औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर चार फीट तक के गड्ढे, स्ट्रीट लाइट बंद, दूर-दूर तक शौचालयों का पता नहीं

जागरण संवाददाता रोहतक औद्योगिक क्षेत्रों में हालात नहीं सुधर रहे। वीरवार को दैनिक जागर

JagranFri, 06 Aug 2021 07:04 AM (IST)
औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर चार फीट तक के गड्ढे, स्ट्रीट लाइट बंद, दूर-दूर तक शौचालयों का पता नहीं

जागरण संवाददाता, रोहतक

औद्योगिक क्षेत्रों में हालात नहीं सुधर रहे। वीरवार को दैनिक जागरण की टीम ने हालातों का जायजा लिया। उद्यमियों की इस बात से नाराजगी है कि सड़कों पर करीब ढाई से लेकर तीन फीट तक गड्ढे हैं। सीवरेज लाइन साफ नहीं। सड़कों की ऐसी हालात है कि असावधानी बरती तो हादसा हो सकता है। बेसहारा पशुओं के कारण भी दिक्कते हैं। खाली प्लाट में गंदगी के अंबार हैं। सीवरेज लाइन ओवरफ्लो हैं। खाली प्लाट में झाड़ियों से सांप-बिच्छू के साथ ही बेसहारा पशु भी बैठे रहते हैं। रात के वक्त अचानक वाहनों के आगे आ जाते हैं।

जागरण की टीम ने हिसार रोड औद्योगिक क्षेत्र, कुताना औद्योगिक क्षेत्र और कुताना बस्ती के हालातों का जायजा लिया। कुताना बस्ती नगर निगम के कार्यक्षेत्र में हैं। उद्यमियों का कहना है कि सामान्य दिनों में सड़कों से निकलने में दिक्कतें होती हैं। बरसात हो जाए तो जलजमाव के बीच से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं। यह भी नाराजगी है कि जर्जर सड़कों ने कमर दर्द, गर्दन के दर्द की समस्या बढ़ा दी है। उद्यमियों की मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों के निकट चिकित्सकीय सुविधाएं शुरू की जाएं। पुलिस के नाके और पुलिस चौकी भी हो। सभी स्ट्रीट लाइट सही कराई जाएं। खाली प्लाट में खड़ी झाड़ियां भी साफ कराई जाएं। यहां एक मोबाइल टायलेट रखा हुआ है, उद्यमी कहते हैं कि जरूरत के हिसाब से शौचालय निर्मित कराए जाएं।

सार्वजनिक शौचालयों का भी टोटा

वार्ड-1 के पार्षद कृष्ण सेहरावत कहते हैं कि संबंधित औद्योगिक क्षेत्र मेरे वार्ड में है। यहां स्ट्रीट लाइट खराब हैं। रात के वक्त तालाबनुमा सड़कों से निकलना किसी खतरे से कम नहीं। इसी के साथ खाली प्लाट में गंदगी को साफ कराने की मांग की है। यह भी कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाए। स्वच्छ भारत का नारा यहां तभी सफल होगा। उद्यमी जसमेर लाठर कहते हैं कि हमारे यहां भी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। सड़कों की सेहत इतनी खराब है कि हादसों का डर रहता है।

औद्योगिक क्षेत्र की यह है स्थिति

अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र कुताना क्षेत्र में करीब 222 औद्योगिक इकाईयां हैं और 155 एकड़ में संचालित है। हिसार रोड औद्योगिक क्षेत्र में 207 औद्योगिक इकाईयां हैं। 65 एकड़ में यह औद्योगिक इकाईयां हैं। वहीं, आईएमटी दिल्ली रोड पर 82, जींद रोड 40 औद्योगिक इकाईयां हैं। उद्यमियों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करना भी बंद कर दिया है। क्योंकि अब काम कराने के बजाय लगातार बहाने सामने आने लगे हैं।

उद्यमियों की मांग, जल्द उपायुक्त बुलाई जिले के सभी उद्यमियों की बैठक

उद्यमी विजय हरजाई और एसके खटौड़ ने मांग की है कि उद्यमियों के साथ उपायुक्त, पुलिस, उद्योग विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ हर माह बैठक होनी चाहिए। अधिकारी सीधे तौर से समस्याओं से रूबरू नहीं हो पा रहे। इसलिए उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार से मांग की है कि तत्काल ही सभी औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों और औद्योगिक एसोसिएशन के साथ बैठक बुलाई जाए। अधिकारियों को समस्या बताते हैं तो वह कह देते हैं कि बजट नहीं। शिकायतों का समाधान भी नहीं।

अधिकारी बोले-पानी के बिलों का भी भुगतान अटका

अधिकारियों का कहना है कि उद्यमी सर्विस चार्ज उद्यमी जमा नहीं कराते। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि हालात यह हैं कि पानी-सीवरेज के बिलों का भुगतान तक अटका हुआ है। जिस रकम की बात उद्यमी करते हैं वह रकम साल 2019 की है। सड़कों की जर्जर हालात की बात कुछ अधिकारियों ने स्वीकारी है। यह भी कहा कि मरम्मत बजट मिले या फिर उद्यमी रकम जमा कराएं। एस्टीमेट तभी बनेगा जब उद्यमी सही समय पर ईमानदारी के साथ रकम जमा कराएंगे।

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हमारे कार्यक्षेत्र में सड़कों की सेहत खराब नहीं है। जरूरत होने पर मरम्मत कराई गई।

रविद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसआइआइडीसी

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अधिकारी यह बताएं कि वर्षों से सिर्फ एक ही बहाना है कि बजट नहीं। आखिर यह बहाना कब बंद होगा।

एसके खटौड़, प्रधान, हिसार रोड औद्योगिक क्षेत्र

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हमने तो अधिकारियों से शिकायत करना छोड़ दिया है। हमें पता है कि सुनवाई नहीं होनी। अब अव्यवस्थाओं के साथ जीना सीख लिया है।

विजय हरजाई, प्रधान, चैंबर आफ आटोमेटिव

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औद्योगिक क्षेत्रों में गांवों से भी बदतर हालात हो गए हैं। यहां आज तक सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, सही सड़कें, सीवरेज की सफाई, पेयजल आपूर्ति, सफाई के इंतजाम दुरूस्त नहीं हो सके।

कृष्ण सेहरावत, पार्षद, वार्ड-1 ।

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