मातृदेवो भव, पितृदेवो भव, नीरज चोपड़ा का एक छोटा सा सपना और उनकी सादगी

इस सप्‍ताह के कालम स्ट्रेट ड्राइव में पढि़ए किस तरह नीरज चोपड़ा ने एक बार फि‍र से देश का दिल जीता। एक खबर पानीपत के गोहाना रोड की जहां पर अफसरशाही की वजह से होने लगे हादसे। और कुरुक्षेत्र के नरकातारी में पेड़ कटने पर छिड़ा है आरोपों का महाभारत।

Anurag ShuklaTue, 14 Sep 2021 09:09 AM (IST)
नीरज चोपड़ा अपने माता पिता के साथ।

पानीपत, [रवि धवन]। नीरज चोपड़ा ने ओलिंपिक में देश को स्वर्णिम गौरव की अनुभूति दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब नीरज से मिले तो उनके भाले को भी निहारते रहे। भाला उठाने वाले नीरज को अब धर्मराज युद्धिष्ठिर भी कहा जाने लगा है, क्योंकि युद्धिष्ठिर भाला युद्ध में निपुण थे। नीरज ने छोटी सी उम्र में सादगी, संस्कारों के बड़े उदाहरण सामने रख दिए हैं। पंचकूला के नसीम ने जब खुद को नीरज का कोच कहा तो नीरज ने खुद आगे आकर बताया कि जयवीर उनके पहले कोच थे और गुरु देवो भव का उद्घोष कर दिया। नीरज ने हाल ही में मां-पिता को प्लेन में घुमाया तो लिखा कि एक छोटा सपना पूरा हो गया। और इसी के साथ नीरज ने मातृ देवो भव, पितृ देवो भव की भारतीय परंपरा को रेखांकित कर दिया। सौ में सीधी बात यह कि गोल्ड मेडल जीतकर भी नीरज नहीं बदले हैं और वह बदलेंगे भी नहीं।

विकास की पिच पर अफसरशाही की नो बाल

गोहाना रोड के विकास की पिच पर अफसरशाही की खराब फिल्डिंग ने दुकानों और शोरूम के मालिकों को रूला दिया है। खंभों को हटाए बिना ही ठेकेदार ने गड्ढे खोद दिए। सड़क तभी बनेगी, जब खंभे हटेंगे। बिजली निगम ने अब तक एस्टीमेट ही बनाकर नहीं दिए। पीडब्ल्यूडी के जिस एक्सईएन अजीत सिंह की कप्तानी में काम हो रहा था, उनका तबादला सोनीपत कर दिया गया। भाजपा के सांसद और विधायक के दरबार में भी मसला नहीं सुलझा तो डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला तक आवाज पहुंचाई। चौटाला से मिलकर लौटे तो दुकानदारों के चेहरे पर रौनक थी, बाद में पता चला कि ठेकेदार ही जजपा नेता सुरेश काला का रिश्तेदार है। अब वो किसी की नहीं सुन रहा। सीधी बात कहने वाले सांसद संजय भाटिया को यहां तक कहना पड़ा, क्या चुनाव में हमारी पर्ची काटने वाला भी नहीं छोड़ोगे। उन्हें एहसास है, खराब फिल्डिंग ने माहौल बिगाड़ दिया है।

भीष्म कुंड में हरियाली की बलि

नरकातारी। कुरुक्षेत्र का गांव। यही वो जगह है, जहां अर्जुन ने पर्जन्य अस्त्र चलाकर धरती से पानी निकाला और पितामह भीष्म की प्यास को शांत किया। इस जगह को भीष्म कुंड के नाम से जाना जाता है। आज इसकी चर्चा इसलिए, क्योंकि इसी जगह पर हरियाली की बली दे दी गई। पांच हरे भरे पेड़ काट दिए गए। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) ने जांच करके बता दिया कि तीर्थ स्थल के दोनों महंत, ठेकेदार, पूर्व सरपंच और केडीबी के सफाई कर्मचारी की वजह से पेड़ कटे। इसी जांच की जांच करने के लिए पुलिस ने अलग से फिल्डिंग लगा दी है। जिस तीर्थ स्थल पर दक्षिण भारत तक से श्रद्धालु स्नान करने आते हैं, उसी जगह पर सरेआम पेड़ कट रहे हैं। एक दूसरे पर आरोपों का महाभारत छिड़ा है। ये हालात तो तब हैं, जब मनोहर सरकार तीर्थ स्थलों का सौंदर्यीकरण बढ़ा रही है। नरकातारी आंसू बहा रहा है।

आप आएं तो बात बन जाए

वैसे हरियाणा में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल हरियाणा के ही हैं। राज्यसभा सदस्य सुशील गुप्ता को उन्होंने हरियाणा में पार्टी के प्रचार-प्रसार और संगठन को मजबूत बनाने का काम सौंप रखा है। अभी तो आप की निगाहें उत्तराखंड और पंजाब पर हैं, लेकिन हरियाणा का एक खास आचमनिस्ट वर्ग चाहता है कि आप हरियाणा में भी सरकार में आ जाए तो अच्छा रहेगा। उनका कहना है कि दिल्ली में सुरा की होम डिलीवरी की व्यवस्था सरकार ने कर दी है। आप वाले सरकार में आ जाएंगे तो यहां भी लागू करेंगे। अभी कई बार सुरा आचमन की इच्छा होने पर दूर जाना पड़ता है। पार्टी चल रही हो और कम पड़ जाए तो दिक्कत होती है। आप के आ जाने के बाद ये दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। सरकार को राजस्व मिलेगा। प्रदेश के विकास का रथ और तेज गति से दौड़ने लगेगा।

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