मास्क और शारीरिक दूरी का ख्याल नहीं , 40 फीसद से अधिक लोग बिना मास्क के दिखे

मास्क और शारीरिक दूरी का ख्याल नहीं , 40 फीसद से अधिक लोग बिना मास्क के दिखे
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 10:41 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, सिरसा : सिरसा : कोरोना को हराने की जिद अब कमजोरी पड़ने लगी है। हालात से बेखबर हो रहे लोग मास्क को भी औपचारिकता मान रहे हैं। जिले में हर रोज संक्रमण बढ़ रहा है फिर भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। सोमवार को जागरण संवाददाता ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति देखी तो स्थिति अच्छी नहीं नजर आई। 40 फीसद से अधिक लोग न तो मुंह पर मास्क लगाए हुए थे और न ही शारीरिक दूरी का ख्याल था। लॉकडाउन के समय में जहां पूरी सतर्कता बरती जाती थी। लोग मास्क लगाते थे, शारीरिक दूरी रखने के लिए दूर दूर खड़े होते थे अब कहीं जागरूकता दिखाई नहीं दे रही। ----------

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बस स्टैंड में न स्क्रीनिग और न ही शारीरिक दूरी का ख्याल सुबह 11 बजे, मुख्य बस अड्डा पर यात्रियों की भीड़। लॉकडाउन बाद बसें चलाने की शुरूआत में यहां हर यात्री की थर्मल स्केनिग से जांच होती थी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच करती थी। अब वहां ऐसा कुछ नहीं दिखा। सवारियां तो क्या कई चालक परिचालक भी बिना मास्क लगाए दिखाई दिये। कुछ चालकों ने गले में साफा डाला हुआ था, जिसे वे अपनी सुविधा अनुसार मुंह पर लगा और उतार लेते हैं। बसों में भी अब भीड़ रहने लगी है। बस स्टैंड के बाहर भी ऑटो स्टैंड व सामने लगी रेहड़ियों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी। संक्रमण से बचने के लिए छोटे बच्चे, महिलाएं और युवा मास्क लगाए भी दिखाई दिये। ----------

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रोड़ी बाजार में किसी के ठोड़ी के नीचे तो किसी के कान पर दिखा मास्क

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन ने भी खूब सख्ती बरती है तथा मास्क न लगाने वालों के 500 रुपये के चालान किए गए हैं । इसके बावजूद अब भी लोग दुकानों पर बिना मास्क के ही नजर आ रहे हैं। मास्क है लेकिन मुंह और नाक को न ढकने की बजाय किसी ने एक कान पर लटकाया हुआ है तो किसी से ठोड़ी के नीचे । ज्यों ही कोई टीम दिखाई दी मास्क लगा लिया। शुरूआत में दुकानों के आगे रस्सी बंधी नजर आती थी, दुकानों में एंट्री बैन थी परंतु अब सब पुराने ढर्रे पर लौट चुका है। सदर बाजार, रोड़ी बाजार में अधिकतर दुकानदार बिना मास्क के ही नजर आए। हालांकि कई बड़े शोरूम के बाहर मुंह पर मास्क लगाने, हैंड सैनिटाइज के नोटिस चस्पा है। बाजार में वाहनों पर नजर आने वाले लोगों में से करीब 75 फीसद मास्क लगा रहे हैं जबकि 25 फीसद अभी भी ऐसे हैं जो बेखौफ घूम रहे हैं। बाजारों में फल सब्जी की रेहड़ियां लगाने वाले भी अधिकतर लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। -----------

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बैंकों के आगे भी नहीं शारीरिक दूरी का ख्याल

बैंकों के आगे भी अब कोरोना संक्रमण का खौफ दिखाई नहीं देता। आंबेडकर चौक स्थित केनरा बैंक के बाहर सोमवार सुबह करीब 20 महिलाएं झुंड बनाकर बैठी थी। चुन्नरियों से मुंह ढके थे परंतु शारीरिक दूरी की कोई परवाह नहीं। पूछा तो बताया कि पेंशन लेने आई है। इसी दौरान बैंक कर्मी ने वहां आकर उन्हें बताया कि अभी पेंशन नहीं आई। 25 के बाद पता करना। शहर के दूसरे बैंकों में भी ऐसी ही स्थिति है। अब तो बैंकों में लाइनें लगने लगी है। लॉकडाउन में अधिकतर बैंकों के आगे शारीरिक दूरी रखने के लिए निर्धारित दूरी पर निशान लगाए गए थे।

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करवाने आते हैं इलाज, संक्रमण का नहीं भय नागरिक अस्पताल में संक्रमण रोकने के लिए प्रबंध किए गए थे। एंट्री गेटों पर हाथ धोने के लिए वाश बेसिन लगाई गई हैं। शुरूआत में कर्मचारी भी बैठाया था, अनाउसमेंट भी होती रहती थी कि संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतें। परंतु अब यहां भी लापरवाही दिखी। अधिकतर लोग बिना हाथ धोए ही प्रवेश कर रहे थे। इलाज के लिए पर्ची बनवाने और दवाइयां लेने के लिए भी लाइन में लगे लोगों के बीच निश्चित दूरी नहीं दिखी। महिला एवं जच्चा बच्चा वार्ड में बड़ी संख्या में महिलाएं जांच करवाने के लिए आई थी, अधिकतर एक ही जगह बैठी थी, कइयों के मुंह पर तो मास्क भी नहीं था और न ही शारीरिक दूरी का ख्याल। ------------- लाइव- 05

धरना प्रदर्शनों में खूब धक्का मुक्की शहर में इन दिनों खूब धरने प्रदर्शन हो रहे हैं। किसान, आढ़ती, राजनैतिक दल धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। खूब भीड़ इकट्ठी हो रही है। रोजाना जिले में बड़ी संख्या में संक्रमित केस आने के बारे में भी पता है और संक्रमण से हो रही मौतों से भी अंजान नहीं है। इसके बावजूद लोग बेखौफ है। सोमवार को अनाजमंडी में दिये गए धरने प्रदर्शन में भी ऐसा ही माहौल देखा गया। आढ़तियों के समर्थन में जिले भर से लोग जुटे। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने मास्क लगाना तो दूर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। नेताजी भी उनके बीच जाकर फोटो खिचवा रहे थे। बाद में मुख्य बाजारों में प्रदर्शन किया तो यहां भी धक्का मुक्की। ऐसा ही हाल किसानों के धरने पर भी देखने को मिला।

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