पानीपत में सामने आया एक सुसाइड नोट, तुझे छोड़ मैं जा रहा हूं, तू खुशी से रहना

पानीपत में पत्नी, प्रेमी और ससुराल वालों से तंग आकर वैन चालक ने जहर निगल लिया।

हरियाणा के पानीपत में पत्नी प्रेमी और ससुराल वालों से तंग आकर वैन चालक ने जहर निगल लिया। तीनों बच्चे भी लापता। बिहोली गांव का है मामला सुसाइड नोट में अनिल ने पत्नी और प्रेमी का मोबाइल नंबर लिखा।

Anurag ShuklaFri, 16 Apr 2021 11:11 AM (IST)

पानीपत, जेएनएन। पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुए बिहोली निवासी पति ने जहर निगलकर खुदकुशी कर ली है। तीन बच्चे लापता हैं। तीनों बच्चों के नहीं मिलने से पूरे गांव के लोगों की धड़कन बढ़ी हुई है। तीनों का कहीं भी पता नहीं चल रहा।

आत्महत्या करने से पहले अनिल से सुसाइड नोट लिखा था। इसमें कहा कि मेरीापत्नी से झगड़ा होता था। मैं जीना चाहता था। हालात ऐसे हुए कि मेरी बदनामी हो गई। मुझे और मेरे बच्चे अंशु, वंश और यश को आपने (पत्नी) इतना मजबूर कर दिया कि मैं अपनी जान गंवा रहा हूं। इतना समझाने के बाद भी नहीं मानी। तुझे छोड़ जा रहा हूं। खुशी से रहना। दो फोन नंबर लिखकर कहा कि इनसे सच्चाई का पता लग जाएगा कि गलती उसकी है या फिर पत्नी की। नंबरों की काल डिटेल निकलवा लेना। अगर सुसराल वाले बुलाने पर आ जाते तो मैं खुदकुशी नहीं करता। भाई मैं समाज में जीना चाहता था। आरती मेरा कसूर नहीं है। सभी तेरा कुसूर है। मुझे इतना मजबूर किया कि अपनी जान देनी पड़ी।

पत्नी ने धमकाया था

अनिल के भाई मंजीत ने आरोप लगाया कि आरती ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मंगलवार को भाई को धमकी दी थी कि उसकी हत्या कर देंगे। शव भी नहीं मिलेगा। आरती के भाई संदीप, सतीश और सास सुनीता ने भी जान से मारने की धमकी दी थी। ससुराल वाले आरती को समझाने की बजाय, अनिल से रुपये मांगते थे। मंगलवार शाम को आरती ने भाई के साथ झगड़ा किया और पानीपत के हरिसिंह कालोनी के मकान में आ गई।

गांव में घर बनाकर दिया, तब भी बेटे को जीने नहीं दिया

पीडब्ल्यूडी से चौकीदार से सेवानिवृत बिहोली गांव के जयचंद ने बताया कि बड़े बेटे मंजीत, मंझली बेटी मंजू और छोटे बेटे अनिल की शादी हो चुकी है। उन्होंने दोनों बेटों के लिए हरिसिंह कालोनी में मकान बना रखे हैं। छोटे बेटे अनिल को पुत्रवधू आरती शादी के बाद से ही परेशान करने लगी। बेटे द्वारा मना करने के बावजूद बार-बार प्रेमी साहिल से बात करती थी। सुलह कराने के लिए दस बार पंचायत हुई, लेकिन पुत्रवधू नहीं मानी। इस वजह से एक साल पहले बेटे व पुत्रवधू को बेदखल कर दिया था। चार महीने पहले आरती ने किला थाने में मारपीट व दहेज की शिकायत दी थी। तब उन्होंने पुलिस के कहने पर वादा किया था कि अनिल का भी गांव में मकान बना देगा। एक महीना पहले ही अनिल पत्नी व बच्चों के साथ गांव के मकान में रहने लगा। आरती शहर में रहने का दबाव बना रही थी। ससुराल वालों ने भी बेटे को प्रताड़ित किया। इसी वजह से बेटे ने जान दे दी। बेटे की मौत के बाद वे मुश्किल से आरती को हरिसिंह कालोनी से घर ले गए। जयचंद ने सिविल अस्पताल में आए डीएसपी समालखा प्रदीप कुमार से मांग की है कि आरती और साहिल के मोबाइल की काल डिटेल की भी जांच की जाए।

पुलिस सहित 25 स्वजनों ने बच्चों की नहर पर तलाश की

10 पुलिसकर्मियों और 15 स्वजनों ने अनिल के तीन बच्चों की नहर में खूबडू तक नौ घंटे तलाश की। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे चेक किए। बच्चे दिखाई नहीं दिए। पुलिस सोनीपत, गोहाना, करनाल और जींद पुलिस के भी संपर्क में हैं।

इन पर दर्ज किया केस

वीरवार को सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव को स्वजनों को सौंप दिया। इस बारे में बापौली थाना प्रभारी हरनारायण ने बताया कि मंजीत की शिकायत पर आरती, उसके भाई संदीप, सतीश मां सुनीता और हरिसिंह कालोनी के साहिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अनिल के पास मिले सुसाइड नोट की लिखाई की मधुबन एफएसएल से जांच कराई जाएगी। तभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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