मेरी फसल-मेरी ब्योरा में दर्शाए रिकार्ड की जांच को आलाधिकारी दूसरे दिन भी रहे फील्ड में

मेरी फसल-मेरी ब्योरा में दर्शाए रिकार्ड की जांच को आलाधिकारी दूसरे दिन भी रहे फील्ड में
Publish Date:Sun, 20 Sep 2020 06:20 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, सिरसा : मेरी फसल-मेरी ब्योरा पर पंजीकरण करवाने वाले 59 हजार किसानों में से पांच हजार की प्रविष्टि का डाटा मेल नहीं खा रहा। किसान ने कोई फसल, ई-गिरदावरी में दूसरी फसल तो हरसेक के डाटा में खेत खाली की रिपोर्ट लगी हुई है। तीनों में से दो में भी अंतर होने पर डाटा मिस मैच माना गया है और उसकी जांच के लिए अधिकारियों को सरकार ने फील्ड में उतार दिया है। सिरसा में करीब पांच हजार ऐसी एंट्री हैं जो मिस मैच हैं। अब इसकी जांच उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, जिला राजस्व अधिकारी, एसडीएम, सिटीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को सौंपी गई है। उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण दूसरे दिन भी फील्ड में रहे। मल्लेकां के बाद वह कर्मशाना के खेतों में पहुंचे और दर्शाए गए डाटा की जांच की। इसी तरह एडीसी सुबह-सवेरे ही नेजाडेला खुर्द में पहुंच गए। यहां उन्होंने अलग-अलग खेतों में जाकर मौके के फसल की जांच की। मौके पर थी फसल, हरसेक में खाली बताया खेत

उपायुक्त जब जांच के लिए खेतों में पहुंचे तो कई खामियां सामने आई। खेत में फसल थी, ई-गिरदावरी में भी फसल का उल्लेख है लेकिन हरसेक की रिपोर्ट में खेत खाली दिखाया गया। मौके पर देखने पर पता चला कि खेत के बिल्कुल साथ रास्ता था और शायद इसी वजह से हरसेक के डाटा में खाली खेत आ गया। ऐसा भी सामने आया कि किसान द्वारा फसल तो और दिखाई गई और मौके पर फसल दूसरी पाई। कुछ मामलों में किसान ने जीरी, पटवारी ने बासमती तो हरसेक ने धान बताकर डाटा मिस मैच में दिखा दिया। इसी तरह कपास में भी रूई, कपास या नरमा के नाम पर भी डाटा मिस मैच की श्रेणी में डाल दिया।

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