निलंबित चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन व उसके दोस्त पर चार्ज फ्रेम

दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए नगर निगम के पूर्व चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन और उसके दोस्त दीपक बडौला पर कोर्ट ने चार्ज फ्रेम कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जगदीप सिंह की कोर्ट में अब अनिल नैन पर षड़यंत्र की धारा 120बी व करप्शन एक्ट के सेक्शन-7 के तहत केस चलेगा। वहीं दीपक बडौला पर 120बी के तहत केस चलाया जाएगा। सरकारी वकील दिनेश सभ्रवाल ने इसकी पुष्टि की है।

JagranFri, 17 Sep 2021 07:33 AM (IST)
निलंबित चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन व उसके दोस्त पर चार्ज फ्रेम

संवाद सहयोगी, जगाधरी: दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए नगर निगम के पूर्व चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन और उसके दोस्त दीपक बडौला पर कोर्ट ने चार्ज फ्रेम कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जगदीप सिंह की कोर्ट में अब अनिल नैन पर षड़यंत्र की धारा 120बी व करप्शन एक्ट के सेक्शन-7 के तहत केस चलेगा। वहीं दीपक बडौला पर 120बी के तहत केस चलाया जाएगा। सरकारी वकील दिनेश सभ्रवाल ने इसकी पुष्टि की है। स्टेट विजिलेंस की टीम ने किया था काबू:

स्टेट विजिलेंस टीम ने 11 दिसंबर 2020 की रात को सेनेटरी इंस्पेटर अनिल नैन व उसके दोस्त दीपक को दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। टीम ने यह कार्रवाई भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जंगशेर सिंह के भाई एवं सफाई ठेकेदार भाई जिदल कुमार की शिकायत पर की थी। रेड के समय नायब तहसीलदार ओम प्रकाश को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेट विजिलेंस के डीएसपी ओम प्रकाश यमुनानगर पहुंचे थे। अनिल नैन अपने दोस्त दीपक के साथ सरकारी गाड़ी में ससौली रोड पर रिश्वत लेने के लिए पहुंचे थे। अधिकारियों के नाम पर सीएसआइ ने मांगे तीन लाख:

जिदल कुमार ने बयानों में कहा था कि उनकी फर्म सभी शर्तों को पूरा करती है। उनके पास चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन ने वाट्सएप काल करके कहा कि एक्सइएन व ईओ टेंडर पास करने के लिए रुपये मांग रहे हैं। यदि रुपये नहीं दिए तो वह उनकी फर्म को बिड से बाहर कर देंगे। इसके लिए तीन लाख रुपये की मांग अनिल नैन ने की। जिस पर नौ दिसंबर को उन्होंने एक लाख रुपये अपने बेटे के हाथ अनिल नैन के पास भिजवाए। अनिल नैन ने दो लाख रुपये भी जल्दी ही भिजवाने के लिए कहा। एक लाख की रिकवरी के लिए जींद ले गई थी पुलिस:

कोर्ट से मिले दो दिन के रिमांड के दौरान पुलिस अनिल नैन को जींद लेकर गई थी। ताकि नौ दिसंबर को दिए गए एक लाख रुपये की बरामदगी की जा सके। लेकिन पुलिस को पैसा बरामद नहीं हो सका। पुलिस का कहना था कि अनिल नैन ने सारे पैसे खर्च कर दिए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.