किसान सम्मान समारोह में बोले अभय, उस वक्त इस्तीफा दिया जब भाजपा आंदोलन को तोड़ने का काम कर रही थी

किसान सम्मान समारोह में बोले अभय, उस वक्त इस्तीफा दिया जब भाजपा आंदोलन को तोड़ने का काम कर रही थी

ऐलनाबाद की अनाज मंडी में आयोजित किसान सम्मान समारोह में रिकार्ड

JagranThu, 04 Mar 2021 06:18 AM (IST)

जागरण संवाददाता, सिरसा : ऐलनाबाद की अनाज मंडी में आयोजित किसान सम्मान समारोह में रिकार्ड भीड़ जुटाकर इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया और किसान हितैषी नेता के रूप में उभरे। किसान मजदूर एकता शक्ति मंच के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में इनेलो पार्टी का बैनर कहीं नजर नहीं आया। मंच पर किसान नेता चौ. छोटू राम, चौ. देवीलाल, चौ. चरण सिंह, महेंद्र सिंह टिकैत के अलावा चौ. ओमप्रकाश चौटाला व अभय सिंह चौटाला के चित्र थे। मंच पर कुर्सियों की बजाय गद्दे लगाए गए और वक्ताओं के साथ अभय सिंह भी उनके साथ नीचे ही बैठे। करीब 30 मिनट के भाषण में अभय सिंह ने केंद्र व प्रदेश सरकार को कोसा वहीं मंच से फिर एक बार उपचुनाव में साथ देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के आरंभ में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन के दौरान मरे 250 किसानों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। किसान मजदूर एकता शक्ति मंच के पदाधिकारियों ने उन्हें किसानों की शक्ति के रूप में हल और सम्मानस्वरूप पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस संगठन के अलावा जिले के 23 अन्य विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भी अभय सिंह चौटाला को सम्मानित किया। मंच संचालन किसान सुरेंद्र सिद्धु और जगमीत राजेवाल ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के दौरान कलाकार मलकीत औलख एवं सोनिया मान ने भी तीनों कृषि कानूनों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। इस अवसर पर पूनम पंडित, सुरेश खोथ, इनेलो जिलाध्यक्ष कश्मीर सिंह करीवाला, रादौर के पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा, रवि चौटाला, सुनैना चौटाला, पूर्व मंत्री भागीराम, रणधीर जोधकां, विनोद दड़बी एवं प्रकाश सिंह साहुवाला मौजूद थे। ----------- कोरोना की आड़ में हुए प्रदेश में अनेक घोटाले : अभय सिंह ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कमेटी बनाई, जिसमें मैं तथा भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल थे। केंद्र ने 17 हजार करोड़ रुपये किसानों की गेहूं खरीद के लिए दिया था परंतु किसानों को गेहूं के भुगतान के लिए चक्कर काटने पड़े। उसके बाद शराब, रजिस्ट्री, स्वास्थ्य विभाग में घोटाले हुए। प्रदेश में किसानों को लूटा जा रहा था वहीं प्रधानमंत्री कृषि के कानून बनाने जा रहा था। ---- कांग्रेस भी लाना चाहती थी कृषि बिल, नहीं था बहुमत अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 2012 में कांग्रेस सरकार ने कृषि कानूनों के लिए कमेटी बनाई गई, इसमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल था। कांग्रेस भी इस बिल को लागू करना चाहती थी परंतु उनके पास बहुमत नहीं था। उस समय कांग्रेस को अनेक छोटी पार्टियों का समर्थन था, उन्होंने बिल लागू करने पर समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी, जिसके चलते कांग्रेस यह बिल नहीं ला पाई थी। ------- उस वक्त इस्तीफा दिया जब भाजपा आंदोलन को तोड़ने का काम कर रही थी अभय सिंह ने कहा कि विधानसभा में इनेलो ने ही कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया। प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्त को ज्ञापन दिये गए। मैंने उस वक्त में इस्तीफा दिया जब भाजपा आंदोलन को तोड़ने का काम कर रही थी। 26 जनवरी को जब किसान तिरंगा यात्रा निकाल रहा था, केंद्र की सरकार किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है। केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिशें रची। ------------- वायदे पर खरा उतरे अभय सिंह सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोनिया मान ने कहा कि अभय सिंह ने कृषि कानूनों के विरोध में विधानसभा से इस्तीफा देने का ऐलान किया था और उस पर खरे भी उतरे। अभय सिंह वास्तव में चौ. देवीलाल के वंशज है, जो वास्तव में किसानों के मसीहा थे। गायक अजय हुड्डा ने अपने गीत की प्रस्तुति दी।

---------- अभय सिंह ने किया नेक काम, युवाओं को मिली सीख उत्तर प्रदेश से आई पूनम पंडित ने कहा कि अभय सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देकर नेक काम किया है, इससे हम जैसे युवा को सीख मिलती है। 2013 में धान का रेट 4500 कुछ था, 2020 में 2200 कर दिया। पेट्रोल डीजल के दाम सौ रुपये पहुंच गया। किसानों को आंतकवादी, खालिस्तानी कहा जा रहा है। आंदोलन को 96 दिन पूरे हो गए है परंतु सरकार किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं। कानून बैक डोर से लेकर आएं हैं, वोटिग से लेकर क्यों नहीं आए। जो राष्ट्रीयकरण की बात करेगा, उसका साथ देंगे, निजीकरण को बढ़ावा देने वाले का साथ नहीं देंगे।

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