राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले डिपो होल्डरों पर मेहरबान विभाग, पांच साल में केवल चार के लाइसेंस रद

राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले डिपो होल्डरों पर मेहरबान विभाग, पांच साल में केवल चार के लाइसेंस रद

डिपो होल्डर राशन वितरण में गड़बड़ी करने से बाज नहीं आ र

JagranSun, 18 Apr 2021 07:40 AM (IST)

जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

डिपो होल्डर राशन वितरण में गड़बड़ी करने से बाज नहीं आ रहे। लोग शिकायतें भी करते हैं परंतु खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी डिपो होल्डरों पर कोई कार्रवाई नहीं करते। डिपो होल्डरों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। कई शिकायतें तो ऐसी हैं जो पांच-छह माह पहले की गई थी। परंतु आज तक अधिकारियों ने इनमें से किसी डिपो होल्डर पर एक्शन नहीं लिया। पांच से सात शिकायतें तो विभाग के पास सीएम विडो से हर माह आती हैं, परंतु कार्रवाई किसी पर नहीं हो रही। ऐसा डीएफएससी कार्यालय का रिकार्ड भी बोल रहा है। पांच साल में केवल चार डिपो के लाइसेंस रद

गांधी नगर निवासी संजय कुमार ने डीएफएससी कार्यालय में आरटीआइ लगाकर पूछा कि वर्ष 2016 से लेकर फरवरी 2021 तक विभाग ने कितने डिपो के लाइसेंस रद किए। जवाब में विभाग की ओर से दी गई सूचना के अनुसार दो सितंबर 2016 से फरवरी 2021 तक केवल चार डिपो लाजपत नगर, कैंप, मंडेबरी व दौलतपुर का लाइसेंस ही विभाग ने रद किया है। इस दौरान 12 लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपनी मर्जी से डिपो को छोड़ दिया। फरवरी 2018 से फरवरी 2021 तक विभाग ने किसी डिपो का लाइसेंस रद नहीं किया। जबकि सबसे ज्यादा शिकायतें इसी समय में डिपो होल्डरों के खिलाफ आई है। संजय कुमार का कहना है कि डीएफएससी से लेकर विभाग के इंस्पेक्टर तक सभी गड़बड़ी करने वाले डिपो होल्डरों से मिले हुए हैं। गड़बड़ी की शिकायत करने के बाद कई माह बीत जाते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती। यहां तक की जब अधिकारी जांच करने जाते हैं तो डिपो होल्डर को फोन पर पहले ही अलर्ट कर दिया जाता है। जिसके बाद मौके पर कुछ नहीं मिलता। डिपो से गेहूं ले जा रही गाड़ी को लोगों ने पकड़ा

गलौली गांव में विभाग ने एक व्यक्ति को डिपो दे रखा है। इस डिपो से गलौली, महरमपुर व मंसापुर गांव के लोगों को राशन दिया जाता है। महरमपुर एवं गलौली गांव के रवि कुमार, रोशन लाल, अमरनाथ, गुरमीत व विनोद ने बताया कि उन्हें डिपो से नवंबर व दिसंबर माह का गेहूं अब तक नहीं दिया गया है। इस बारे में डिपो होल्डर सतीश कुमार से बात की तो उसने बताया कि विभाग की तरफ से उसे गेहूं नहीं भेजा गया, जबकि डिपो में कई माह से गेहूं के कट्टे भरे पड़े हैं। शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिपो से गाड़ियों में भर कर गेहूं को कहीं बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। इसका पता उन्हें चला तो वह रात को ही मौके पर पहुंचे। परंतु तब तक दो महिद्रा पिकअप गाड़ियां वहां से जा चुकीं थीं, जबकि एक गाड़ी को उन्होंने डिपो पर ही पकड़ लिया। इसका ड्राइवर व उसका साथी वहां से भाग कर छत पर छिप गए, बाद में एक पकड़ा गया। लोगों का आरोप है कि राशन को कहीं और सप्लाई किया जा रहा था। इसकी सूचना उन्होंने रात को पुलिस कंट्रोल रूम में दी। जिसके बाद पंचतीर्थी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायत पर नहीं हुई अब तक कार्रवाई

लोगों ने राशन नहीं मिलने की शिकायत कई माह पहले डीएफएससी सुनील कुमार को दी थी, परंतु अभी तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो माह का सैकड़ों क्विंटल गेहूं सप्लाई करने वाले ठेकेदार से लेकर डिपो तक पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में गायब हो गया और डीएफएससी, एफएसओ व इंस्पेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। जांच को छिपाने का विभाग का क्या उद्देश्य है। तीन गांवों का एक ही डिपो होना सबसे बड़ा सवालिया निशान तो इसी पर ही लगता है। मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई : सुनील कुमार

डीएफएससी सुनील कुमार का कहना है कि मेरे पास गलौली के डिपो होल्डर की कोई शिकायत नहीं आई। विभाग की तरफ से सभी डिपो होल्डरों को नवंबर-दिसंबर का राशन भेजा गया था। डिपो होल्डर ने गेहूं क्यों नहीं बांटा इसकी जांच की जाएगी, जिन डिपो होल्डरों की शिकायत आती है उन पर कार्रवाई करते रहते हैं।

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