नाराज कोई नहीं, मनाने का दिनभर प्रयास

नाराज कोई नहीं, मनाने का दिनभर प्रयास
Publish Date:Sun, 05 Jul 2020 08:13 AM (IST) Author: Jagran

संयुक्त व्यापार मंडल का अजब-गजब मामला, सोनी वापसी को नहीं तैयार जागरण संवाददाता, पानीपत : संयुक्त व्यापार मंडल में दिनभर गजब ही माहौल रहा। नाराज प्रधानों को मनाने का दौर चलता रहा। दूसरी तरफ खुलकर कोई ये नहीं बोला कि वे नाराज हैं। जब से मेन बाजार ट्रेड यूनियन के प्रधान निशांत सोनी ने व्यापार मंडल से इस्तीफा दिया है, तभी से मंडल और ज्यादा चर्चा में आ गया है। शनिवार को भी अनौपचारिक बैठक में नाराज प्रधानों पर बात होती रही। अब बताया जा रहा है कि महेंद्र हुड़िया सहित कई लोग नाराज हैं। हालांकि हुड़िया का कहना है कि वे नाराज नहीं हैं पर प्रधानों ने जो वादे किए थे वो पूरे नहीं हो पा रहे।

रेलवे रोड पर मंडल के प्रधान सुनील अरोड़ा, अनिल मदान, सुशील भराड़ा, कृष्ण फुटेला की अनौपचारिक बैठक हुई। निशांत की नाराजगी दूर करने का मामला भी उठा। पूर्व प्रधान अनिल मदान ने बताया कि बाजार प्रधान आमतौर पर रोजाना आपस में बैठते हैं। यह सामान्य बैठक थी। निशांत सोनी के मामले में उन्होंने कहा कि उनसे मिलकर उनका गिला शिकवा दूर कर लिया जाएगा। बता दें कि संयुक्त व्यापार मंडल पहले ही दो भागों में बंट चुका है। संयुक्त व्यापार मंडल में 36 प्रधान हैं। जबकि दूसरे संयुक्त व्यापार मंडल समिति में 18 बाजार प्रधान है। संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान सुनील अरोड़ा का कहना है कि कोई प्रधान नाराज नहीं है। जीटी रोड पर कट का जो मामला है, वह लॉकडाउन की वजह से नहीं उठाया जा रहा है। कोई भी प्रधान नाराज नहीं है। लॉकडाउन के चलते कट वाला मुद्दा नहीं उठाया गया है। इसलिए नाराजगी बढ़ रही

1- संयुक्त व्यापार मंडल ने वादा किया था कि लालबत्ती का कट खोला जाएगा। अब इस मामले पर चुप्पी साध ली गई है।

2- सुरेश बवेजा के थड़े को लेकर एक राय नहीं है। कुछ प्रधान चाहते हैं कि व्यापार मंडल सामने आए, कुछ चाहते हैं कि चुप रहें। इस्तीफा वापस नहीं लूंगा

निशांत सोनी का कहना है कि वह इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। वह अपने मेन बाजार को ही अच्छे से संभालना चाहते हैं। बाजार प्रधानों की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते। निभा नहीं सकने वाले वादे क्यों करते हैं

शाह मार्केट के प्रधान महेंद्र हुड़िया का कहना है कि वह व्यापार मंडल के साथ हैं। पर प्रधान सुनील अरोड़ा को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था कि जिसे निभाया नहीं जा सकता। निशांत सोनी को मना लेंगे।

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