सुनारिया में 32 एकड़ जमीन निगम ने पुलिस बलों के साथ पहुंचकर कराई खाली, 200 एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित

जागरण संवाददाता रोहतक नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने वालों को बुरी खबर है। अब हर

JagranSat, 27 Nov 2021 05:22 AM (IST)
सुनारिया में 32 एकड़ जमीन निगम ने पुलिस बलों के साथ पहुंचकर कराई खाली, 200 एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित

जागरण संवाददाता, रोहतक : नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने वालों को बुरी खबर है। अब हर हाल में सरकारी जमीनों को खाली करना होगा। निगम की टीम ने शुक्रवार को सख्ती दिखाते हुए सुनारिया गांव में पुलिस बलों के साथ पहुंचकर 32 एकड़ जमीन खाली कराई। यहां निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन का बोर्ड लगा दिया। यह भी चेतावनी दी है कि अगली बार निगम की जमीन पर कोई कब्जा करेगा तो संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस केस किया जाएगा। इस प्रकरण में छह माह तक की सजा हो सकती है।

नगर निगम की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार, भूमि अधिकारी सुरेंद्र गोयल आदि अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी में सुनारिया में पहुंची। निगम के संयुक्त आयुक्त के मुताबिक, निगम के आयुक्त डा. नरहरि बांगड़ के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। कुछ लोगों ने विरोध जताया और हंगामा करने की कोशिश की। यह भी कहा कि फसल पकने तक हमें मोहलत दी जाए। सुनारिया में संबंधित जमीन पर करीब सात से आठ लोग सरसों की खेती कर रहे थे। पहले भी इन्हें नोटिस दिए गए। फिर भी अवैध कब्जा खाली नहीं किए। अधिकारियों ने यह भी बताया कि संबंधित जमीन पर जल्द ही तारबंदी की भी योजना है। जिससे दोबारा से कोई अवैध कब्जा न कर सके।

200 एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित, यहां हटेंगे कब्जे

निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि निगम ने अपनी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने का खाका तैयार कर लिया है। यह भी बताया कि नगर निगम क्षेत्र में करीब 200 एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इन सभी जमीनों को चिह्नित किया जा चुका है। नोटिस बांटे जा चुके हैं। पुलिस बल मिलते ही आगामी भी कार्रवाई होगी। इनका यह भी कहना है कि कई स्थानों पर खेती हो रही है। कुछ जमीनें व्यवसायिक हैं कई स्थानों पर निगम की जमीन रिहायशी हैं। सभी कब्जे हटेंगे।

लालपुरा की 132 एकड़ जमीन पर भी विवाद

निगम के भूमि अधिकारी सुरेंद्र गोयल ने बताया कि गोहाना रोड स्थित लालपुरा की जमीन करीब 20 साल पहले वन विभाग को दी गई थी। संबंधित जमीन पर पेड़-पौधे लगाने के लिए वन विभाग को काम करना था। लीज की समय अवधि समाप्त हो चुकी है। इन्होंने दावा किया है कि किसानों के यहां कब्जे हैं। अब विवाद कोर्ट में लंबित है। किसान खुद की जमीन बताते हैं। गोयल ने बताया कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उस हिसाब से यहां कार्रवाई होगी।

खाली जमीन के निकट छह एकड़ में गोशाला के निर्माण का प्रस्ताव

बेसहारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए निगम ने एक अन्य गोशाला का संचालन कराने का फैसला लिया है। फिलहाल निगम की पहरावर स्थित गोशाला है। संबंधित गोशाला में करीब तीन हजार गोवंश हैं। क्षमता से अधिक गोवंश बताए गए हैं। इसलिए निगम की टीम अभियान चलाकर गोवंश पकड़कर किस गोशाला में छोड़े, यह बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। यही वजह है कि निगम सुनारिया में छह एकड़ में नई गोशाला निर्मित कराएगा। हालांकि गोशाला का संचालन कोई भी सामाजिक संगठन ही करेगा।

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