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स्‍वास्‍थ्‍य विभाग टीम को देख भागा झोलाछाप, पकड़ा तो निगल लिया एमटीपी किट

पानीपत/जींद, जेएनएन। जींद में एक झोलाछाप स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर भाग खड़ा हुआ। जब उसका पीछा किया गया तो उसने एमटीपी किट निगल लिया। उसका बीपी बढ़ गया। अब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गांव ईगराह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी करके बिना डिग्री व लाइसेंस के अस्पताल चला रहे झोलाछाप को पकड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपित के पास से एक एमटीपी किट बरामद की, लेकिन झोलाछाप मौका पाकर एमटीपी किट की चारों गोलियों को निगल गया। गोली निगलने के बाद आरोपित की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में लगाया गया। जहां पर उसका इलाज शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तथाकथित डॉक्टर के खिलाफ सदर थाना पुलिस में शिकायत दी है।

यह था मामला 

सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि गांव ईगराह निवासी धर्मबीर गांव में खुशबू नाम से बच्चों का अस्पताल से चलाता है और वह एमटीपी किट उपलब्ध करवाता है। इसके बाद टीम का गठन किया और विभाग ने एक ग्राहक बनाकर आरोपित के अस्पताल पर भेजा। जहां पर 1500 रुपये लेकर आरोपित ने एमटीपी किट उपलब्ध करवा दी, लेकिन इसी दौरान उसकी नजर विभाग की टीम पर पड़ गई और एमटीपी किट को छीनकर भागने लगा, लेकिन विभाग की टीम ने उसका पीछा किया। इस दौरान आरोपित धर्मबीर एमटीपी किट की चार गोलियों को पत्ते सहित निगल गया। इसके बाद टीम ने अस्पताल में सर्च अभियान चलाया तो उसके पास न तो डॉक्टर की डिग्री मिली और न ही अस्पताल का लाइसेंस मिला। जबकि आरोपित अपने आप को बीएमएस बता रहा था। सर्च अभियान के दौरान विभाग की टीम ने अस्पताल से काफी दवाइयां व इंजेक्शन बरामद किए हैं।  स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसके बारे में पुलिस को सूचित किया। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की कार्रवाई देर रात जारी रही।

निगली गई दवाइयों का पता लगाने के लिए किए आरोपित के एक्सरे

छापेमारी के बाद एमटीपी किट को प्लास्टिक के पत्ते सहित निगलने वाले गांव ईगराह निवासी धर्मजीत को नागरिक अस्पताल में दाखिल किया गया है। एमटीपी किट की पांच गोली एक साथ खाने के बाद उसकी बीपी बढ़ा हुआ है, इसलिए अस्पताल प्रशासन ने 48 घंटे तक डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने धर्मजीत के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके हिरासत में ले लिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसको फिटनेस प्रमाण पत्र देने के बाद पुलिस आरोपित को अदालत में पेश करेगी। वीरवार सुबह सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान, एमएस डॉ. गोपाल गोयल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जेके मान ने वार्ड में दाखिल आरोपित धर्मजीत से बातचीत की और उसके स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट ली। 

 

शरीर में दिख रहा प्रभाव

सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने बताया कि एमटीपी किट निगलने के बाद आरोपित के शरीर में प्रभाव दिखाई दे रहा है। उसके बीपी बढ़ा हुआ है। शरीर के अंदर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़े इसके लिए उपचार दिया जा रहा है। ज्ञात रहे कि गांव ईगराह निवासी धर्मजीत पर एमटीपी किट उपलब्ध करवाने की शिकायत मिली थी। इस पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभुदयाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया और विभाग ने एक ग्राहक बनाकर आरोपित के अस्पताल पर भेजा। जहां पर 1500 रुपये लेकर आरोपित ने एमटीपी किट उपलब्ध करवा दी, लेकिन इसी दौरान उसकी नजर विभाग की टीम पर पड़ गई और एमटीपी किट को छीनकर भागने लगा, लेकिन विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान आरोपित धर्मबीर एमटीपी किट की पांच गोलियों को पत्ते सहित निगल गया। इसके बाद टीम ने अस्पताल में सर्च अभियान चलाया तो उसके पास न तो डॉक्टर की डिग्री मिली और न ही अस्पताल का लाइसेंस मिला। 

एक्सरे में नहीं आया प्लास्टिक का पत्ता 

सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने बताया कि आरोपित धर्मजीत का निगले के प्लास्टिक के पत्ते को देखने के लिए एक्सरे करवाए गए, लेकिन उसमें सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन गोली निगलने के कारण उसके स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस की कस्टडी में उसका इलाज किया जा रहा है।

 

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