Farmers Protest: किसान नेताओं ने दिया परेशान करने वाला बयान, सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की फाइल फोटो।

किसान नेताओं की जिला प्रशासन के साथ एक काफी अहम बैठक हुई। इसमें किसान नेता की ओर से जारी बयान काफी हैरान करने वाले हैं। मीटिंग के बाद बाहर निकले किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसान मोर्चे पर कोरोना टेस्ट नहीं होंगे।

Prateek KumarThu, 22 Apr 2021 06:06 PM (IST)

सोनीपत, संजय निधि। कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर जीटी रोड जाम कर बैठे आंदोलनकारियों ने कोरोना की जांच कराने से इनकार कर दिया है। गृह मंत्री के निर्देेश पर बृहस्पतिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ कोरोना जांच और टीकाकरण को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि धरने में शामिल कोई आंदोलनकारी कोरोना जांच नहीं कराएगा। टीकाकरण को लेकर नेताओं ने कहा कि इसके लिए भी किसी पर दबाव नहीं है, जिसकी इच्छा हो, वे टीका लगवा सकते हैं।

कुंडली बार्डर पर आंदोलनकारियों की बढ़ती भीड़ और कारोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने सभी से कोरोना जांच और टीकाकरण की अपील की थी। इकसे लिए प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ बैठक करने को कहा गया था। बृहस्पतिवार शाम को राई रेस्ट हाउस में एसपी जशनदीप सिंह रंधावा, अतिरिक्त उपायुक्त अशांक बांसल, सिविल सर्जन डा. जेएस पूनिया सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारियों और मोर्चा के नेता डा. दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी आदि के बीच बैठक हुई।

बैठक के बाद डा. दर्शनपाल और गुरनाम चढ़ूनी ने कहा कि कोरोना जांच का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि पांच माह से आंदोलन चल रहा है और अभी तक एक भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं हुआ। इसलिए कोई भी आंदोलनकारी कोरोना जांच नहीं कराएंगे और सरकार या प्रशासन जबरदस्ती नहीं करे। डा. दर्शनपाल ने कहा कि यहां किसी को कोई लक्षण भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कोई स्लम नहीं है, बाजार या कुंभ का मेला नहीं है। यहां रहने वाले घर बनाकर गांव-मोहल्ले की तरह रह रहे हैं। अब तक जितनी मौतें हुई हैं, किसी के पोस्टमार्टम में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।

आपात सेवाओं के लिए बार्डर से बैरिकेड हटेगा

संयुक्त किसान मोर्चा ने बार्डर के एक हिस्से को आपाताकलीन सेवाओं के वाहनों के लिए खोलने पर सहमति जताई है। प्रशासन अब यहां लगाए गए बैरिकेड हटाएगा और यहां से जरूरी वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। खास तौर पर कोरोना के संक्रमण को देखते हुए मरीजों और दूसरे जरूरी वाहनों के लिए यह रास्ता खोला जाएगा। हालांकि संयुक्त मोर्चा के नेताओं का कहना है कि आंदोलनकारियों ने यहां रास्ता बंद नहीं किया है, बल्कि यहां सरकार और प्रशासन ने बड़े-बड़े पत्थर लगाए हुए हैं।

धरनास्थलों पर आज मनाया जाएगा आपरेशन शक्ति

फसल कटाई का काम पूरा होने के बाद आंदोलनकारियों का धरनास्थलों पर आना शुरू हो गया है। इसे देखते हुए शुक्रवार को धरना स्थलों पर आपरेशन क्लीन का मुकाबला करने के लिए आपरेशन शक्ति मनाया जाएगा। इसके लिए प्रदर्शनकारियों का काफिला ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बार्डर के लिए जिले के बड़वासनी से रवाना होगा। ये किसान किसान मजदूर संघर्ष समिति से जुड़े हैं।

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