प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहा लोगों का रुझान

पट्टीकल्याणा स्थित गांधी स्मारक निधि स्वाध्याय आश्रम में पांच दिनों से चल रहे प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग प्रशिक्षण शिविर का बुधवार को समापन हो गया।

JagranWed, 15 Sep 2021 07:50 PM (IST)
प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहा लोगों का रुझान

जागरण संवाददाता, समालखा: पट्टीकल्याणा स्थित गांधी स्मारक निधि, स्वाध्याय आश्रम में पांच दिनों से चल रहे प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग प्रशिक्षण शिविर का बुधवार को समापन हो गया। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, राजघाट के 34 विद्यार्थियों ने स्थानीय प्रशिक्षकों के साथ अपने अनुभव को साझा किए। उपचार की विधि, व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि आश्रम स्थित प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में उपचार के लिए दिल्ली, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि जगहों से लोग आते हैं। चार दर्जन से अधिक मरीज अभी भी उपचार करा रहे हैं। यहां उनके ठहरने की भी व्यवस्था है। मिट्टी व पानी से उनका उपचार किया जाता है। मुख्य चिकित्सक डा. विकास सक्सेना एवं महिला चिकित्सक डा. रितु दर्शनी द्वारा विद्यार्थियों को मिट्टी-पानी से विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार का प्रशिक्षण दिया जाता है। स्मारक निधि के सचिव आनंद शरण ने प्रशिक्षित विद्यार्थियों को समाज सेवा का पाठ पढ़ाया। व्यवसाय से अलग स्वास्थ्य सेवा को महत्व देने कहा। सर्व सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ भाई ने कहा कि गांधीजी की सोच थी कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी स्वस्थ रहें, जिसके लिए मिट्टी-पानी का उपचार सबसे सरल व सुलभ है। बाजार से कुछ खरीदने की जरूरत नहीं होती है। घर पर रहकर भी कोई उपचार ले सकता है। ऐसे उपचार को घर-घर पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए यह जरूरी भी है। इस अवसर पर अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के महामंत्री अवधेश मिश्रा, सचिव प्रबोधि चंदौली, सचिन शर्मा आदि मौजूद रहे।

विद्यार्थियों की तारीफ

ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थी अनिल कुमार ने बताया कि वह बीएचएमएस व आयुर्वेद रतन करने के बाद प्राकृतिक चिकित्सा करने आए हैं। तीनों एक दूसरे के पूरक हैं। युद्धवीर और संगीता रेवाड़ी, सत्यपाल सिंह अलीगढ़, राजा त्यागी बागपत, विभूति दिल्ली ने बताया कि पट्टीकल्याणा चिकित्सा केंद्र अन्य से अलग है। यहां के वातावरणीय माहौल और व्यवस्था से ही रोगी ठीक हो जाते हैं।

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