मोजाम्बिक में आतंकियों की कैद में पानीपत का युवक, रोते हुए पत्नी और बच्‍चों ने की अपील

पानीपत के विनोद बैनीवाल नेचुरल गैस प्लांट में ब्रांच मैनेजर थे। अफ्रीकी देश मोजाम्बिक में आतंकियों ने हमला कर उन्हें बंधक बना लिया है। अब उन्‍हें छोड़ने के बदले में मांगे सवा सात करोड़। पानीपत में उनकी पत्‍नी ओरबच्‍चों ने सरकार से गुहार लगाई है।

Anurag ShuklaWed, 16 Jun 2021 02:29 PM (IST)
पानीपत में विनोद की बेटी हंसी, पत्‍नी सीमा और बेटा हर्ष।

पानीपत, जेएनएन। अफ्रीकी देश मोजाम्बिक के उत्तर में पालमा शहर में आतंकवादियों ने भारतीय को बंधक बना लिया है। उन्हें छोड़ने के लिए एक मिलियन डालर यानी करीब सात करोड़ तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी है। पानीपत में समालखा के बैनीवाल मुहल्ले के विनोद बैनीवाल वहां नेचुरल गैस प्लांट में ब्रांच मैनेजर थे। आतंकी संगठन अल शबाब ने हमला कर वहां बहुत से नागरिकों का अपहरण कर लिया, उनमें विनोद भी हैं।

विनोद की आखिरी बार 20 अप्रैल को अपने छोटे भाई सतेंद्र से फोन पर बात हुई। मोजाम्बिक में भारतीय दूतावास के माध्यम से ये बात हुई। तब से कोई संपर्क नहीं हुआ है। उधर, समालखा में विनोद की पत्नी सीमा की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। बार-बार कह रही हैं, हमारी मदद करो। उन्हें छुड़ा लाओ। 14 साल की बेटी हंसी और दस साल का बेटा हर्ष कुछ बोल नहीं पा रहे। बस राह तकते हैं, कब पापा लौटकर आएंगे।

महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक से बीबीए करने के बाद विनोद बैनीवाल की वर्ष 2015 मोजाम्बिक में मिलेनियम मोटर्स कंपनी में नौकरी लग रही। उत्तरी मोजाम्बिक में जब नेचुरल गैस के भंडार मिलने की खबरें आईं तो फ्रांस, अमेरिका ने यहां निवेश करना शुरू किया। इसी के साथ इस्लामिक स्टेट से जुड़े कुछ आतंकवादी सक्रिय हो गए। पूरे एरिया पर कब्जा करने की कोशिशें होने लगीं। आतंकी संगठन अल शबाब ने मार्च महीने में गैस प्लांट पर हमला बोल दिया। उस समय विनोद ब्रांच में ही थे। ये आतंकवादी उन्हें पकड़कर साथ ले गए।

जिस तरह अभिनंदन को छुड़ाया, वैसे मेरे भाई का ला दो

विनोद के भाई सतेंद्र अंबाला आरपीएफ में कांस्टेबल हैं। सतेंद्र पिछले कई दिन से विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। मोजाम्बिक में भारतीय दूतावास में भी फोन पर बात कर रहे हैं। तीन महीने से ज्यादा हो गए हैं, भाई को छुड़़ा नहीं पा रहे। सतेंद्र ने जागरण से बातचीत में कहा, जिस तरह से अभिनंदन को छुड़ाया था, ठीक उसी तरह भारत सरकार को दबाव बनाना चाहिए। अफ्रीकी देश में भारत सरकार दबाव बनाएगी तो उनका भाई जल्द बाहर आ जाएगा। कंपनी खुद फिरौती की रकम देने को तैयार है। इसके बावजूद क्यों देरी हो रही है, यह समझ नहीं आ रहा।

छह भाई हैं, पांचवें नंबर पर विनोद

सतेंद्र ने बताया कि वे छह भाई हैं। वह सबसे छोटे हैं। उनसे बड़े विनोद हैं। सबसे बड़े भाई ट्रकों के स्पेयर पार्ट्स का काम करते हैं। विनोद को मोजाम्बिक में सब कुछ कंपनी की तरफ से मिला हुआ था। सब ठीक चल रहा था। इस घटना के बाद से उनका पूरा परिवार एक-एक दिन मुश्किल से काट रहा है। विनोद का इंतजार कर रहे हैं। अब तो कई दिन से उनसे बात भी नहीं हुई।

अपने भाई को जल्द छुड़ाएंगे

मोजाम्बिक में भारतीय दूतावास में सेकिंड सेक्रेटरी सुरेश से फोन पर दैनिक जागरण ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है। हमारे प्रयास जारी हैं। हमारा भाई फंसा हुआ है। वह इतना कह सकते हैं कि उसे जल्द छुड़ाकर लाएंगे।

मोजाम्बिक देश

दक्षिणपूर्वी अफ्रीका में है ये देश। पूर्व में हिंद महासागर से बंधा है। पश्चिम में जिम्बाब्वे और दक्षिण में दक्षिण अफ्रीका से लगता है। पहली से पांचवीं सदी ईसवीं में उत्तर और पश्चिम से बांटू भाषी बसे। अरब के लोगों का भी प्रभाव रहा। वास्कोडीगामा भी यहां आया था। 1505 में पुर्तगाल ने इस पर कब्जा किया। तब बहुत से भारतीय मूल के लोग यहां बसने लगे। वर्ष 1975 में ये देश आजाद हुआ। गरीब मुल्क होते हुए भी आर्थिक रूप से सबसे तेज गति से बढ़ता हुआ देश है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.