असामाजिक का कोई समाज नहीं होता

गांव जयधर में बकरीद पर कुर्बानी को लेकर उपजे विवाद के बाद ग्रामीणों ने जो भाईचारे की मिसाल पेश की है। इससे से ज्यादा सराहना इस बात की हो रही है कि दोनों समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पक्ष के मौजिज लोगों पर भरोसा जताया है। शांति कमेटी के सदस्यों के लिए हिदू पक्ष ने मुस्लिम समुदायों के लोगों के नाम दिए। इसी तरह मुस्लिम पक्ष ने हिदू समुदायों के पांच सदस्यों के नाम दिए।

JagranMon, 02 Aug 2021 07:39 AM (IST)
असामाजिक का कोई समाज नहीं होता

गांव जयधर में बकरीद पर कुर्बानी को लेकर उपजे विवाद के बाद ग्रामीणों ने जो भाईचारे की मिसाल पेश की है। इससे से ज्यादा सराहना इस बात की हो रही है कि दोनों समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पक्ष के मौजिज लोगों पर भरोसा जताया है। शांति कमेटी के सदस्यों के लिए हिदू पक्ष ने मुस्लिम समुदायों के लोगों के नाम दिए। इसी तरह मुस्लिम पक्ष ने हिदू समुदायों के पांच सदस्यों के नाम दिए। दोनों समुदायों ने हिदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में हैं, सब भाई भाई के नारे लगाए। तभी डीएसपी जगाधरी राजेंद्र सिंह भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। इन्होंने भी जय हिद का तीन बार जयकारा लगवाया। उसके बाद दोनों पक्ष एक दूसरे से गले मिले। गांव में शांति व भाईचारा बनाए रखने के लिए एसपी कमलदीप गोयल के सामने वायदा किया कि गांव में भाईचारा रखा जाएगा। गांव के आपसी विवाद को शांति से निपटाएंगे। अफसरों की दरियादिली तो देखिए..

सीएम विडो पर दी शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। समस्या का समाधान किए बगैर ही शिकायतों की फाइलें बंद कर दी जा रही हैं। हाल में ही आइटीआइ के पास चौक पर बने गोल चक्कर की शिकायत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली की कलई खोल दी। जो गोल चक्कर मौके पर है, उसको कागजों में हटा दिया गया। यह भी सच्चाई है कि इसे एक बार तोड़ा जरूर गया था, लेकिन डीसी गिरीश अरोड़ा के हस्तक्षेप के बाद दोबारा बनवा दिया गया। लोगों की जुबां पर यह बात भी आ रही है कि जब सीएम को गुमराह करने का प्रयास किया जा सकता है तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा? हालांकि शिकायतों पर नजर रखने के लिए सरकार से अलग से एमिनेंट पर्सन भी नियुक्त किए हुए हैं। बावजूद इसके यह हाल है। मामला नया नहीं, पूर्व में इस तरह की शिकायतें आ चुकी हैं। कचरा उठाने में कचरा हो रहे नियम

शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर निगम की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। गली-मोहल्लों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर सफाई की जा रही है। नालियां साफ हो रही हैं। घास-फूंस उखाड़ा जा रहा है। अच्छी बात है, लेकिन एक नजर शहर से उठ रहे कचरे की व्यवस्था पर भी दौड़ाए जाने की जरूरत है। हमीदा हेड के पास ठेकदार ने डंपिग प्वाइंट बना रखा है। यहां से कचरा ट्रालियों में भरकर औरंगाबाद स्थित सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में प्रबंधन के लिए भेजा जा रहा है। इस काम में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। नियम कचरा-कचरा हो रहे हैं। कचरे से भरी ट्रालियों को ढका नहीं जा रहा है। रास्ते में कचरा बिखरा पड़ा है। ट्रालियों से उड़कर यह वाहन चालकों के लिए भी परेशानी पैदा कर रहा है। रास्ते में कहीं दरी पड़ी रहती है, तो कहीं गीला कचरा। पेड़ वन विभाग का और फल होंगे किसान के :

राज्य स्तरीय वन महोत्सव के कार्यक्रम में बाद जब वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर चलने लगे तो उनके चालक ने ब्रेक लगाए। अधिकारी हैरान हो गए, लेकिन हैरानगी उस समय दूर हो गई। जब वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर बोले कि कार्यक्रम बहुत अच्छा रहा। यह सुनकर विभाग के अधिकारी गदगद हो गए। उनके चेहरे चमक उठे। एक दूसरे को बधाई देने लगे। कार्यक्रम में आए लोगों को मंत्री ने पौधों से लाभ व धार्मिक मान्यता के आधार पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रदेश में इस बार तीन करोड़ पौधे लगाने के मिशन को पूरा करवाने के लिए अधिकारियों का हौसला बढ़ाया। राज्य में वन रकबा 20 फीसद तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पंचायत विभाग की तरह इस बार रेलवे लाइन की खाली पड़ी जमीन पर भी पौधारोपण किया जाएगा। फलदार पौधे लगेंगे। इन फलों का अधिकारी वन विभाग नहीं होगा। इन पेड़ों के फल किसान खाएंगे। प्रस्तुति : पोपीन पंवार

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