जमीन पट्टे पर लेकर शुरू की खेती, बारिश से फसल बर्बाद होने पर किसान ने फंदा लगाकर दी जान

गांव गढ़ी बाला में युवा किसान ने अपने खेत पर फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। वह दिल्ली में एक जिम में ट्रेनर था । वहां लाकडाउन में काम ठीक नहीं चलने पर उन्होंने इसी साल 10 एकड़ जमीन पट्टे पर लेकर खेती शुरू की थी।

Pradeep ChauhanSat, 25 Sep 2021 08:44 PM (IST)
गांव गढ़ी बाला का विकास उर्फ मोनू (27) का फाइल फोटो।

सोनीपत, जागरण संवाददाता। गांव गढ़ी बाला में युवा किसान ने अपने खेत पर फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। वह दिल्ली में एक जिम में ट्रेनर था । वहां लाकडाउन में काम ठीक नहीं चलने पर उन्होंने इसी साल 10 एकड़ जमीन पट्टे पर लेकर खेती शुरू की थी। भारी बारिश के चलते उनकी ज्यादातर फसल बर्बाद हो गई। इसी तनाव में किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी।

गांव गढ़ी बाला का विकास उर्फ मोनू (27) दिल्ली के एक जिम में ट्रेनर था। लाकडाउन में जिम का काम लगभग बंद हो गया था। उसके बाद वह अपने भाई प्रवेश के साथ मिलकर गांव में खेती करने लगा था। दोनों भाइयों ने गांव में 10 एकड़ जमीन पट्टे पर लेकर धान, कपास व बाजरे की फसल उगाई थी। इस बार लगातार बारिश से फसल खराब हो गई। इसके चलते विकास तनाव में रह रहा था।

वह शुक्रवार देर शाम घर से निकला था। उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। स्वजन को शनिवार सुबह ग्रामीणों ने बताया कि सतीश के खेत में विकास का शव फंदे पर लटका है। सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जांच अधिकारी सुमेर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई प्रवेश ने बताया कि बारिश से फसल खराब होने के चलते वह काफी परेशान था। घर में किसी तरह की परेशानी नहीं थी।

मां ने संघर्ष के बाद किया लालन-पालन

गांव के निवर्तमान सरपंच सुरेश कुमार ने बताया कि विकास शुरुआत से ही होनहार पहलवान था। पिता रामकिशन की मौत के बाद उसकी मां ने काफी संघर्ष की बेटों का लालन-पालन किया। विकास गांव में खेती के साथ ही जिम में युवाओं को ट्रेनिंग भी देता था। उसका करीब पांच माह का बेटा है।

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