शिवाजी स्टेडियम में ट्रैक की धूल बनी खिलाड़ियों के लिए आफत

शिवाजी स्टेडियम का ट्रैक कम रेगिस्तान ज्यादा नजर आता है। इसमें मिट्टी डाल रखी है। खिलाड़ी दौड़ते हैं तो धूल का रेला उठता है। थोड़ी ही देर में खिलाड़ी मिट्टी से लथपथ हो जाते हैं। उन्हें मुंह पर कपड़ा बांधना पड़ता है। यही हालात रहे तो खिलाड़ी बीमार हो जाएंगे।

JagranTue, 22 Jun 2021 04:36 AM (IST)
शिवाजी स्टेडियम में ट्रैक की धूल बनी खिलाड़ियों के लिए आफत

जागरण संवाददाता, पानीपत : शिवाजी स्टेडियम का ट्रैक कम, रेगिस्तान ज्यादा नजर आता है। इसमें मिट्टी डाल रखी है। खिलाड़ी दौड़ते हैं तो धूल का रेला उठता है। थोड़ी ही देर में खिलाड़ी मिट्टी से लथपथ हो जाते हैं। उन्हें मुंह पर कपड़ा बांधना पड़ता है। यही हालात रहे तो खिलाड़ी बीमार हो जाएंगे। स्टेडियम में कुश्ती हाल का निर्माण कराया जा रहा है। इससे निकली मिट्टी को ट्रैक पर डाल दिया गया। इस पर पानी डालने की जहमत नहीं उठाई गई। इसी लापरवाही का खिलाड़ियों को दंश झेलना पड़ता है। उनके लिए अभ्यास के लिए आसपास खेल का मैदान नहीं है। इसलिए वे मजबूरी में स्टेडियम में आते हैं। स्टेडियम में सुबह-शाम 200 से ज्यादा खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। दूसरे जिलों में पलायन को मजबूर हैं खिलाड़ी

एथलीट जतिन ने बताया कि स्टेडियम में धूल उड़ती है। ट्रैक खस्ताहाल हो चुका है। इसलिए मजबूरी में उसे भिवानी में ट्रिपल जंप का अभ्यास करना पड़ रहा है। इसी तरह से नांगल खेड़ी अंकुश और अमित ने बताया कि तीन साल पहले उम्मीद जगी थी कि स्टेडियम के ट्रैक के हालात सुधरेंगे, लेकिन मिट्टी डालकर छोड़ दी गई। इस पर घास नहीं उगाया गया। इस ट्रैक पर दौड़ लगाने में एथलीट चोटिल हो जाते हैं। ट्रैक के बारे में खेल विभाग ने सुध लेनी चाहिए। ग्राउंड्समैन ट्रैक पर पानी डालेगा

जिला खेल अधिकारी राज यादव ने बताया कि स्टेडियम में ट्रैक पर मिट्टी डली हुई है। इस पर पानी डालने के लिए ग्राउंडमैन की ड्यूटी लगा दी गई है। वह हर रोज ट्रैक पर पानी का छिड़काव करेगा ताकि ट्रैक पर धूल न उड़े और खिलाड़ियों को दौड़ लगाने में असुविधा न हो। भविष्य में भी अगर किसी कर्मचारी ने लापरवाही बरती तो सहन नहीं की जाएगी।

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