World AIDS Day 2021: एड्स से बचाव के लिए जागरूकता को जरूरी, इस वजह से हो सकते हैं एचआइवी संक्रमित

एक दिसंबर को विश्‍व एड्स दिवस है। एड्स को लेकर लोगों में भ्रांतियां भी हैं। हालांकि लोगों में जागरूकता भी देखने को मिल रही है। यमुनानगर में पिछले छह वर्ष में 530 मरीज मिल चुके हैं। जागरूकता से ही इस बीमारी से बचाव है।

Anurag ShuklaTue, 30 Nov 2021 05:44 PM (IST)
विश्‍व एड्स दिवस एक दिसंबर को है।

यमुनानगर, जागरण संवाददाता। एचआइवी एड्स की बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लगातार इस दिशा में अभियान चलाया जाता है। लोगों को बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद एड्स के मरीज सामने आ रहे हैं। छह वर्षाें की बात करें, तो जिले में अभी तक 530 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 35 फीसद महिलाएं हैं।

एचआइवी की चपेट में आने के वैसे तो कई कारण हैं, लेकिन एक मुख्य कारण इस समय में नशे का अधिक प्रयोग भी है। इससे सामाजिक बुराईयां भी फैल रही है। साथ ही यह बीमारी को भी न्यौता दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में काफी लोग नशे के लिए इंजेक्शन का प्रयोग करते हैं। ऐसे में कई लोग एक ही सुई का प्रयोग करते हैं। जिससे सबसे अधिक एचआइवी के फैलने का खतरा रहता है।

यह है एचआइवी 

एचआइवी (ह्यूमन इम्युनडिफिशिएंशी वायरस) एक विषाणु है। जो शरीर के इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव ड़ालता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। एचआइवी के शुरूआती स्टेज में इसका पता नहीं चल पाता है और व्यक्ति को इलाज कराने में देर हो जाती है।

एचआइवी/एड्स फैलने के कारण 

एचआइवी पाजीटिव मां से उसके बच्चे को।

एचआइवी संक्रमित रक्त, रक्त उत्पाद चढ़ने से।

बिना उबली संक्रमित सुई या पहले से इस्तेमाल की गई संक्रमित सुई के प्रयोग से।

असुरक्षित यौन संबंध से।

यह हैं बचाव 

यौन संबंध के दौरान कंडोम का प्रयोग करें।

गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक महिला अपने खून में एचआइवी की जांच जरूर करवाए।

रक्त हमेशा मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से ही ले।

इंजेक्शन लगाने के लिए हमेशा नई सुई का इस्तेमाल करें।

ऐसे नहीं फैलता एड्स

छूने से, हाथ मिलाने से, गले लगाने से, आपसी मेल-जोल से।

मच्छर के काटने से।

साथ रहने या उठने-बैठने से।

साथ खाना खाने से।

एक-दूसरे के कपड़े पहनने से।

किसी भी एचआइवी/एड्स पाजीटिव मरीज की देखभाल करने से।

यह है बीते वर्षों का आंकड़ा 

वर्ष - काउंसलिंग - एचआइवी संक्रमित

2016- 15024 - 107

2017- 17017 - 82

2018- 18804 - 103

2019- 26516 - 116

2020- 11615 - 632021- 9580 - 59 (अक्टूबर माह तक)

स्रोत- स्वास्थ्य विभाग।

सिविल सर्जन डा. विजय दहिया ने बताया कि एड्स से बचाव को लेकर समय-समय पर विभाग की आेर से जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं। मरीजों की काउंसलिंग व टेस्टिंग की जाती है। अभी 199 मरीज रजिस्टर्ड हैं। जिनका इलाज चल रहा है।

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