बरात पहुंची दहलीज पर, दुल्हन निकली नाबालिग

बरात पहुंची दहलीज पर, दुल्हन निकली नाबालिग

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Publish Date:Wed, 25 Nov 2020 07:41 PM (IST) Author: Jagran

अमित सैनी, रेवाड़ी

बरात दुल्हन के घर पहुंच गई थी और फेरों की तैयारी हो रही थी। दोनों तरफ के रिश्तेदार गुपचुप पूरी तैयारी में जुटे थे लेकिन शायद यह मुहूर्त उचित नहीं था, इसलिए ही तो फेरे होने से पूर्व अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। दरअसल, टीम को सूचना मिली थी कि जिस लड़की की शादी की जा रही है, वह नाबालिग है। मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो वास्तव में दुल्हन बनी लड़की नाबालिग निकली। बाद में बरात को वापस लौटाया गया। चरखी दादरी से आई थी बरात मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला एक परिवार वर्तमान में नंदरामपुर बास रोड पर किराये पर रहता है। परिवार की ओर से दसवीं कक्षा में पढ़ रही नाबालिग का रिश्ता चरखी दादरी के निकट स्थित एक गांव में किया गया था। देवउठनी एकादशी पर शादी तय थी। बुधवार को तय समय पर दिन में ही बरात नाबालिग के घर पहुंच गई थी। इसी दौरान उपायुक्त कार्यालय में फोन करके किसी ने जानकारी दी कि नाबालिग बच्ची की शादी की जा रही है। सूचना मिलने के बाद बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय से ममता, ला आफिसर रेखा यादव, करुणा यादव, बाल कल्याण समिति सदस्य ऊषा रस्तोगी, एएसआइ अनिल, हेड कांस्टेबल ऊषा बाई की टीम फेरे होने से पूर्व ही शादी वाले घर में पहुंच गई। वहां पहुंचकर बच्ची की उम्र के बारे में जानकारी जुटाई गई तो सामने आया कि वह 16 साल की है। परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह करना अपराध है। ऐसा होता है तो कार्रवाई होगी। वहीं, बरात लेकर पहुंचे लड़के वालों को भी कानून के बारे में जानकारी दी गई। समझाकर बरात को वापस भेजा गया। दसवीं कक्षा में पढ़ रही नाबालिग के परिजनों को समझाया गया कि यह शादी करने की नहीं है बल्कि बच्ची को पढ़ाने की उम्र है।

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