Tokyo Olympic: बजरंग पूनिया सेमीफाइनल में हारे, मंदिर में पूजा कर जीत के लिए दुआ मांग रहे थे परिजन

बजरंग ने किर्गिस्तानी पहलवान को हराकर अंकों के आधार पर पहला मुकाबला जीता। सोनीपत के माडल टाउन में स्थित बजरंग के घर पर उनके पिता भाई और अन्य स्वजन ने जमकर खुशी मनाई। बजरंग दोपहर बाद करीब तीन बजे सेमीफाइनल में अजरबैजान के पहलवान से भिड़ेंगे।

Mangal YadavFri, 06 Aug 2021 12:12 PM (IST)
शुरू होने से पहले मंदिर में बने मंदिर में पूजा अर्चना करते बजरंग पुनिया के पिता बलवान पूनिया

सोनीपत [नंदकिशोर भारद्वाज]। टोक्यो ओलिंपिक में फ्री स्टाइल में 65 किलो भारवर्ग मे बजरंग पूनिया सेमीफाइनल में हार गए। इससे पहले बजरंग की जीत के लिए पिता बलवान पूनिया ने घर में बने मंदिर में पूजा-अर्चना की और बेटे के लिए जीत की दुआ मांगी। 

शुरुआती मुकाबले में बजरंग पूनिया ने कमाल करते हुए क्वालीफाइंग और क्वार्टरफाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। बजरंग ने किर्गिस्तानी पहलवान को हराकर अंकों के आधार पर पहला मुकाबला जीता। इसके 15 मिनट बाद ही क्वार्टरफाइनल में उन्होंने ईरानी पहलवाने को एकतरफा कुश्ती में चित करते कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सोनीपत के माडल टाउन में स्थित बजरंग के घर पर उनके पिता, भाई और अन्य स्वजन ने जमकर खुशी मनाई।  

शुक्रवार को तय शेड्यूल के अनुसार सुबह नौ बजे के करीब भारतीय स्टार पहलनवान बजरंग पूनिया अपने पहले मुकाबले के लिए किर्गिस्तान के अरनाजर अकमातालिव खिलाफ उतरे। दोनों पहलवानों ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। अंतिम समय तक दोनों के 3-3 अंक थे। समय समाप्त होने पर बजरंग को विजेता घोषित किया गया। इसके करीब आधे घंटे बाद बजरंग क्वार्टरफाइनल में ईरान के मुर्तज़ा घियासी चेका से भिड़े। बजरंग ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ईरानी पहलवान को चित करते हुए कुश्ती जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 

कुश्ती से बजरंग के माता-पिता ने की पूजा

शुक्रवार सुबह सोनीपत स्थित बजरंग के घर पर पिता बलवान सिंह और मां ने मंदिर में बजरंग बली की पूजा कर बेटे की जीत की कामना की। इसके बाद बजरंग के पिता, मां, भाई और अन्य स्वजन घर में टीवी के सामने जम गए। क्वालीफाइंग कुश्ती में बजरंग की जीत के बाद सभी ने जमकर खुशी मनाई। इसके बाद क्वार्टफाइनल में बजरंग के जीतते ही स्वजनों में जोश भर गया। बजरंग के पिता और अन्य स्वजन ने विक्टरी का चिह्न बनाते हुए खुशी मनाई। 

पिता बोले, गोल्ड मेडल जीतेगा बेटा

बलवान सिंह ने कहा कि ओलिंपिक में गोल्ड मेडल देश की झोली में डालने के लिए बजरंग ने दिन-रात जीतोड़ मेहनत की है। देशवासियों की दुआओं से उनका बेटा देश के लिए गोल्ड मेडल ही जीतेगा। बजरंग कई महीने से घर से दूर प्रैक्टिस कैंपों में अभ्यास कर रहे थे। ओलिंपिक से पहले बजरंग रूस में प्रैक्टिस कर रहे थे।

पिछले साल हुई थी शादी

बजरंग पूनिया मूलरूप से जिला झज्जर के गांव खुड्डन के रहने वाले हैं। बजरंग समेत उनके पिता, भाई और अन्य स्वजन कई साल से सोनीपत के माडल टाउन में रह रहे हैं। दो साल पहले बजरंग का रिश्ता बलाली गांव के महाबीर फोगाट की सबसे छोटी बेटी संगीता के साथ हुआ था। बजरंग ओलिंपिक से पहले शादी नहीं करना चाहते थे लेकिन कोरोना महामारी के कारण ओलिंपिक में देरी हुई तो पिछले साल बजरंग ने एक सादे समारोह में शादी कर ली। इसके बाद से बजरंग ओलिंपिक के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे थे।

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