डीसी के सामने सात दिन में सड़कों की खामियां दूर करने का किया था दावा, 10 बाद भी अधिकारियों ने रोड सेफ्टी पर नहीं किया काम

सड़क हादसों को लेकर अधिकारी बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इसी लापरवाही व उदासीनता के चलते ही सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। 24 नवंबर को जिला सचिवालय में डीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में हुई रोड सेफ्टी की मीटिग में अधिकारियों ने दावा किया था कि जो छोटी-मोटी कमियां हैं उन्हें एक सप्ताह में पूरा कर देंगे।

JagranSat, 04 Dec 2021 05:34 PM (IST)
डीसी के सामने सात दिन में सड़कों की खामियां दूर करने का किया था दावा, 10 बाद भी अधिकारियों ने रोड सेफ्टी पर नहीं किया काम

जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

सड़क हादसों को लेकर अधिकारी बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इसी लापरवाही व उदासीनता के चलते ही सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। 24 नवंबर को जिला सचिवालय में डीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में हुई रोड सेफ्टी की मीटिग में अधिकारियों ने दावा किया था कि जो छोटी-मोटी कमियां हैं उन्हें एक सप्ताह में पूरा कर देंगे। 10 दिन बीत चुके हैं काम को पूरा करना तो दूर अब तक शुरू भी नहीं किया गया। कुछ दिनों बाद सर्दी बढ़ जाएगी तो फिर कम तापमान का बहाना बनाकर काम नहीं करेंगे। अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़कों पर लोगों की जान जा रही थी। घर के चिराग बूझ रहे हैं। डिवाइडर को काट कर बनाना था रास्ता :

वैसे तो चौक, चौराहों पर जेब्रा क्रासिग है नहीं। यदि है तो वह नियमानुसार नहीं बनाए हैं। चौक पर रेड लाइट होने पर जेब्रा क्रासिग से पहले ही वाहन को रोकना होता है ताकि पैदल चलने वाले लोग आसानी से सड़क को जेब्रा क्रासिग से पार कर सकें। परंतु जिले के चौराहों पर जो जेब्रा क्रासिग के लिए पट्टी बनाई गई है वहां पर डिवाइडर बने हैं। जगाधरी बस स्टैंड के सामने डा. भीमराव आंबेडकर चौक पर जेब्रा क्रासिग के साथ लगते डिवाइडर को काट कर रास्ता बनाना था। अब तक इस पर काम शुरू नहीं हुआ। कई काम अब तक अधूरे :

जगाधरी में महाराजा अग्रसेन चौक पर बनाए गए डिवाइडर क्षतिग्रस्त पड़े हैं। इनकी ईंटें टूट कर बिखरी रहती हैं। डिवाइडरों पर रिफ्लेक्टर टेप तक नहीं लगी है। पेट्रोल पंप की तरफ से जैसे ही जगाधरी बस स्टैंड की तरफ मुड़ते हैं वहां सड़क क्षतिग्रस्त पड़ी है। मोड़ पर सड़क खराब होने से यह कभी भी जानलेवा बन सकती है। इसी तरह किसी भी चौक पर अब तक कैटआइ, जेब्रा क्रासिग, सफेद पट्टी तक नहीं बनाई गई है। अधिकारियों की यह लापरवाही बेकसूर लोगों के लिए जानलेवा बन रही है। इसी तरह मटका चौक के बीच में रखा पत्थर क्षतिग्रस्त पड़ा है। यह चौक पर इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों पर खरा नहीं उतरता। जब यह चौक हादसे के हिसाब से बहुत संवेदनशील है। क्योंकि यहां तीन स्कूल व दो कालेज है। रोजाना चार हजार बच्चे चौक से आना जाना करते हैं। करीब आठ साल पहले ट्रक ने इसी चौक पर चार बच्चों को रौंद दिया था। रक्षक विहार नाका के पास लगी हाई मस्ट लाइट महीनों से खराब है। यह चौक न केवल व्यस्त है बल्कि वाहन चालक यहां से गलत दिशा में ड्राइविग भी करते हैं। इसलिए हर समय हादसे की संभावना रहती है। कुछ माह पूर्व इसी चौक पर ईंटों से भरी ट्राली ने राजकीय स्कूल में पढ़ने वाली नौवीं कक्षा की छात्रा को कुचल दिया था। रात को जब चौक से कारें निकलती हैं तो उनकी लाइट की रोशनी आंखों में पड़ने से चालकों को कुछ दिखाई तक नहीं देता। वहीं चौक पर लगी ट्रैफिक लाइट, अवैध कटों को भी अब तक ठीक नहीं किया गया। नवंबर से अब तक हो चुकी 24 मौत :

एक नवंबर से अब तक जिला में हुए सड़क हादसों में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कुछ बड़े हादसे हैं। साढौरा के कुराली गांव में एक ही हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हुए। हादसों का ग्राफ नीचे आने की बजाय ऊपर चढ़ता जा रहा है। हालांकि शहर में सुबह आठ से रात के आठ बजे तक भारी वाहनों की एंट्री बंद करने के लिए एसपी कमलदीप गोयल ने चारों तरफ पुलिस नाके जरूर लगवाए हैं। जिसकी सब तारीफ कर रहे हैं। मीटिग से कुछ दिन पहले करते हैं काम :

सड़कों की खामियां दूर करने में भी अधिकारी चालबाजी करते हैं। जब रोड सेफ्टी की अगली मीटिग होने वाली होती है तो उससे चार-पांच दिन पहले ही काम कराए जाते हैं। फिर काम करवाते हुए अधिकारी अपनी फोटो खींचवाते हैं और प्रेजेंटेशन में दिखाकर वाहवाही लूटने का काम करते हैं। निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे : सुभाष चंद्र

जिला परिवहन अधिकारी डा. सुभाष चंद्र का कहना है कि कुछ काम एक सप्ताह में पूरे करने थे। वह पूरे हुए या नहीं इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इससे डीसी को अवगत कराया जाएगा।

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