Haryana Monsoon Update: इस बार लंबा चलेगा मानसून का स्‍पैल, होगी जमकर बारिश, महज 10 दिन में केरल से पहुंचा हरियाणा,

Haryana Monsoon Updates हरियाणा में इस बार मानसून का 14 दिन पहले आगमन हो गया है। राज्‍य में इस बार मानसून का स्‍पैल लंबा चलने की उम्‍मीद है। मानसून महज 10 दिन में केरल से हरियाणा पहुंचा है। इस बार जमकर मानसून की बारिश होगी।

Sunil Kumar JhaTue, 15 Jun 2021 01:04 AM (IST)
हरियाणा में मानसून 14 दिन पहले पहुंच गया है। (फाइल फोटो)

करनाल, [प्रदीप शर्मा]। Haryana Monsoon Update: मानसून ने हरियाणा में 14 दिन पहले ही एंट्री कर ली है। इस बार मानसून का फ्लो पैटर्न जल्दी बन गया है। केरल में यह तीन जून को आया था। मानसून को हरियाणा तक पहुंचने में महज 10 दिन लगे हैं। सामान्य तौर पर मानसून इस सफर का पूरा करने में 30 से 35 दिन लगते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जल्दी आने के कारण मानसून का स्पैल लंबा चलेगा। हरियाणा समेत देश के उत्तरी हिस्से में 101 प्रतिशत बारिश का अनुमान है।

मानसून आज पूरे हरियाणा को कर सकता है कवर

हरियाणा में मानसून सीजन में 460 एमएम बरसात सामान्य मानी जाती है। सालभर की 80 प्रतिशत से ज्यादा मानसून की बरसात होती है। जल्दी मानसून आने के पीछे 11 जून को बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत निम्न दबाव को कारण माना जा रहा है। सशक्त हुए निम्न दबाव के कारण मानसून ने तेजी से उत्तरी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के रास्ते हरियाणा में दाखिल हुआ है।

पिछले साल भी मानसून ने इसी रास्ते से प्रदेश में दस्तक दी थी। मौसम विशेषज्ञों के मानें तो 20 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब मानसून ने 13 जून को दस्तक दी हो। साल 2008 में भी इसी तारीख को ही मानसून ने दस्तक दी थी। तब प्रदेश में अनुमान से 14 प्रतिशत अधिक बरसात हुई थी, ऐसे में इस बार भी अच्छी बरसात की उम्मीद जताई जा रही है।

48 घंटे में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा मानसून

पिछले 24 घंटे में यमुनानगर, अंबाला पंचकूला समेत उत्तर हरियाणा के कई जिलों में मानसून की बरसात हुई। अगले 48 घंटे में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर सकता है। इसकी प्रबल संभावना बनी हुई है। 15 व 16 जून को हरियाणा और चंडीगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। अगले 48 घंटों में हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

इसका भी मिलेगा फायदा

इस समय पाकिस्तान के मध्य भाग से लेकर झारखंड और उड़ीसा पर पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र तक एक निम्न दबाव की रेखा दक्षिण हरियाणा, दक्षिण उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए जा रही है। जो मानसून को हरियाणा कवर करने में सहयोग करेगी।

किसानों को बहुत बड़ी राहत, ट्यूबवेल पर कम होगी निर्भरता

प्रदेश में समय से पहले मानसून की दस्तक का बहुत बड़ा फायदा किसान वर्ग को मिलेगा, क्योंकि हरियाणा में 15 जून से धान रोपाई का काम शुरू हो जाता है। ऐसे समय में पानी की अधिक जरूरत होती है। इस बार मानसून पहले आ गया है तो बरसात होगी और धान रोपाई के लिए उन्हें ट्यूबवेल पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस सुखद सूचना के बाद किसानों ने धान रोपाई के काम में तेजी ला दी है।

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