धरनास्थल पर बनाया पक्का अस्पताल, गर्मी से भी बचाव के उपाय

धरनास्थल पर बनाया पक्का अस्पताल, गर्मी से भी बचाव के उपाय

कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर चल रहे आंदोलन में अब व्यवस्थाएं बदलने लगी हैं। आंदोलनकारियों के रहने के लिए टेंटों के अलावा वहां बनाए गए अस्पताल का रंगरूप भी बदल गया है। आठ बेड के बनाए गए स्थायी अस्पताल को अब पक्का किया जा रहा है। जीटी रोड पर लोहे के टेंट से बने अस्पताल के फर्श को पक्का कर उस पर टाइल बिछा दी गई है।

JagranThu, 04 Mar 2021 10:51 PM (IST)

जागरण संवाददाता, सोनीपत : कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर चल रहे आंदोलन में अब व्यवस्थाएं बदलने लगी हैं। आंदोलनकारियों के रहने के लिए टेंटों के अलावा वहां बनाए गए अस्पताल का रंगरूप भी बदल गया है। आठ बेड के बनाए गए स्थायी अस्पताल को अब पक्का किया जा रहा है। जीटी रोड पर लोहे के टेंट से बने अस्पताल के फर्श को पक्का कर उस पर टाइल बिछा दी गई है। अब मोटे कपड़े और प्लास्टिक मैटेरियल से बनी छत के नीचे फाल्स सीलिग लगाने की कवायद की जा रही है, ताकि गर्मी से बचाव हो सके।

कुंडली बार्डर पर मुख्य मंच से कुछ आगे लाइफ केयर फाउंडेशन की ओर से अस्पताल चलाया जा रहा है। इस अस्पताल में ओपीडी से लेकर मरीजों को भर्ती करने तक की सुविधा मौजूद है। अब बढ़ती गर्मी को देखते हुए अस्पताल में भी बदलाव किया जा रहा है। अस्पताल के फर्श पर टाइल्स लगाई गई हैं, ताकि समुचित सफाई हो सके। अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि अब गर्मी बढ़ने के कारण उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में कच्चा फर्श होने के कारण सफाई सही तरीके से नहीं हो पाती है। टाइल्स लगा होने के कारण उसकी सफाई समुचित हो पाएगी। यही नहीं अस्पताल में मक्खियों व मच्छरों से बचाव के लिए नेट व फ्लाई कैचर आदि भी लगाए जा रहे हैं। गंभीर रोगों का भी होगा इलाज

आंदोलन स्थल पर बने इस अस्पताल में अब गंभीर रोगों के मरीजों का भी बेहतर प्राथमिक उपचार हो सकेगा। इसके लिए यहा टेलीमेडिसिन की सेवा शुरू की गई है। यहां के एक चिकित्सक ने बताया कि यहां अब तक मल्टी स्पेशलिटी ओपीडी सेवा दी जा रही थी, लेकिन अब हृदय से संबंधित मरीजों के अलावा अन्य गंभीर रोगियों का भी प्राथमिक इलाज हो पाएगा। यदि मरीज के आने के वक्त यहां संबंधित चिकित्सक नहीं रहा तो टेलीमेडिसिन के जरिए संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक से आनलाइन संपर्क कर मरीज का इलाज किया जाएगा। विवाद से दूर रहें युवा, मदद को रहें तैयार

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने युवाओं को संयम में रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि युवाओं पर ही आंदोलन को सफल बनाने का दारोमदार है। गणतंत्र दिवस पर युवा सरकार के षड्यंत्र के शिकार हुए थे, लेकिन अब सरकार की चाल में नहीं आना है। जब तक तीनों नए कृषि कानून रद नहीं होंगे तब तक इस आंदोलन को कमजोर नहीं किया जा सकता। यह बात युवाओं को ध्यान रखनी होगी। युवाओं को उपद्रव या विवाद से दूर रहते हुए केएमपी के जाम को कामयाब बनाना होगा। किसी भी समय कर सकते हैं दिल्ली में इंट्री

जिले के भैंसवाल से आए लोगों ने कहा धरने पर 100 दिनों से बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में सरकार के कान खोलने के लिए कुछ अलग करने की जरूरत है। आंदोलनकारी किसी भी समय दिल्ली की तरफ कूच करने को तैयार हैं। उन्हें ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में कूच करने को तैयार रहने को कहा गया है, कितु वे ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे। दिल्ली को चौतरफा बंद करने के लिए वे किसी भी समय कदम उठा सकते हैं। चर्चा में कैलिफोर्निया का लंगर

आंदोलनकारियों के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया के गुरुद्वारे की ओर से लगाया गया लंगर चर्चा में है। यह लंगर मुख्य मंच से कुछ दूरी पर चल रहा है, जिसमें 24 घंटे सेवा चलती है। सुबह, दोपहर व शाम के लिए यहां का मैन्यू तय है। सुबह के समय सैंडविच, दोपहर को परांठे व शाम को दाल-रोटी का प्रबंध यहां किया जा रहा है। खास बात यह है कि लंगर के पास ही चिकित्सालय है और वहीं थोड़ी दूर पर लग्जरी शौचालय बनाए गए हैं।

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