एक ही फसल के तीन नाम वो भी मिस मैच में, फील्ड में दौड़ा दिए अफसर

एक ही फसल के तीन नाम वो भी मिस मैच में, फील्ड में दौड़ा दिए अफसर
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 10:37 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, सिरसा : मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर एक ही फसल के दो या तीन नाम होने से भी डाटा मिस मैच हो गया है। साफ्टवेयर में दर्ज फसल के अलग-अलग नाम अब मिस मैच डाटा की कहानी कह रहे हैं इसलिए उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम व राजस्व विभाग के दूसरे अधिकारी फील्ड में उतर गए हैं। दो दिन में रिपोर्ट सभी को अपनी लॉग इन आइडी से मुख्यालय को भेजनी होगी और फिर उस डाटा को अपडेट किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार धान की फसल के अलग-अलग नाम से प्रवृष्टि डल गई। किसान ने जीरी, पटवारी ने बासमति और हरसेक ने धान लिख दिया। फसल एक है, नाम अलग है बस फिर क्या था कि यह मिस मैच डाटा में आ गया है। जिसकी जांच अब अधिकारियों को मौके पर करनी है। इसी तरह कपास के मामले में भी फसल के अलग-अलग नाम भरने से डाटा मिस मैच मान लिया। किसान ने रूई, पटवारी ने नरमा तो हरसेक ने उसे कपास दर्शा दिया। अधिकारियों के अनुसार आधा मिस मैच डाटा तो केवल फसल के नाम में फर्क का ही है। ज्यादातर एंट्रियां इसी नाम से हैं और अब अधिकारियों को एक-एक खेत में पहुंचना पड़ रहा है। हरे चारे में काट लिया ग्वार, अब नहीं हो रहा डाटा का मिलान

अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर ऐसी भी समस्या आई है कि कुछ किसानों ने ग्वार को काट लिया और उसे हरे चारे में प्रयुक्त किया है लेकिन हरसेक के खाते में खेत खाली आ रहे हैं। अधिकारी जब खेत में जांचने पहुंचे तो किसान ने मेरी फसल मेरा ब्योरा में ग्वार लिखा था, पटवारी ने ई-गिरदावरी में ग्वार ही लिखा लेकिन हरसेक में खेत खाली की रिपोर्ट है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि ग्वार कमजोर दिखा तो उसे पशु चारे में प्रयुक्त कर लिया। हालांकि ऐसे मामलों की संख्या बहुत ही कम है। ब्योरे में कोई फसल, मौके पर कोई और

कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें किसानों ने फसल कोई और लिखी है मौके पर दूसरी फसल पाई है। किसानों ने कहा कि ब्योरा भरते समय त्रुटि रह सकती है जैसे किसान ने भरते समय ग्वार लिखा हुआ था लेकिन मौके पर नरमा की फसल खड़ी है। पराली न जलाने के लिए कर रहे जागरूक

अधिकारी मौके पर खेतों में निरीक्षण के लिए जा रहे हैं। इस दौरान वे मौके पर मौजूद किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक कर रहे हैं।कुछ समय बाद धान की कटाई का कार्य किसानों द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। किसान अगली फसल की जल्द बिजाई के लिए फसलों के अवशेष में आग लगा देते हैं। इसी को लेकर भी अधिकारी उन्हें जागरूक कर रहे हैं। फील्ड में जाकर अधिकारियों को अलग-अलग निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उसी अनुरूप अधिकारी मौके पर जा रहे हैं। एक-एक प्रविष्टि की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे किसानों को पराली न जलाए जाने के प्रति भी जागरूक करें।

- आरसी बिढ़ाण, उपायुक्त सिरसा।

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