की बात की जाए तो माहौल पूरी केसरिया रंग में रंगा हुआ है।

यमुनानगर विधानसभा

यमुनानगर से सटे एरिया में इनेलो मजबूती पर दिखाई दी है। लापरा, मंडी, कैत, बाकरपुर, बीबीपुर, मुकारमपुर, भोगपुर, कनालसी सहित कुछ गांवों में चश्मा का प्रभाव नजर आया। हालांकि इन गांवों में वोटें भाजपा, बसपा और अन्य दलों की भी हैं। क्षेत्र में दौरे के दौरान देखा गया कि कुछ प्रत्याशियों के तो बस्ते भी गायब हैं। शहरी एरिया में भाजपा भारी नजर आ रही है। यहां भाजपा से घनश्यामदास अरोड़ा और इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह मैदान में हैं। लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से करीब 60 हजार वोटों से भाजपा ने लीड हासिल की थी। 2014 में विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा ने जीत का परचम लहराया था। इस सीट पर हार जीत का फैसला शहरी वोट करेंगी। यमुनानगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

जगाधरी विधानसभा

जगाधरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एरिया में त्रिकोणीय मुकाबला है। प्रत्याशी एक दूसरे को टक्कर दे रहे हैं। प्रत्याशी प्रेम इतना देखा गया कि वोटर अपने प्रत्याशी के लिए कुछ भी करने को तैयार था। कई जगह तो शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पैरामिल्ट्री फोर्स लगाई गई। यहां भाजपा से स्पीकर कंवर पाल, बसपा से आदर्श पाल और कांग्रेस से अकरम खान मैदान हैं। ग्रामीण एरिया में भले ही तीनों के बीच कड़ा मुकाबला हो, लेकिन जगाधरी शहर में प्रभाव भाजपा का देखा गया है। हालांकि दोपहर तक शहरी एरिया में मतदान का प्रतिशत काफी कम था। तीन बजे के बाद बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण एरिया में इतना जोश था कि दो बजे तक कई बूथों पर 70 प्रतिशत मतदान हो गया था। जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

रादौर विधानसभा

रादौर विधानसभा में प्रत्याशी की हार जीत भी शहरी वोटर पर ही निर्भर कर रही है। विधानसभा क्षेत्र के करीब 40 हजार वोट निगम एरिया के हैं। यहां प्रभाव भाजपा का ही देखा जा रहा है। ग्रामीण एरिया में भाजपा की कांग्रेस व बसपा से टक्कर है। इसके अलावा रादौर शहर में भाजपा का असर है। शहरी वोट ही निर्णायक साबित होंगी। यहां भाजपा से कर्णदेव कांबोज, कांग्रेस से पूर्व विधायक डॉ. बीएल सैनी और बसपा से चौधरी महीपाल मैदान में हैं। इस विधानसभा सीट पर मुकाबला इसलिए भी रोचक बना हुआ है क्योंकि यहां पर भाजपा ने विधायक श्याम सिंह राणा का टिकट काटकर राज्यमंत्री कर्णदेव को मैदान में उतार दिया था। इस तरह कांग्रेस ने भी अशोक तंवर के नजदीकी भूपेंद्र राणा को छोड़कर पूर्व विधायक बिशन लाल सैनी को मैदान में उतारा है। कर्णदेव कांबोज जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नजदीकी हैं। वहीं बिशन लाल सैनी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चहेतों में से हैं। रादौर विधानसभा क्षेत्र में कुल 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

साढौरा विधानसभा

साढौरा विधानसभा सीट पर भी भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है। जजपा प्रत्याशी ने भी यहां पर पूरी ताकत झोक दी है। इस एरिया में दो सौ से अधिक गांव हैं। इसके अलावा साढौरा, मुस्तफाबाद और बिलासपुर तीन बड़े कस्बे भी हैं। ग्रामीण एरिया में भले ही वोट को लेकर मुकाबला हो, लेकिन इन कस्बों में भाजपा का प्रभाव देखा जा रहा है। यहां पर भाजपा से विधायक बलवंत सिंह के सामने जिप चेयरपर्सन रेणू बाला सहित तीन महिलाएं हैं। साढौरा में कुल 16 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

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