जीने की चाह..अब तक एचआइवी पाजिटिव तीन जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

जहां चाह वहां राह..एचआइवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) पाजिटिव तीन जोड़ों ने आपस में शादी कर कहावत को चरितार्थ कर दिया है। हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी के काउंसलर्स की काउंसलिग ने इनके जीवन को नई दिशा दी है।

JagranMon, 12 Jul 2021 07:51 AM (IST)
जीने की चाह..अब तक एचआइवी पाजिटिव तीन जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

जागरण संवाददाता, पानीपत : जहां चाह वहां राह..एचआइवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) पाजिटिव तीन जोड़ों ने आपस में शादी कर कहावत को चरितार्थ कर दिया है। हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी के काउंसलर्स की काउंसलिग ने इनके जीवन को नई दिशा दी है। दो जोड़ों के बच्चे भी हैं। सुखद ये है कि वे नेगेटिव हैं। तीनों दंपती दवा का सेवन करते हुए खुशी से रह रहे हैं।

जिला के ये तीनों जोड़े उन लोगों के लिए भी सबक हैं, जो गंभीर बीमारी होने पर अपनी जिदगी को इतना नीरस बना देते हैं कि कई बार मौत को भी गले लगा लेते हैं। इनमें दो पानीपत, एक जोड़ा समालखा में रह रहा है। काउंसलर रविद्र ने बताया कि एचआइवी पाजिटिव सिविल अस्पताल के प्रथम तल पर बने एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थैरेपी सेंटर) में दवा लेने, जांच कराने आते हैं। इनमें से कुछ शादी के विषय में सवाल पूछते हैं। उन्हें बताया जाता है कि लड़का-लड़की दोनों पाजिटिव हैं तो आपस में शादी कर सकते हैं। दूसरा प्रश्न होता है कि शादी के बाद पैदा होने वाले बच्चे पाजिटिव होंगे, उन्हें बताया जाता है कि गर्भावस्था से ही ट्रीटमेंट शुरू हो जाए तो बच्चा नेगेटिव होगा।

काउंसलर के मुताबिक पाजिटिव युवक-युवतियों को एचआइवी पाजिटिव शादी डाट काम और पाजिटिव साथी डाट काम के वेबसाइट के विषय में बताया जाता है, जहां वे अपना पार्टनर चुन सकते हैं।दोनों के स्वजनों की भी काउंसलिग करनी पड़ती है ताकि शादी को सहमति मिल सके। विहान संस्था भी कर रही है काम

विहान केयर एंड सपोर्ट सेंटर (एनजीओ) भी एचआइवी पाजिटिवों के हित में काम कर रही है। संस्था से जुड़ी आउटरिच वर्कर प्रियंका ने बताया कि कोरोना काल में तमाम एचआइवी पाजिटिव के घर दवा पहुंचाई। उनकी काउंसिलिग करती थी। परिवार में उनसे भेदभाव होता है तो स्वजनों को समझाने पहुंचती हूं। शादी उपरांत पति या पत्नी पाजिटिव हो जाए, दूसरा संबंध विच्छेद के लिए कोर्ट में केस डाल दे तो डीएलएसए के माध्यम से कानूनी सहायता दिलाई जाती है। प्रदेश सरकार पैंशन लागू करने वाली है, संक्रमितों के फार्म भरवा रही हूं, 210 के कंपलीट कर चुकी हूं। गर्भावस्था जांच जरूर कराएं

पति या पत्नी कोई एक एचआइवी पाजिटिव है। महिला गर्भवती है तो प्रसव पूर्व सभी जांच कराएं। अस्पताल में सुरक्षित प्रसव संपन्न होना जरूरी है। प्रसव के 72 घंटे के भीतर नवजात को नवेपाप्रिन दवा दी जाती है, ताकि वह संक्रमण से बचा रहे। फिलहाल उपचाराधीन मरीज

374 पुरुष

398 महिला

46 बच्चे

02 ट्रांसजेंडर ये हैं एचआइवी के लक्षण

-लगातार थकान, वजन कम होना।

-जोड़ों में दर्द और सूजन।

-सिर दर्द, गले में घाव।

-मांशपेशियों में दर्द रहना। एचआइवी संक्रमण के कारण

-असुरक्षित यौन संबंध।

-पति-पत्नी में से कोई एक एचआइवी संक्रमित।

-संक्रमित रक्त चढ़ने से।

-संक्रमित का आर्गन किसी व्यक्ति को ट्रांसप्लांट करने से।

-ग्रुप में इंजेक्टिव नशा लेने से।

-संक्रमित ब्लेड से कटने पर।

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