World Meatless Day 2021: हरियाणा के धर्मनगरी में माने जाते हैं अंग्रेजों के जमाने के नियम, मांस और मदिरा पर प्रतिबंध

आज विश्‍व मांस निषेद्य दिवस है। वैसे तो अंग्रेजों के समय से ही महाभारत की धरती कुरुक्षेत्र में मांस पर प्र‍तिबंध है। हालांकि नगर निकाय के बाद इस पर संवैधानिक मुहर लगी। कुरुक्षेत्र में मांस पर पूरी तरह प्र‍तिबंध है।

Anurag ShuklaThu, 25 Nov 2021 07:08 PM (IST)
कुरुक्षेत्र में अंग्रेजों के समय से मांस में प्रतिबंध।

कुरुक्षेत्र, [जगमहेंद्र सरोहा]। महाभारत की धरती कुरुक्षेत्र का थानेसर शहर मांस और मदिरा फ्री शहर है। बताया जा रहा है कि यह आज से नहीं बल्कि अंग्रेजों के समय से चला आ रहा है। धार्मिक नगरी थानेसर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के स्वरूप में आने के बाद मांस और मदिरा की बिक्री पर अधिकारिक रोक भी लगा दी गई। इसकी शुरुआत 1971 में की गई। इसके विरोध में कुछ लोग कोर्ट में भी गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 2004 में पवित्र नगरी में इनकी बिक्री नहीं होने के फैसले के बाद सख्ताई बढ़ा दी। आज कुरुक्षेत्र के थानेसर नगर परिषद के साथ पिहोवा नगरपालिका क्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री नहीं है।

विश्व मांसाहार निषेध दिवस 25 नवंबर को रहा। यह दिवस पशुओं की हत्या होने से बचाने के लिए मनाया जाता है। धर्म नगरी कुरुक्षेत्र को पवित्र शहर माना गया है। यहां भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। थानेसर नगर परिषद के साथ पिहोवा नगरपालिका में मांस और इससे जुड़े उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2017 में इसके संबंध में शहरी स्थानीय निकाय के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसकी अधिसूचना भी जारी की गई है। जानकारों की माने तो 1971 में थानेसर नगरपालिका ने शराब और मांस बिक्री बंद करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद 1982, 2009 और 2011 में दोबारा प्रस्ताव पारित किए गए। थानेसर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में शराब और मांस की बनाने और बिक्री पर प्रतिबंध है। इसको हाउस की मीटिंग में पास किया गया है।

थानेसर और पिहोवा इसलिए पवित्र

थानेसर में पवित्र ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर है। यहां ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। श्रीकृष्ण भगवान ने ज्योतिसर में गीता का उपदेश दिया था। यहां प्राचीन शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर और स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिर हैं। सरस्वती नगरी पिहोवा में बिहार के गया के बाद गति करने की मान्यता है। सरस्वती नदी के आसपास ऋषि मुनियों ने तपस्या की थी। सिखों के आठ गुरु कुरुक्षेत्र में आए थे। कुरुक्षेत्र को लेकर एक और मान्यता है कि कुरु राजा के नाम से इसका नाम पड़ा था।

प्रतिबंध को लेकर लोगों की अलग-अलग बातें

उपभोक्ता कमीशन के पूर्व जज दीनानाथ अरोड़ा ने बताया कि थानेसर नगर परिषद में अंडे की बिक्री पर भी रोक लगा दी थी। जबकि यह मांसाहार में नहीं आता। उन्होंने इसको लेकर केस दायर किया था। कोर्ट के नोटिस पर प्रशासन व पुलिस अधिकारी पेश नहीं हुए तो केस डिग्री कर दिया। एडवोकेट आनंद गर्ग ने बताया कि तत्कालीन डीसी सीजी रजनीकांथन ने होटलों में मांस व मदिरा की सर्विस पर रोक लगा दी थी। होटल संचालकों ने हाईकोर्ट में दस्तक भी दी थी। श्रीब्रह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य संरक्षक एडवोकेट जयनारायण शर्मा ने बताया कि अंग्रेजों के समय से थानेसर में मांस व मदिरा पर बिक्री प्रतिबंधित है।

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