Winter Season: अंबाला ट्विन सिटी के दो रैन बसेरे, शहर में राम भरोसे, छावनी में व्यवस्था सुदृढ़

हांड कंपाने वाली सर्दी में शहर में बस अड्डे के पास बने रैनबसेरे पर ताला लटका मिला। कोरोना संक्रमण में प्रशासन से अभी तक रैनबसेरों को शुरू करने के लिए हरी झंडी नहीं मिली है। इस वजह गरीबों को खुले आसान के नीचे रात गुजरानी पड़ रही है।

Naveen DalalSun, 05 Dec 2021 08:23 AM (IST)
छावनी रैन बसेरा में 140 प्रवासियों के ठहरने की व्यवस्था

अंबाला, जागरण संवाददाता। अंबाला ट्विन सिटी मुख्यालय शहर में एक और दूसरा छावनी बस अड्डे पर रैन बसेरा है। एक ही जिले में बने दो रैन बसेरा की अलग अलग तस्वीरें हैं। अंबाला शहर का रैन बसेरा राम भरोसे तो छावनी में 140 बेड वाले रैन बसेरा में ठंड को देखते व्यवस्था सुदृढ़ है। दो दिन पहले ही छावनी रैन बसेरा प्रबंधन ने धुलाई घर से रैन बसेरा में लगे बेड पर कंबल, चद्दर और तकिया के कवर को साफ करवाकर मंगवा लिया है। ठंड शुरू हो चुकी है, हालांकि अभी रैन बसेरा में रात ठहरने वालों की संख्या पांच से अधिक नहीं है। रैन बसेरा की देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि सड़क पर ठंडक से रात को ठिठुर रहे लोगों को बुलाकर रात ठहरने के लिए कहा जा रहा है।

रेडक्रास सोसायटी की देखरेख की जिम्मेदारी

1 करोड़ 52 लाख की लागत से बने इस रैन बसेरा की देखरेख की जिम्मेदारी रेडक्रास सोसायटी को दी गई है। रेडक्रास सोसायटी की सचिव ने देखरेख करने वाले कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह यहां ठहरने वालों को रात बिताने के लिए कंबल, चद्दर और तकिया जरूर दिया जाए।

70 महिलाओं के लिए अलग हाल

रैन बसेरा में महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए 70 बेड अलग हाल में लगाया गया है। शौचालय से लेकर पानी की व्यवस्था भी होती है। महिलाओं के लिए बनाए गए शौचालय में पानी की सप्लाई ही नहीं हो रही है। पानी नहीं आने से यहां ठहरने वालों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

नहाने के लिए लगे 10 गीजर

रैन बसेरा में ठहरने वालों को सुबह स्नान करने के लिए कुल 10 गीजर लगाए गए हैं। इसमें पांच गीजर महिलाओं के लिए और पांच की व्यवस्था पुरुष के लिए है। रैन बसेरा के प्रबंधक का कार्य देखने वाले बीएस बहल ने बताया कि ठंड को देखते हुए गीजर को चेक करके चालू कर दिया गया है।

सर्दी में रैनबसेरों पर लटका ताला

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर: हांड कंपाने वाली सर्दी में शहर में बस अड्डे के पास बने रैनबसेरे पर ताला लटका मिला। कोरोना संक्रमण में प्रशासन से अभी तक रैनबसेरों को शुरू करने के लिए हरी झंडी नहीं मिली है। इस वजह से रात में ठिठुरन वाली सर्दी में गरीबों को खुले आसान के नीचे रात गुजरानी पड़ रही है। बस अड्डे पास नगर सेवा संघ का रैनबसेरा बना है। यहां गरीब मरीजों के लिए करीब 25 साल से सेवा में जुटा है। यहां पर रैनबसेरों में मरीजों को आराम करने के लिए बिस्तर और भोजन फ्री मिलतेे हैंं। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से रैनबसेरा गरीबों के लिए ताला भी नहीं खुला है। मजबूरी में गरीब फुटपाथ और दुकानों के आगे के शेड में आराम करते हैं।

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