Yamuna Expressway Road Accident: एक ही चिता पर जलाया पति-पत्‍नी का शव, हादसे से कुछ वक्‍त पहले घर फोन कर कहा था ये

सफीदों के रहने वाले मनोज पत्‍नी के साथ। फाइल फोटो।

नोएडा यमुुुुना एक्‍सप्रेस वे पर हुए सड़क हादसे में सफीदों के हैचरी कारोबारी का पूरा परिवार खत्म हो गया। पति-पत्‍नी और दो बच्‍चों सहित पानीपत के समालखा रहने वाले साले के दो बच्चों व ड्राइवर की भी जान गई।

Anurag ShuklaThu, 25 Feb 2021 08:16 AM (IST)

जींद/ पानीपत, जेएनएन। सफीदों के हैचरी कारोबारी मनोज गर्ग के पूरे परिवार समेत सात लोगों की वृंदावन में एक साथ मौत से जींद के सफीदों और पानीपत के समालखा में मातम छाया रहा। मनोज परिवार के साथ वृंदावन में श्री बांके बिहारी के दर्शन करके वापस जींद की तरफ चले ही थे कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर टायर फटने से टैंकर अनियंत्रित होकर गलत दिशा में पहुंच गया और इनोवा में सवार सात लोगों को बुरी तरह रौंद दिया।

तेज रफ्तार टैंकर ने इनोवा को इतनी भयंकर टक्कर मारी कि उसमें सवार सफीदों निवासी मनोज (42), पत्नी बबीता (40), बेटा अभय (18) व हेमंत (16), उसके साले का बेटा पानीपत जिले के समालखा निवासी कन्नू (10) व बेटी हिमाद्री (16) और जींद जिले के जयपुर गांव निवासी 45 वर्षीय ड्राइवर राकेश की मौके पर ही मौत हो गई। मनोज गर्ग का अब कोई वारिस नहीं रहा, सिर्फ उनकी यादें शेष रह गई हैं। मनोज का बड़ा बेटा अभय बीए प्रथम वर्ष व छोटा हेमंत 12वीं में पढ़ते थे। दोनों बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ दुनिया छोड़ गए। देर शाम 7 बजे चारों के शव दो एंबुलेंस में घर पहुंचे। इसके बाद नम आंखों से चारों का अंतिम संस्कार किया गया। मनोज और उनकी पत्‍‌नी का शव एक ही चिता पर जलाया गया।

तीनों भाइयों का संयुक्त परिवार, मनोज था सबसे छोटा

हैचरी व फीड मिल कारोबारी मनोज गर्ग तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़े शिवचरण गर्ग और मंझले भाई सतीश गर्ग हैं। तीनों भाइयों में खूब प्यार था और तीनों का परिवार एक साथ रहता था। इनके संयुक्त परिवार के प्रेम की पूरी मंडी में चर्चा रहती है। इतना बड़ा कारोबार होने के बावजूद तीनों भाइयों के बच्चे, बहुएं एक साथ प्यार-प्रेम से रहते हैं। तीनों भाई अरुणोदय फीड मिल व पोल्ट्री का बिजनेस संभालते थे। बहादुरपुर व मलिकपुर में हैचरी है और सफीदों में धर्मगढ़ रोड पर फीड मिल है। परिवार व बिजनेस सबकुछ हंसी-खुशी चल रहा था, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को बुरी तरह से तोड़कर रख दिया है। दोनों बड़े भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मां पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक मनोज गर्ग के पिता का देहांत हो चुका है। मां राजो देवी काफी वृद्ध हो चुकी हैं। अब बुढ़ापे में उन पर बड़ा दुख आ पड़ा है। छोटे बेटे के पूरे परिवार की मौत की सूचना से राजो देवी पूरी तरह सुन्न हो चुकी थी। आंखों से आंसू बह रहे थे। कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी। राजो बीच-बीच में यही कह रही थी कि भगवान ने जीते जी बुढ़ापे में आंखों के सामने बेटे, बहू व दोनों पोतों को छीन लिया। दोनों पोते दादी के साथ खूब बातें करते थे। स्कूल से आने के बाद दादी के साथ बच्चों की खूब मस्ती होती थी।

बबीता के एक महीने के व्रत चल रहे थे

मनोज की पत्नी बबीता भी काफी धार्मिक महिला थी। पति के अक्सर धार्मिक यात्राओं पर जाती रहती थी। साल में एक बार एक महीने के व्रत रखती थी। अभी करीब 25 दिन से व्रत चल रहे थे। पिछले 10-11 साल से यह व्रत शुरू कर रखे थे। परिवार में वह सबसे छोटी बहू थी।

बेटा स्कूल में लेट हुआ तो दूसरा ड्राइवर समालखा छोड़कर आया

मनोज गर्ग मंगलवार सुबह पत्नी बबीता व बड़े बेटे अभय के साथ समालखा ससुराल रवाना हो गए थे। छोटा बेटा हेमंत पानीपत थर्मल स्थित डीएवी स्कूल में 11वीं में पढ़ता है। उसे स्कूल से साढ़े 11 बजे निकलना था लेकिन स्कूल वालों ने डेढ़ बजे छोड़ा। तब दूसरा ड्राइवर हेमंत को स्कूल से लेकर समालखा छोड़कर आया। इसके बाद मनोज अपनी पत्नी, दोनों बेटों, साले के दो बच्चों व ड्राइवर के साथ श्री बांके बिहारी के लिए रवाना हुए अब मनोज के दोस्तों को मलाल है कि हेमंत के स्कूल में लेट होने पर कार्यक्रम स्थगित हो सकता था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

मौत से कुछ देर पहले घर किया था फोन

मनोज गर्ग ने श्री बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद घर पर फोन किया था और कहा था कि हम घर की तरफ चल पड़े हैं। रात को हम पहुंच जाएंगे। एक गाड़ी की चाबी नीचे रख देना। ड्राइवर उस गाड़ी को लेकर घर चला जाएगा लेकिन क्या पता था कि कोई भी घर नहीं पहुंचेगा और चाबी नीचे रखी रह जाएगी। जयपुर गांव का ड्राइवर राकेश दस साल से उनके साथ रह रहा था। उसका ट्रांसपोर्ट का काम था। मनोज के फीड मिल व हैचरी के लिए सभी व्हीकल राकेश ही उपलब्ध करवाता था।

मनोज ने कहा था, जल्द शादी की 25वीं वर्षगांठ मनाएंगे

मनोज गर्ग ने अपने दोस्त विकास जैन की शादी की 25वीं सालगिरह की पार्टी में खूब मस्ती की थी। तब मनोज ने कहा था कि हम भी तेरे पीछे-पीछे हैं। जल्द हम भी शादी की 25वीं वर्षगांठ मनाएंगे। मनोज व बबीता की शादी 2001 में हुई थी।

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