हाईटेंशन लाइन शिफ्ट नहीं हुई तो अब कोर्ट का विकल्प खुला, चंदा इकट्ठा करके लड़ेंगे न्याय पाने लड़ाई

हाईटेंशन लाइन शिफ्ट नहीं हुई तो अब कोर्ट का विकल्प खुला, चंदा इकट्ठा करके लड़ेंगे न्याय पाने लड़ाई

शहर की छतों के ऊपर से हाईटेंशन तार बदलवाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। लोग चंदा एकत्र कर कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

JagranSun, 28 Feb 2021 06:41 AM (IST)

जागरण संवाददाता, रोहतक : शहर की छतों के ऊपर से हाईटेंशन तार बदलवाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। हाईटेंशन तारों के कारण होने वाले हादसों से निजात पाने के लिए लोग आर-पार के मूड में आ गए हैं। चेतावनी दी है कि बिजली निगम और प्रशासनिक अधिकारी लाइन बदलवाने के लिए ठोस फैसला नहीं लेंगे तो मजबूर होकर कोर्ट जाएंगे। इसी प्रकरण में अगले सप्ताह स्थानीय लोग कुछ अधिवक्ताओं से मिलेंगे। जरूरत पड़ी तो चंदा करके कोर्ट की लड़ाई लड़ेंगे।

फिलहाल शहर की 12 से अधिक कालोनियों में हाईटेंशन लाइन हैं। शहर में तमाम हादसे हो चुके हैं। शहरी क्षेत्र में जींद रोड स्थित बरसी नगर, शास्त्री नगर, राजीव कालोनी, कबीर कालोनी, जींद चौक, जींद बाईपास, शिव कालोनी, सूर्य कालोनी, हिसार रोड आदि कालोनियों में हाईटेंशन लाइन छतों के ऊपर से गुजर रही हैं। बता दें कि सूर्य कालोनी निवासी एवं सेना से रिटायर हरिओम के इकलौते बेटे की मौत अगस्त 2015 में हो गई थी। हाईटेंशन तारों की चपेट में आकर हरिओम के बेटे विकास शर्मा का निधन हो गया था। तभी से लगातार हरिओम व कालोनी वाले लाइन शिफ्ट कराने की मांग कर रहे हैं। 17 मार्च को परिवेदना समिति में सुनवाई, सीएम विडो पर करेंगे शिकायत, अधिवक्ता भी तैयार

पूरे मामले में न्याय पाने की लड़ाई लड़ने वाले हरिओम और उनके भतीजे रितेश कहते हैं कि कुछ माह पहले नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल के कार्यालय में शिकायत की थी। इसलिए लॉकडाउन के दौरान बिजली निगम की टीम जांच करने आई। जो भी हाईटेंशन के तार ढीले थे उन्हें टाइट तो कर गए, लेकिन हमारी मांग हाईटेंशन लाइन छतों से पूरी तरह से शिफ्ट कराने की थी। मगर ऐसा नहीं हुआ। इसलिए दोबारा से कुछ माह पहले ही जिला उपायुक्त कार्यालय में शिकायत की। इसलिए 17 फरवरी को परिवेदना समिति की बैठक में सुनवाई हुई। अब आगामी बैठक 17 मार्च को प्रस्तावित है। उस बैठक में भी मामले की सुनवाई होगी। इन्होंने चेतावनी दी है कि सीएम विडो पर शिकायत करेंगे। फिर भी कोई सुनवाई नहीं होगी तो लोगों से मशविरा करके कोर्ट में केस करेंगे। कुछ अधिवक्ताओं से संपर्क कर लिया है। वर्जन

मेरा इकलौता बेटा हाईटेंशन तार की चपेट में आकर चला गया। मेरे साथ जो हादसा हुआ है वह अन्य किसी के साथ न हो, इसलिए मैं न्याय पाने की लड़ाई लड़ रहा हूं।

हरिओम, रिटायर सैनिक एवं पीड़ित

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हाईटेंशन तार बदलवाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। प्रशासन को चाहिए कि लोगों की इस बड़ी समस्या का समाधान कराया जाए।

डा. राजपाल देशवाल, प्रधान, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, बरसी नगर

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