बाइक सवारों ने की बसपा नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, सीसीटीवी से नहीं बच पाए बदमाश

पानीपत, जेएनएन। बसपा के समालखा हलका कोषाध्यक्ष सुखदेव उर्फ पोलू (41) की शुक्रवार दोपहर करीब पौने एक बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक सवारों ने माता पुली रोड स्थित प्राथमिक पाठशाला के सामने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए।

जौरासी निवासी सुखदेव सफेदी के ठेकेदार थे। वह करीब दस साल पहले गांव से परिवार सहित समालखा के गांधी कालोनी में बस गए थे। 15 दिन पहले उन्होंने माता पुली रोड स्थित आनंद के मकान में सफेदी कराने का ठेका लिया था। शुक्रवार सुबह सुखदेव आनंद के मकान पर आए। दोपहर करीब पौने एक बजे मजदूरों से बाजार से सामान लाने की बात कहकर बाहर निकले थे। माता पुली रोड स्थित प्राथमिक पाठशाला के सामने एक बाइक पर दो युवक आए और पिस्टल से सुखदेव के सीने में गोली मार दी। वहां मौजूद दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी और सुखदेव को तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव पानीपत के सामान्य अस्पताल में भिजवा दिया है। 

जब तक हत्यारे पकड़े नहीं जाएंगे, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे
बसपा नेता ओमप्रकाश गुर्जर ने चेतावनी दी है कि जब तक हत्यारोपी पकड़े नहीं जाएंगे, तब तक सुखदेव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। सुखदेव के पिता जीत ङ्क्षसह का कहना है कि उनके बेटे की किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी।

सबसे व्यस्त रास्ते पर हुई वारदात
रेलवे रोड के बाद माता पुली कस्बे का सबसे व्यस्त रास्ता। जहां मंदिर, स्कूल से लेकर दुकान और मकान तक हैं। शुक्रवार को दोपहर करीब पौने एक बजे थे। गांधी कॉलोनी के बसपा नेता सुखदेव उर्फ पोलू जैसे ही पाठशाला के सामने आनंद के मकान से बाहर निकले घात लगाकर इंतजार कर रहे बाइक सवार दो युवकों ने उनके सीने में गोली दाग दी। खून से लथपथ सुखदेव को स्थानीय लोग अस्पताल लेकर भागे, लेकिन बीच रास्ते में ही सांसें दगा दे गईं। डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। 

तेरा क्या ले राख्या था रे
सुखदेव की मौत की खबर सुनकर पिता जीत सिंह, भाई त्रिलोक और बहन अस्पताल पहुंचे। तीनों इमरजेंसी वार्ड की तरफ बढ़े और स्ट्रेचर पर सुखदेव का शव देख पैरों तले जमीन खिसक गई। आंसू से भरी आंखें लेकर खड़ी बहन भी फूट-फूटकर रोते हुए बोली- अरे तेरा के ले राख्या था रे, जो तने इतना बड़ा जुल्म कर दिया। भगवान तने कदे माफ न करेगा। इसके बालक किसके सहारे रहेंगे। बिहोली रोड स्थित हिमगिरी स्कूल में पढ़ाने वाले मृतक के भाई त्रिलोक ने बताया कि सुखदेव घरों के सफेदी व पेंट के ठेके लेते थे।

 

धमाके से सहमे लोग
माता पुली रोड पर लोग अपनी दुकानों और मकानों में थे। 1 बजकर 49 मिनट के करीब जैसे ही जोरदार आवाज हुई तो वो किसी वाहन के टायर में ब्लास्ट समझ लोग बाहर निकल आए। हालांकि, सड़क के बीचों-बीच सुखदेव को खून से लथपथ देख मामला समझ में आया। तब तक हत्यारोपी फरार हो चुके थे। 

दस साल पहले आया था शहर
जौरासी खालसा के रहने वाले सुखदेव की दो बहन और एक भाई है। करीब दस साल पहले परिवार सहित समालखा आ गए थे। गांधी कॉलोनी में पटवार खाना के पीछे गली में मकान बनाया था। सुखदेव अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए। 

कई साल से राजनीति में सक्रिय
सुखदेव को राजनीति का भी शौक था। हाल ही में उन्हें बसपा की ओर से समालखा हलका के कोषाध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 

चालान काट रही थी पुलिस
शुक्रवार को माता पुली रोड पर जिस वक्त वारदात हुई करीब तीन सौ मीटर दूर पुराना बस अड्डा पर हाईवे ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काट रही थी। वहीं, चौकी की पीसीआर भी दिन भर कस्बे में चक्कर लगाती है। इसके बावजूद हत्यारोपी आसानी से वारदात को अंजाम दे फरार होने में कामयाब हो गए। 

संदिग्ध के आए फुटेज
वारदात के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया पर दो बाइक सवार संदिग्ध युवकों की फुटेज आ गई। कैमरा एक दुकान के बाहर लगा हुआ था। वहीं पुलिस भी उक्त फुटेज लेने के अलावा दूसरे एंगल की भी जांच कर रही है। हत्यारोपियों तक पहुंचने में जुटी है।

दोनों हत्यारोपित पहले भी जा चुके हैं जेल
बसपा के समालखा हलका कोषाध्यक्ष सुखदेव उर्फ पोलू हत्याकांड में तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरा) बड़ी मददगार साबित हुई। पुलिस हत्यारोपितों की पहचान करने में कामयाब हो गई है। हत्याकांड में मूल रूप से बिहार के रहने वाले अभिजीत उर्फ गोलू और पावटी निवासी विशाल का नाम सामने आया है। कुछ वर्ष पूर्व तक गांधी कॉलोनी में अभिजीत सुखदेव के घर के सामने ही रहता था। अभिजीत के परिवार के साथ सुखदेव का विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने हत्या का प्लान बनाया। फिलहाल, आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। कई को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। 

तीसरी आंख से न बच सके
बाइक सवार हत्यारोपित लोगों की आंखों से भले ही ओझल हो गए, लेकिन तीसरी आंख से नहीं बच सके। उनके आने जाने से लेकर वारदात को अंजाम देने तक का नजारा सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया। दोनों ने करीब आधा मिनट में ही वारदात को अंजाम दिया और भाग निकले। उसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो दोनों की पहचान होते देर नहीं लगी। 

अभिजीत से हुआ था विवाद
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बिहार मूल के अभिजीत का परिवार सुखदेव के घर के सामने ही किराए पर रहता था। करीब दो साल पहले किसी बात को लेकर विवाद होने पर सुखदेव ने उन्हें पीट दिया था। इसके बाद अभिजीत के माता-पिता वापस बिहार चले गए थे। अभिजीत यहीं अपने एक रिश्तेदार के पास रह रहा था। जबकि, उसके दादा सिवाह पुलिस लाइन स्थित मंदिर में पुजारी हैं। 

स्नेचर हैं दोनों आरोपित
पुलिस की मानें तो दोनों आरोपित कुछ दिनों से साथ रह रहे थे। अभिजीत कस्बे में ही हुई मारपीट के एक मामले में माह भर तक जेल में रहा तो विशाल भी मुरथल के पास एक स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने के आरोप में जेल जा चुका है। उन्होंने माता पुली रोड पर ही एक कमरा भी लिया हुआ था। 

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