हरियाणा के इस सेंट्रल जेल में तीसरा रेडियो स्टेशन शुरू, जानिए क्‍या है खास

अंबाला सेंट्रल जेल में हरियाणा का रेडियो स्‍टेशन शुरू।

अंबाला में सेंट्रल जेल में हरियाणा का तीसरा रेडियो स्‍टेशन शुरू हो गया है। इस रेडियो स्‍टेशन से बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। गृह सचिव राजीव अरोड़ा ने जेल रेडियो का शुभारंभ किया। डीजीपी जेल के. सेल्वराज भी उपस्थित रहे।

Anurag ShuklaSat, 27 Feb 2021 04:30 PM (IST)

अंबाला, जेएनएन। अंबाला की सेंट्रल जेल में राज्य का तीसरा रेडियो स्टेशन शुरू की शुरूआत शुक्रवार कर दी गई। इसका शुभारंभ एससीएस एवं गृह सचिव राजीव अरोड़ा ने की। इस मौके पर डीजीपी जेल के. सेल्वराज भी उपस्थित रहे। राजीव अरोड़ा ने कहा कि रेडियो स्टेशन से बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। बता दें पानीपत और फरीदाबाद की जेल के बाद राज्य में अंबाला की सेंट्रल जेल में रेडियो स्टेशन की यह शुरूआत तीसरे होगी। वहीं छह बंदियों को रेडियो जाकी बनने का मौका मिल गया। तिनका तिनका फाउंडेशन अध्यक्ष डा. वॢतका नंदा के आइडिया पर पुलिस महानिदेशक (जेल) के. सेल्वराज ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है।

बैरक में सुन सकेंगे रेडियो

वहीं रेडियो स्टेशन की शुरूआत होने के बाद यह जेल का आंतरिक रेडियो स्टेशन होगा। बैरकों के बाहर स्पीकर लगाए गए हैं। रेउियो जाकी अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रेरक कहानी सुनाएंगे। फरमाइश पर गीत सुनाएंगे। बंदियों की तरफ से पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी देंगे। सवाल पर्ची के माध्यम से पूछे जाएंगे। पहले दिन बंदियों ने अपने द्वारा तैयार किए गए गीतों को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम के अंत में बंदियों को सर्टिफिकेट देकर उनका हौंसला बढ़ाया गया। बता दें अंबाला सेंट्रल जेल हरियाणा की तीन केंद्रीय जेलों में से एक है जिसमें वर्ष 1949 में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को फांसी दी गई थी।

हरियाणा में पहले यहां हुई थी शुरूआत

दरअसल, 21 बंदियों को हरियाणा की जेलों से रेडियो जॉकी के रूप में चुना गया था, जिनमें से छह अंबाला जेल से हैं। इन सबको तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डा. वॢतका नंदा ने दिसंबर 2020 में एक रेडियो वर्कशाप के जरिए प्रशिक्षित किया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद राज्य के पहले पानीपत, दूसरा फरीदाबाद और अब अंबाला की सेंट्रल जेल में शुरूआत हुई है।

जेल का भी किया दौरा

इस दौरान एससीएस एवं गृह सचिव राजीव अरोड़ा व डीजीपी जेल के. सेल्वराज जेल का दौरा कर कैदी-बंदियों से बातचीत की। अरोड़ा ने कहा कि जेल परिसर में बुनियादी और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाना हम सबकी सांझी जिम्मेदारी है। उन्होंने बंदियों द्वारा दिये गये सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना भी की। राजीव अरोड़ा ने इस अवसर पर यह भी कहा कि यह जेल रेडियो निश्चित रूप से बंदियों के प्रति बाहरी लोगों की धारणा को बदलने वाला है और इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हेंं सुधारने में भी मदद करेगा।

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