रात में सफाई के लिए अजब गजब शर्तों के साथ निकाला टेंडर, सवाल उठे तो किया रद

नगरपालिका में कामकाज पर सवाल उठने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हाल में भी रात्रि सफाई को लेकर नपा अधिकारियों ने 19 जून को एक टेंडर निकाला। वो भी अजब गजब शर्तों के साथ। ऐसे में ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया व शर्तों पर सवाल खड़े कर किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के आरोप लगा डीएमसी से लेकर विभागीय मंत्री तक को शिकायत भेजी तो अधिकारियों के पलटते देर नहीं लगी।

JagranTue, 29 Jun 2021 09:59 AM (IST)
रात में सफाई के लिए अजब गजब शर्तों के साथ निकाला टेंडर, सवाल उठे तो किया रद

जागरण संवाददाता, समालखा : नगरपालिका में कामकाज पर सवाल उठने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हाल में भी रात्रि सफाई को लेकर नपा अधिकारियों ने 19 जून को एक टेंडर निकाला। वो भी अजब गजब शर्तों के साथ। ऐसे में ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया व शर्तों पर सवाल खड़े कर किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के आरोप लगा डीएमसी से लेकर विभागीय मंत्री तक को शिकायत भेजी तो अधिकारियों के पलटते देर नहीं लगी। आनन फानन टेंडर को रद कर दिया गया।

क्या इस तरह से रखी शर्ते

-शर्त नंबर 17 के मुताबिक टेंडर लगाने वाली एजेंसी व फर्म को प्रदेश की किसी भी नगरपालिका, नगर निगम व परिषद में रात्रि सफाई से संबंधित कार्य का पांच वर्ष का संतोषजनक अनुभव होना चाहिए।

-शर्त नंबर 20 में लिखा है कि टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली एजेंसी व फर्म की सफाई के कार्य से संबंधित कार्य की वर्ष 2016-17 के वार्षिक टर्नओवर 3 करोड़, वर्ष 2017-18 का 5 करोड़ व 2018-19 का 7 करोड़ टर्न ओवर होना चाहिए। जबकि टेंडर की अनुमानित कुल राशि 36 लाख रुपये छह महीने अवधि के लिए रखी गई थी।

-शर्त नंबर 23 के मुताबिक टेंडर में भाग लेने वाली एजेंसी व फर्म का हरियाणा की किसी भी दो नगर निगम, परिषद व पालिका के साथ विवाद चल रहा होगा तो उसकी निविदाओं पर विचार नहीं किया जाएगा। निविदाकर्ता को तकनीकी बिड के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।

विशेष फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए रखी शर्तें

ठेकेदार कार्तिक शर्मा ने डीएमसी, संबंधित विभाग के मंत्री अनिल विज व एससीएस, यूएलबी हरियाणा को शिकायत भेजकर रात्रि सफाई को लेकर जारी टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रद करने की मांग की। नपा अधिकारियों ने टेंडर को लेकर जिस तरह की शर्तें लगाई हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि किसी विशेष फर्म को फायदा पहुंचाना था ताकि अन्य फर्म टेंडर प्रक्रिया में भाग न ले सके। जबकि उक्त टेंडर की इतनी बड़ी धनराशि भी नहीं है। 17 वार्ड का है कस्बा

नपा के रिकार्ड के मुताबिक समालखा कस्बे में सत्रह वार्ड हैं। जहां नगरपालिका के 84 सफाई कर्मचारी है। इसमें 69 अनुबंधित व 15 पक्के सफाई कर्मचारी हैं। इन पर केवल सफाई की जिम्मेदारी है। जबकि कूड़े के उठान का ठेका जेबीएम कंपनी को दिया गया है। कंपनी के 19 कर्मचारियों के अलावा कूड़ा उठान को लेकर ट्रैक्टर व अन्य वाहन लगे हैं। नगरपालिका सचिव पवित्र गुलिया का कहना है कि रात्रि सफाई को लेकर निकाले टेंडर को हमने रद कर दिया है। उसमें वित्तीय हानि बनती थी। वैसे भी रात्रि सफाई का आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक टेंडर लगाना जरूरी था।

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