एक माह के भीतर हो चुके हैं पहले भी दो धमाके

नेशनल हाईवे नंबर-9 पर स्थित गांव खरावड़ के सुनसान एरिया में बम धमाके से पहले भी एक माह के भीतर दो धमाके होने की बात सामने आई है। लेकिन पहले हुए धमाकों में कोई घायल नहीं हुआ जिसके कारण ग्रामीणों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार को हादसे के बाद ग्रामीण खौफजदा है और पुलिस अधिकारी भी पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

JagranSun, 01 Aug 2021 05:57 AM (IST)
एक माह के भीतर हो चुके हैं पहले भी दो धमाके

केएस मोबिन, रोहतक :

नेशनल हाईवे नंबर-9 पर स्थित गांव खरावड़ के सुनसान एरिया में बम धमाके से पहले भी एक माह के भीतर दो धमाके होने की बात सामने आई है। लेकिन पहले हुए धमाकों में कोई घायल नहीं हुआ, जिसके कारण ग्रामीणों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार को हादसे के बाद ग्रामीण खौफजदा है और पुलिस अधिकारी भी पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। पुलिस ने गांव के ही गई लोगों को पूछताछ के बाद हिरासत में भी लिया है ताकि पहले हुए हादसों की कड़ी जोड़कर इस जांच को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस ने भी इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की है।

गांव खरावड़ की जमीन पर आइएमटी फेस-3 बनाया गया है। अभी तक यह जमीन डेवलप नहीं हुई और सुनसान पड़ी है। शनिवार को गांव के मास्टर शिवराम गौतम के खेत में हैंडपंप के समीप सफेद रंग की प्लास्टिक थैली में ब्लास्ट हो गया। इसमें गांव खरावड़ निवासी राजकुमार पुत्र दीपचंद्र बुरी तरह से जख्मी हो गया। जिस समय हादसा हुआ राजकुमार के साथ गांव के ही सुभाष पुत्र रामकुमार, गीता दत्त गौतम पुत्र हरीशचंद्र व रमेश पुत्र मीर सिंह भी मौजूद थे। चारों रोजाना घूमने के लिए इस जगह पर जाते हैं। ब्लास्ट के बाद आइएमटी थाना पुलिस मौके पर जांच के लिए पहुंची। ग्रामीणों भी काफी संख्या में एकत्रित हो गए। पुलिस ने जब ग्रामीणों से पूछताछ की तो सामने आया कि इस तरह के धमाके इसी क्षेत्र में दो बार पहले भी हो चुके हैं, लेकिन इन धमाकों में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। शनिवार को हादसे के बाद पूर्व में हुए धमाकों की गंभीरता को पता चला है। इससे स्पष्ट हो गया है कि यह कोई इत्तेफाकिया नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से विस्फोट किया गया है।

सुनसान क्षेत्र में हैंडपंप व कुएं पर रखे गए विस्फोट

ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष बताया कि एक माह में दो धमाके इस क्षेत्र में हो चुके हैं। खास बात यह सामने आई है कि दोनों धमाके सुनसान क्षेत्र में वहां हुए, जहां पर इक्का-दुक्का व्यक्ति जाते हैं। गांव के ही राजू को पुलिस ने हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो उसने बताया कि करीब एक माह पहले इसी क्षेत्र में शनिवार को हुए हादसे से करीब 500 मीटर दूरी पर हैंडपंप के समीप ही धमाका हुआ था। इस धमाके में उसके बहनोई को मामूली चोट लगी थी, जिसमें लोहे की कील जैसे लगे थे। लेकिन इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। खास बात यह है कि राजू की बात पर ग्रामीण ज्यादा विश्वास भी नहीं करते। इसी तरह पीजीआइएमएस के पूर्व कर्मचारी ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले कुएं के समीप ऐसा धमाका हुआ हो चुका है। पुलिस के सामने दो पुराने धमाकों की जानकारी आई तो मामला ज्यादा पेचिदा हो गया है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि विस्फोटक पदार्थ को सुनसान क्षेत्र में वहां रखा जाता है, जहां इक्का-दुक्का या नशेड़ी व्यक्ति जाते हैं। जहां धमाका हुआ है, वहां एक झाड़ी से डोर भी बंधी थी ताकि कोई थैली को उठाए तो प्रेशर पड़े और उससे ब्लास्ट हो सके।

घायल राजकुमार व साथियों से भी पुलिस ने की पूछताछ

इस हादसे में घायल राजकुमार की उम्र करीब 55 वर्ष है और गांव में ही बिजली की दुकान है। वह इलेक्ट्रिशन है। उसके साथ गीता दत्त गौतम की उम्र करीब 50 साल है और वह निजी कंपनी में नौकरी कर चुके है, फिलहाल गांव में ही रहता है। सुभाष पूर्व सैनिक है और 40 वर्षीय नरेश ड्राइवरी करता है। ये चारों रोजाना इसी जगह पर शौच के लिए आते हैं। पुलिस ने चारों से अलग-अलग बातचीत की गई। जिसमें कई खास जानकारी भी हाथ लगी है।

राजकुमार ने यह दिया पुलिस को बयान

वह प्रतिदिन साइकिल से आइएमटी एरिया में जाता है। हैंडपंप से पानी की बोतल भरकर शौच के लिए जाते है। उसके साथ गांव के ही सुभाष, गीता दत्त गौतम और नरेश भी मौजूद थो। नरेश ने हैंडपंप पर मुंह धोया और बोतल भरकर चला गया। इसके बाद सुभाष भी बोतल भरकर चला गया। गीता दत्त मुंह धोने लगा। हैंडपंप के समीप एक सफेद थैली पड़ी थी तो उसने पूछा तो गीता दत्त ने कहा तेरे को क्या करना है। लेकिन उसने थैली को उठा लिया तो अचानक से धमाका हुआ और वह घायल हो गया। नरेश ने अपने भाई रामेश्वर को बुलाया और मोटरसाइकिल से हाईवे पर ले गए। वहां से तेजबीर ने कार से पीजीआइ में भर्ती कराया। किसी अनजान व्यक्ति ने जानमाल का नुकसान पहुंचान, जान से मारने व शांति भंग करने के मकसद से बम थैली में छिपाकर रखा था।

मधुबन से पहुंची बम डिस्पोजल टीम

बम धमाके के बाद पुलिस ने एफएसएल एक्सपार्ट डा. सरोज दहिया मलिक, डाग स्कवायड टीम को जांच के लिए बुलाया। इसके बाद मधुबन से बम डिस्पोजल टीम भी पहुंची। तीनों टीमों ने घटनास्थल के आसपास करीब कई घंटे तक बारीकी से निरीक्षण किया। देर शाम तक जांच टीमें जुटी गई थी। जहां हादसा हुआ, उस क्षेत्र को पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है।

वर्जन

बम धमाके के मामले में घायल राजकुमार की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ आइपीसी की धारा 305, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3 व 4 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी इस मामले में संपर्क किया है। शीघ्र मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

राहुल शर्मा, एसपी, रोहतक

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