ड्रेन व नहर की टूटी पटरी को ठीक करने में जुटे 80 कर्मचारी

तेज बारिश में डिच ड्रेन व पश्चिमी यमुना नहर के बीच बनी पटरी का करीब 40 फुट हिस्सा वीरवार रात आई तेज बरसात के कारण टूट गया था। इसकी मरम्मत नगर निगम व सिचाई विभाग के कर्मचारियों द्वारा मिलकर की गई। सिचाई विभाग के 10 कर्मचारियों समेत निगम के 80 कर्मचारी एक पोकलेन एक जेसीबी व एक ट्रैक्टर ट्राली की मदद से यह कार्य किया गया। नगर निगम के एक्सईएन रवि ओबराय व सिचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल ने अपनी देखरेख में यह कार्य कराया।

JagranSun, 01 Aug 2021 07:55 AM (IST)
ड्रेन व नहर की टूटी पटरी को ठीक करने में जुटे 80 कर्मचारी

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : तेज बारिश में डिच ड्रेन व पश्चिमी यमुना नहर के बीच बनी पटरी का करीब 40 फुट हिस्सा वीरवार रात आई तेज बरसात के कारण टूट गया था। इसकी मरम्मत नगर निगम व सिचाई विभाग के कर्मचारियों द्वारा मिलकर की गई। सिचाई विभाग के 10 कर्मचारियों समेत निगम के 80 कर्मचारी, एक पोकलेन, एक जेसीबी व एक ट्रैक्टर ट्राली की मदद से यह कार्य किया गया। नगर निगम के एक्सईएन रवि ओबराय व सिचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल ने अपनी देखरेख में यह कार्य कराया।

वीरवार रात तेज बारिश के बाद जम्मू कालोनी में डिच ड्रेन के गेट के ड्रेन व पश्चिमी यमुना नहर की पटरी क्षतिग्रस्त होकर टूट गई थी। इसके टूटने से डिच ड्रेन का गंदा पानी पश्चिमी यमुना नहर में गिर रहा था।

निगमायुक्त अजय सिंह तोमर के निर्देशानुसार शुक्रवार शाम को ही तटबंध को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया गया। शनिवार सुबह सिचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल, नगर निगम एक्सईएन रवि ओबराय, जेई अरविद, सीएसआइ हरजीत सिंह, एसआइ गोविद की देखरेख में 80 कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने ट्रैक्टर ट्राली की मदद से मिट्टी से भरे प्लास्टिक के कट्टों को डिच ड्रेन तक पहुंचाया।

रवि ओबराय व धर्मपाल का कहना है कि तटबंध टूटने बाद के बाद युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। जासं, यमुनानगर : पहाड़ों व यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बरसात न होने से यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। शनिवार शाम तक हथनीकुंड बैराज पर 38635 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इसमें से यमुना नदी में 26127 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 10507 क्यूसेक व पूर्वी यमुना नहर में 2001 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि सुबह 11 बजे बैराज पर यमुना नदी में 43630 क्यूसेक पानी था। इससे पहले शुक्रवार रात एक बजे बैराज पर अधिकतम पानी 57187 क्यूसेक दर्ज किया गया था। यमुना नदी में जलस्तर का बढ़ना पहाड़ी क्षेत्र में हुई बरसात पर निर्भर करता है। जानकारों के मुताबिक अभी मौसम साफ है। इसलिए बरसात न होने से जलस्तर में और भी कमी आएगी। इस मानसून सीजन में अभी तक एक ही बार 28 जुलाई को हथनीकुंड बैराज पर एक लाख 59 हजार 757 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था।

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