Tokyo Olympic: हरियाणा के छोरे रवि दहिया का ओलिंपिक में पदक पक्का, परिवार से किया वादा बखूबी निभाया

Tokyo 2020 Olympic रवि के दोनों कुश्ती जीतते ही दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती देख रहे पंकज और संजू ने साथी पहलवानों के साथ जश्न मनाया। संजू ने बताया कि उन्हें विश्वास है कि संजू सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचेगा।

Mangal YadavWed, 04 Aug 2021 12:33 PM (IST)
मैच के दौरान पहलवान रवि दहिया। फोटो क्रेडिट- भारतीय कुश्ती संघ

सोनीपत [नंदकिशोर भारद्वाज]। टोक्यो ओलिंपिक में बुधवार को सोनीपत के गांव नाहरी के बेटे रवि दहिया ने कमाल कर दिया। कुश्ती के पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल सेमीफाइनल (Wrestling, Men's 57kg Freestyle Semi-finals) में रवि कुमार दहिया ने नूरिस्लाम सनायेव (Nurislam Sanayev) के खिलाफ जीत दर्ज की। इस जीत के बाद रवि दहिया ने ओलिंपिक में पदक पक्का कर लिया है। पहली बार ओलिंपिक में खेल रहे सोनीपत के गांव नाहरी के पहलवान रवि दहिया ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के पहलवान को 9-7 से हराकर शान के साथ फाइनल में प्रवेश किया।

इससे पहले बुधवार सुबह टोक्यो ओलंपिक में गांव नाहरी के अंतरराष्ट्रीय पहलवान रवि दहिया (57 किलोग्राम) ने क्वालीफाइंग मैच से ही विजय अभियान की शुरुआत की। रवि ने कोलंबिया के पहलवान को 13-2 से हराया। इसके कुछ देर बाद ही क्वार्टरफाइनल में बुल्गारिया के पहलवान को 14-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।रवि को छोटा भाई पंकज और चचेरा भाई संजू भी पहलवान है।

(फोटो क्रेडिट- भारतीय कुश्ती संघ)

भाइयों से बोले रवि, ऐसा खेल दिखाउंगा, देश देखेगा और कर दिखाया

इससे पहले मंगलवार को रवि दहिया ने भाई पंकज और संजू से वीडियो काल के जरिये बात की और कहा कल ऐसा खेल दिखाउंगा की दुनिया याद रखेगी। इसे साबित करते हुए रवि ने सचमुच ऐसा ही खेल दिखाया। दोनों विरोधी पहलवानों को एकतरफा मुकाबलों में हराते हुए जीत दर्ज की। 

(सोनीपत के गांव नाहरी की चौपाल में ग्रामीणों के साथ बेटे रवि दहिया की कुश्ती देखते उनके पिता राकेश दहिया)

छत्रसाल स्टेडियम और नाहरी में मना जश्न

रवि के दोनों कुश्ती जीतते ही दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती देख रहे पंकज और संजू ने साथी पहलवानों के साथ जश्न मनाया। संजू ने बताया कि उन्हें विश्वास है कि रवि फाइनल जीतेगा। वहीं गांव नाहरी में टीवी पर कुश्ती देख रहे रवि के पिता और अन्य ग्रामीणों में जोश भर गया। रवि के पिता राकेश दहिया ने बेटे के गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद जताई।

(दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में रवि की कुश्ती देखते साथी पहलवान।)

खेती कर दोनों बेटों को पहलवान बनाया

रवि के पिता राकेश दहिया पेशे से किसान हैं। आर्थिक तंगी से जूझते हुए राकेश दहिया ने बेटे रवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। अब रवि देश का नाम रोशन कर रहा है। वहीं राकेश दहिया दूसरे बेटे पंकज को भी पहलवान बना रहे हैं। पंकज अभी जूनियर पहलवान है और वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े में प्रैक्टिस कर रहा है।

ओलिंपिक के बाद होगी शादी

 पिता रवि के लिए लड़की देख रहे थे लेकिन रवि ने ओलिंपिक से पहले शादी करने से बिल्कुल इंकार कर दिया। अब पदक जीतकर लौटने के बाद रवि की शादी पर उसके पिता राकेश दहिया विचार करेंगे।

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भी रवि ने जीता था गोल्ड

कजाखस्तान के अलमाटी में पिछले दिनों हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रवि दहिया ने एकतरफा मुकाबलों में गोल्ड मेडल जीता था। 57 किलो में रवि दहिया ने उज्बेकिस्तान के सेफरोव को 9-2 से, सेमीफाइनल में पेले के अबु रहमान को 11-0 और फाइनल में इरान के सरलक को 9-4 से हराते हुए गाेल्ड मेडल जीता।

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