राम का नाम लेकर फेल करते रहे आरटीओ की रेड, टीम निकलते ही कहते राम-राम

आरटीओ टीम की रेड की सूचना लीक करने वाला शख्‍स गिरफ्तार।

कैथल में राम का नाम लेकर आरटीओ टीम की रेड को फेल कर दिया जाता था। आरटीओ टीम की जानकारी देने वाले एक शख्‍स को गिरफ्तार किया गया है। युवक ने 18 जनवरी को ही राम-राम ग्रुप का एडमिन बना था।

Publish Date:Thu, 21 Jan 2021 05:50 PM (IST) Author: Anurag Shukla

पानीपत/कैथल, जेएनएन। राम-राम, जय श्रीराम। भगवान श्री राम के नाम से यह दो वाट्सएप ग्रुप बनाकर गिरोह आरटीओ कार्यालय की छापामार टीम की नींद उड़ाता रहा। जब भी किसी ओवरलोड या संदिग्ध गाड़ी की सूचना पर टीम छापामारी करने पहुंचती तो खाली हाथ लौटना पड़ता। दरअसल कोई उनकी लोकेशन वाट््सएप पर शेयर करके गाड़ी चालकों या मालिकों को चौकन्ना कर देता था। ऐसे ही एक युवक को ओवरलोडिंग ट्रकों की चेङ्क्षकग और चालान के लिए छापामारी पर निकली टीम का पीछा करते हुए देर रात मौके से पकड़ा गया है। यह युवक आरटीओ की टीम का बाइक पर पीछा करता था और जहां भी वह खड़ी होती तो उसकी लोकेशन राम-राम और जय श्रीराम नाम के इन दो वाट््सएप ग्रुपों में शेयर कर देता था। पुलिस थाना तितरम में आरटीओ टीम के ड्राइवर बलजिंद्र सिंह, दीपक और संदीप कुमार ने इस युवक को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया है।

शिकायतकर्ता आरटीओ कार्यालय के एसआइ बलवान ङ्क्षसह ने बताया कि टीम के साथ वह जींद रोड पर तितरम थाना के पास ओवरलोडिड वाहनों की चेङ्क्षकग के लिए जा रहे थे। उनकी गाड़ी के पीछे बिना नंबर की बाइक पर एक युवक आ रहा था। जहां भी गाड़ी रोकते वह भी पीछे ही रुक जाता और गाड़ी के साथ ही चल पड़ता। इससे शक गहरा गया। वह बार-बार अपने मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। गाड़ी रोककर जब उसे रोकने का प्रयास किया तो वह बाइक तेज करके भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। जेब से मोबाइल निकालकर पड़ताल की गई तो उसके वाट््सएप पर दो ग्रुप दिखाई दिए, जिसमें उसने टीम की लोकेशन शेयर कर रखी थी। पूछताछ में उसकी पहचान लाल बहादुर शास्त्री नगर गली नंबर 24 न्यू प्यौदा रोड कैथल निवासी अभिषेक उर्फ राहुल के रूप में हुई।

18 जनवरी को बना था ग्रुप का एडमिन

जांच में पाया कि अभिषेक नाम के इस युवक के फोन में राम-राम और जय श्रीराम नाम से दो वाट््सएप ग्रुप थे। इनमें से राम-राम ग्रुप का एडमिन वह 18 जनवरी को ही बना था। दूसरे ग्रुप जय श्रीराम का एडमिन कोई और मिला। जब उससे पकड़ कर पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि उसने टीम की लोकेशन को इन ग्रुपों में आगे दूसरे लोगों को शेयर किया है। ऐसा करने के लिए उसने आरटीओ टीम सदस्यों से माफी मांगी और कहा कि भविष्य में वह कभी दिखाई नहीं देगा।  

वाट््सएप ग्रुप में वाहन मालिकों के नाम शामिल

टीम के सदस्यों ने बताया कि इस मोबाइल फोन में कई भारी वाहन मालिकों के नाम ग्रुप मे डाले हुए हैं, जिनमें लोकेशन शेयर होती है। युवक को पकड़ कर तितरम पुलिस थाना में सौंप दिया है। मामले की जांच कर रहे एएसआइ अजमेर ङ्क्षसह ने बताया कि अभिषेक नाम के युवक को पकड़ा है। इसे वीरवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि इससे जुड़े अन्य साथियों का पता लगाया जा सके। यह भी पड़ताल की जाएगी कि कौन-कौन इस गिरोह में शामिल है और किन-किन को वह लोकेशन शेयर करता रहा है। इसके लिए आरोपित युवक को फोन साइबर सैल को दिया गया है। उसकी कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.